योगी सरकार की सख्ती: आजम खां के बाद अब सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर कार्रवाई तेज, प्रदेश की गर्मा गई राजनीति
योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी के नेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आजम खां के बाद अब संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। उन पर बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके मकान पर अवैध निर्माण के चलते बुलडोजर चलाया गया है।
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योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आजम खां के बाद अब संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क कार्रवाई जद में हैं। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां पर भ्रष्टाचार, भूमि कब्जा, और अन्य आरोपों में कई मुकदमे दर्ज हुए हैं।
उनकी जौहर यूनिवर्सिटी पर छापेमारी, संपत्तियों की जब्ती, और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाइयां की गई हैं। इन कदमों से आजम खां की राजनीतिक स्थिति लगातार कमजोर होती गई। दूसरी तरफ संभल में हिंसा के बाद सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
उनके खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही विद्युत विभाग ने उनके घर का कनेक्शन काट दिया है। उनके मकान पर अवैध निर्माण के आरोप में बुलडोजर चलाया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा को अपराधियों का प्रोडक्शन हाउस कहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार सपा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है।
सपा सांसद पर बिजली चोरी में 1.91 करोड़ा का जुर्माना
सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर में बिजली चोरी का मामला पकड़े जाने पर बिजली विभाग ने जुर्माने की बड़ी कार्रवाई की है। 1.91 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। सांसद को नोटिस जारी किया है। अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि जुर्माना तय कर दिया है।
साथ ही नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि सांसद और पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से दो मीटर लगे हैं। दोनों की क्षमता चार किलोवाट है। दोनों ही मीटर से छेड़खानी कर बिजली चोरी की गई।
इसी क्रम में जुर्माना बनाया गया है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मंगलवार को सांसद और पूर्व सांसद के नाम से लगे बिजली के पुराने मीटर बदले गए थे। उन मीटर की एमआरआई कराने पर गड़बड़ी पकड़ी गई थी। जितना भार था उससे कहीं ज्यादा कम यूनिट मीटर में मिले।
स्मार्ट मीटर लगाने के बाद इस्तेमाल किए जाने वाले भार की जानकारी हुई थी। इसके बाद ही चेकिंग की गई। जिसमें बिजली चोरी का पूरा खुलासा हो सका।