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हमलावर को कारावास और जुर्माने की सजा
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:11 AM IST
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14 साल बाद हमलावर को मिली सजा
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या की कोशिश के मामले में एक युवक को पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वारदात के 14 वर्ष बाद कोर्ट का निर्णय आया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नई आबादी कैराना के इंद्रपाल पुत्र चेतराम ने कैराना थाने पर एक सितंबर 2003 मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अभियुक्त देवेंद्र पुत्र निर्मल निवासी सिलावर के साथ कमेटी डालने का कार्य करता था। मगर दोनों में पैसे के हिसाब में फर्क आने के बाद दुश्मनी हो गई। घटना के दिन एक सितंबर को देवेंद्र ने इंद्रपाल से कहा कि हिसाब करने के लिए शामली जाना पड़ेगा। जैसे ही ये दोनों लोग बायवाला के पास पहुंचे देवेंद्र के दो साथी और मिले। जहां इंद्रपाल को तमंचे से गोली मारकर देवेंद्र और उसके साथी फरार हो गए। जिससे इंद्रपाल घायल हो गया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2 में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त देवेंद्र को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए धारा 307 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या की कोशिश के मामले में एक युवक को पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वारदात के 14 वर्ष बाद कोर्ट का निर्णय आया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नई आबादी कैराना के इंद्रपाल पुत्र चेतराम ने कैराना थाने पर एक सितंबर 2003 मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अभियुक्त देवेंद्र पुत्र निर्मल निवासी सिलावर के साथ कमेटी डालने का कार्य करता था। मगर दोनों में पैसे के हिसाब में फर्क आने के बाद दुश्मनी हो गई। घटना के दिन एक सितंबर को देवेंद्र ने इंद्रपाल से कहा कि हिसाब करने के लिए शामली जाना पड़ेगा। जैसे ही ये दोनों लोग बायवाला के पास पहुंचे देवेंद्र के दो साथी और मिले। जहां इंद्रपाल को तमंचे से गोली मारकर देवेंद्र और उसके साथी फरार हो गए। जिससे इंद्रपाल घायल हो गया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2 में हुई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त देवेंद्र को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए धारा 307 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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