Year Ender 2023: मुरादाबाद एयरपोर्ट को हवाई उड़ान का लाइसेंस, विश्वविद्यालय की सौगात..अन्य प्रोजेक्ट हुए मंजूर
मुरादाबाद मंडल के लोगों के लिए वर्ष 2023 उपलब्धियों भरा रहा। हवाई अड्डे को उड़ान का लाइसेंस मिलने के साथ शहर में कई प्रोजेक्टों को मंजूरी मिली। इसके साथ ही सरकार ने विश्वविद्यालय तैयार करने की दे मंजूरी दी है। लंबे समय से पुल और सड़क के लिए तरस रहे दरियापुर गांव को दोहरी सौगात मिली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुरादाबाद से हवाई उड़ान के सपने को इस साल पंख लगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने मूंढापांडे हवाई अड्डे से उड़ान के लिए लाइसेंस जारी कर दिया। मंडल के विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही सरकारी विश्वविद्यालय की मांग को भी ऊंची उड़ान मिली। शासन ने विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ का बजट जारी कर दिया।
यही नहीं आजादी के बाद से पुल और सड़क के लिए तरस रहे दरियापुर गांव के लोगों के लिए साल 2023 उपलब्धियों भरा रहा। गांव को पुल और सड़क से जोड़ने के लिए शासन से धनराशि जारी कर दी गई। वहीं शहरवासियों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए करीब 34 किमी लंबी रिंग रोड के निर्माण का भी काम शुरू हो गया।
इसके अलावा 14 साल बाद मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने 205 करोड़ रुपये की चार योजनाओं को लॉन्च किया। शहर के 48 परिषदीय विद्यालय स्मार्ट हुए। मुरादाबाद परिक्षेत्र को रोडवेज की 78 नई बसें मिलीं। ये सभी बीएस-6 बसें हैं।
लाइसेंस पाने में लग गए तीन साल
साल 2023 मुरादाबाद को हवाई अड्डे के लाइसेंस का तोहफा देकर जा रहा है। वहीं आने वाला साल उड़ान की उम्मीदें लेकर आ रहा है। हवाई पट्टी से हवाई अड्डा बनने तक का सफर 10 साल में पूरा हुआ। इसके बाद 3 साल का इंतजार लगा, लाइसेंस पाने में। डीजीसीए की ओर से बताई गईं तमाम खामियों को दूर करने के बाद आखिरकार नवंबर 2023 में हवाई अड्डे को उड़ान के लिए लाइसेंस मिल गया।
मध्य जनवरी 2024 तक यहां से लोकार्पण की तारीख भी घोषित हो जाएगी। अपने शहर से 19 सीटर विमान में लोग लखनऊ व कानपुर की यात्रा कर सकेंगे। उससे भी सुविधाजनक यह रहेगा की हवाई सफर ट्रेन जितने किराये में हो सकेगा। एक दशक पहले मुरादाबाद से दिल्ली के लिए उड़ान की मांग थी।
क्योंकि सड़क मार्ग अच्छा न होने के कारण विदेशी ग्राहक पीतलनगरी की फैक्टरियों में आकर उत्पाद नहीं देख पाते थे। यहां के निर्यातकों को दिल्ली या मुंबई जाकर अपने उत्पाद दिखाने पड़ते थे। अब चूंकि हाईवे सिक्स लेन हो गया है। मुरादाबाद से दिल्ली तक का सफर दो से ढाई घंटे में पूरा हो जाता है।
इसलिए दिल्ली के बजाय लखनऊ व कानपुर को वायु मार्ग से जोड़ा गया है।अब तक बस से लखनऊ जाने में सात घंटे व ट्रेन से सफर करने में साढ़े पांच घंटे लगते हैं। हवाई जहाज से यह सफर एक घंटे में पूरा हो जाएगा। इसी तरह कानपुर के लिए भी एक से सवा घंटा लगेगा।
प्रोजेक्ट पर एक नजर
- 2008 में बनी थी मूंढापांडे हवाई पट्टी
- 2014 में हवाई अड्डा बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एएआई से किया समझौता
- 52 हेक्टेयर जमीन पर लगभग 21 करोड़ की लागत से शुरू हुआ काम
- 2019 में 80 प्रतिशत निर्माण हुआ पूरा
- 2019 में भराव की मिट्टी में गड़बड़ करने वाले तीन इंजीनियर हुए निलंबित
- जनवरी 2020 में डीजीसीए ने किया था भौतिक निरीक्षण
- फरवरी 2020 में डीजीसीए के बताए बिंदुओं पर शुरू हुआ काम
- मार्च 2020 में कोरोना के कारण रुक गया निर्माण
- 2021 में 12 करोड़ रुपये बजट में बढ़ाए गए
- 2022 में डीजीसीए ने फिर बताईं आपत्तियां
- प्रदेश सरकार ने सुधार के लिए करीब 70 करोड़ रुपये और किए जारी
- अगस्त 2023 में डीजीसीए की टीम ने किया निरीक्षण
- नवंबर 2023 में मिल गया उड़ान के लिए लाइसेंस
अगले सत्र से शुरू हो सकता है सरकारी विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद को सरकारी विश्वविद्यालय देते हुए 50 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले विश्वविद्यालय को अस्तित्व में लाने के लिए शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से भी मुरादाबाद में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जरूरी सूचनाएं मांगी जा रही है।
उम्मीद है कि नए वर्ष में कुलपति या कुलसचिव की नियुक्ति हो जाएगी। मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद के अलावा रामपुर, अमरोहा, संभल और बिजनौर जनपद के 349 महाविद्यालयों में लगभग ढाई लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। मुरादाबाद में राज्य विश्वविद्यालय न होने की वजह से सभी राजकीय, अशासकीय और निजी महाविद्यालयों की संबद्धता एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से है। मुरादाबाद विश्वविद्यालय बनते ही महात्मा ज्योतिबाफुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 587 कॉलेजों में से 349 कॉलेज कम हो जाएंगे।
परिषदीय विद्यालय हुए स्मार्ट मुरादाबाद को 11वां स्थान
वर्ष 2023 ने परिषदीय विद्यालयों की काया ही बदल दी है। नगर निगम की स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर के 48 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है। अब ये विद्यालय मूलभूत सुविधाओं के अलावा आधुनिक तकनीक से लैस होने की वजह से निजी विद्यालयों को टक्कर दे रहे हैं। इसी वजह से मुरादाबाद को मिशन कायाकल्प के तहत प्रदेश में 11वां स्थान मिला है।
गत वर्ष तक बेसिक शिक्षा विभाग के नगर के ज्यादातर विद्यालय बदहाल नजर आते थे। कुछ स्कूल तो जर्जर हो चुके थे। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के भवनों का जीर्णोद्धार और अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना था। स्मार्ट सिटी द्वारा स्मार्ट स्कूल घोषित कर बेसिक शिक्षा विभाग को दिए गए विद्यालयों में अब डिजिटल पढ़ाई होती है। उन्हें वाईफाई की सुविधा दी गई है।
सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल देने के लिए विद्यालयों में आरओ लगाए गए हैं। इसके अलावा आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय, दिव्यांग शौचालय, दीवारों पर चित्रकारी, फर्नीचर आदि सुनिश्चित हुआ हैं। परिसर का आधुनिकीकरण किया गया हैं, इसमें टाइल्स लगाने के अलावा पौधे लगाए गए हैं। कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों के खेलने के लिए बढि़या मैदान भी तैयार किया गया है।
दिल्ली रूट पर दौड़ रहीं 78 बीएस-6 बसें
मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन मुख्यालय से मुरादाबाद जोन को 78 बीएस-6 बसें मिली हैं। सभी बसों का संचालन दिल्ली रूट पर किया जा रहा है। एक नवंबर से दिल्ली में बीएस-4 बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
जिस वजह से मुरादाबाद जोन से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बीएस-6 बसों के लिए प्रयास किया जा रहा था। क्षेत्रीय प्रबंधक परवेज खान ने बताया कि मुरादाबाद जोन को कुल 78 बसें मिली हैं। ये बसें मुरादाबाद, पीतलनगरी, रामपुुर, अमरोहा, चांदपुर, नजीबाबाद और बिजनौर डिपो में भेजी जा चुकी हैं। इन्हें दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है।