{"_id":"598b61d44f1c1b86628b46e4","slug":"101502306772-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरित्रवान राजा का प्रजा पर पड़ता है प्रभाव: आर्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरित्रवान राजा का प्रजा पर पड़ता है प्रभाव: आर्य
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरित्रवान राजा का प्रजा पर पड़ता है प्रभाव
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज बसेड़ा में वैदिक धर्म प्रचार का शुभारंभ यज्ञ एवं वेद मंत्रों से हुआ। यज्ञमान देवपाल आर्य और कृष्णपाल आर्य रहे। वेदपाठ आचार्य देवपाल शास्त्री ने किया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि हमारे मंत्री और विधायक चरित्रवान, सदाचारी और सत्यवादी होने चाहिए। जनता पर इनका प्रभाव पड़ता है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के श्रेष्ठ चरित्र और कर्म को हम आज तक याद करते हैं। यज्ञ करने वाला संसार का सबसे बड़ा हितैषी है। यज्ञ, योग हमारी संस्कृति का मुख्य अंग है। प्रधान जोरावर सिंह आर्य, मंत्री राजपाल सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष अशोक आर्य, जगबीर सिंह आर्य ने विचार रखे। संचालन धर्मवीर सिंह आर्य ने की।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज बसेड़ा में वैदिक धर्म प्रचार का शुभारंभ यज्ञ एवं वेद मंत्रों से हुआ। यज्ञमान देवपाल आर्य और कृष्णपाल आर्य रहे। वेदपाठ आचार्य देवपाल शास्त्री ने किया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि हमारे मंत्री और विधायक चरित्रवान, सदाचारी और सत्यवादी होने चाहिए। जनता पर इनका प्रभाव पड़ता है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के श्रेष्ठ चरित्र और कर्म को हम आज तक याद करते हैं। यज्ञ करने वाला संसार का सबसे बड़ा हितैषी है। यज्ञ, योग हमारी संस्कृति का मुख्य अंग है। प्रधान जोरावर सिंह आर्य, मंत्री राजपाल सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष अशोक आर्य, जगबीर सिंह आर्य ने विचार रखे। संचालन धर्मवीर सिंह आर्य ने की।