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पत्नी की मांग, मजदूरों का बकाया और घर खर्च की परेशानी ने लिखी कलह की कहानी

Sun, 08 Aug 2021 02:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Aug 2021 02:40 AM IST
सार

  • आए दिन के झगड़ों से तंग आई प्रीति के अंदर गुस्से का उबाल था
  • शुक्रवार को जब देवेंद्र काम पर गया तो उसने सोचा भी नहीं था कि उसके पीछे पत्नी अपने ही बेटों के प्रति बेरहम बन जाएगी

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Wifes demand and dues of laborers and problems of household expenses wrote the story of discord
प्रतीकात्मक फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्म में पैसे फंसे होने से मजदूरों के भुगतान और घर के खर्च में चुनौती के कारण ठेकेदार देवेंद्र सिंह परेशान था। ऊपर से बीवी की आए दिन की मांग और नौकरी बदलने का दबाव उसको ज्यादा तनाव देता था। इसलिए अक्सर दोनों में झगड़ा होता था। इन झगड़ों से प्रीति भी परेशान थी। शुक्रवार को जब देवेंद्र काम पर गया तो उसने सोचा भी नहीं था कि उसके पीछे पत्नी अपने ही बेटों के प्रति बेरहम बन जाएगी। 

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आए दिन के झगड़ों से तंग आई प्रीति के अंदर गुस्से का उबाल था। पैकिंग ठेकेदार देवेंद्र को फर्म से उसका रुपया नहीं मिला था। इधर, मजदूर उस पर भुगतान करने का दबाव बना रहे थे। कुछ दिनों पूर्व ही मझोला थाने में मजदूरों ने भुगतान न किए जाने की शिकायत की थी तो पुलिस ने देवेंद्र को हिरासत में लिया था। बाद में यह कहने पर छोड़ दिया था कि फर्म से पैसे मिलते ही सबसे पहले मजदूरों का भुगतान करेगा। फर्म से पैसा न मिलने के कारण घर खर्च में भी दिक्कत आ रही थी। प्रीति इन्हीं सब बातों को लेकर आए दिन काम बदलने और फर्म छोड़ देने की मांग करती थी। इन्हीं सब बातों को लेकर पति-पत्नी में विवाद होता था। प्रीति गुस्से को दबाए बैठी थी।
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शुक्रवार रात को देवेंद्र फर्म गया था। शनिवार सुबह तक आने की बात कह गया था। लेकिन वह जब नहीं आया तो प्रीति के गुस्से का ठिकाना नहीं रहा। वह चेहरे से जाहिर किए बिना सबके सामने साधारण हावभाव रखकर दोनों बच्चों को बहाना बनाकर अंदर ले गई। अंदर ले जाकर पहले उसने दोनों को प्यार से सुलाया और दोनों की गर्दन रेतकर खुदकुशी की कोशिश की। जरा से विवाद के चलते देवेंद्र का पूरा परिवार बिखर गया है। अब उनके पास रोने के सिवाय कुछ नहीं है। 
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उपचाराधीन प्रीति फिलहाल किसी से बात नहीं कर रही। लेकिन थोड़ी-थोड़ी देर में अपने किए पर पछतावा कर रो जरूर रही है। परिवार वाले अब प्रीति को एक आंख नहीं देख रहे। देवेंद्र के बड़े भाई सतवंत सिंह राणा का कहना है कि अब परिवार यही चाहता है कि दक्ष सही सलामत घर आ जाए। देर रात सवा बजे उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने अब प्रीति और दक्ष्ा की हालत खतरे से बाहर बताई है।

बड़े पापा मैं ठीक हूं, मम्मी ने ऐसा क्यों किया

बड़े पापा (ताऊ) मैं और भाई घर में खेल रहे थे। तब ही मम्मी कमरे में सुलाने ले गईं। दोनों भाइयों को मम्मी ने खूब प्यार किया। इसके बाद हम सो गए थे। जागे तो मम्मी गर्दन पर चाकू चला रही थीं। भाई और मेरी गर्दन से खून निकलने लगा। इसके बाद मुझे होश नहीं रहा। बड़े पापा मम्मी ने ऐसा क्यों किया।

ये लफ्ज उस मासूम के हैं, जो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। बच्चे के इन सवालों से परिवार के सदस्यों की आंखें भी भर आईं। देवेंद्र सिंह के बड़े भाई सतवंत सिंह राणा चंदौसी में शिक्षक हैं। घर में हुए खूनी खेल की जानकारी मिलने पर वो भी चंदौसी से यहां आ गए। घर पहुंचे तो पता चला कि देवेंद्र के बड़े बेटे दक्ष और पत्नी प्रीति को टीएमयू के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि छोटे बेटे नक्ष उर्फ आदर्श की मौत हो चुकी है।

सतवंत भी अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने यहां बच्चे और उसकी मां से घटना की जानकारी लेने की कोशिश की। महिला तो कुछ ज्यादा बोल नहीं सकी, मगर दक्ष की हालत में पहले से सुधार हो गया। बड़े पापा (ताऊ) को देखकर मासूम की आंखें भर आईं। दक्ष उन्हें देखकर रोने लगा। सतवंत ने बच्चे के सिर पर हाथ रख कर उसके बालों को सहलाया और उसे प्यार किया। बोले, बेटे घबराना नहीं। ठीक हो जाएगा। दक्ष ने अपने छोटे भाई नक्ष और अपनी मां के बारे में पूछा। तब उसे भरोसा दिलाया गया कि सब ठीक हो जाएगा। बच्चे ने अपनी मां से मिलने की जिद भी की। इसी बच्चे ने अपने ताऊ से पूछा कि मम्मी ने ऐसा क्यों किया बड़े पापा।


 

कलेजे के टुकड़ों का खून बहाते हुए नहीं कांपा प्रीति का कलेजा

जिन कलेजे के टुकड़ों को प्रीति अपनी जान से भी ज्यादा प्यार कर रही थी। अचानक उन मासूमों की गर्दन रेतते हुए मां के हाथ नहीं कांपे। प्रीति को इस कदर गुस्सा था कि उसने ठान ली थी कि वह दोनों बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर लेगी। एक बेटे को मौत की नींद सुलाने के बाद प्रीति ने दूसरे बेटे की भी गर्दन भी रेत दी। वो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

कटघर के देवेंद्र सिंह की शादी दस साल पहले मूंढापांडे के गोवर्धनपुर निवासी प्रीति के साथ हुई थी। देवेंद्र की मां मुन्नी देवी ने बताया कि बेटा देवेंद्र पीतल फर्म में ठेकेदारी करता है।

पिछले कई दिन से प्रीति और देवेंद्र के बीच विवाद चल रहा था। मुन्नी ने पुलिस को बताया कि प्रीति ने देवेंद्र से कहा था कि वह तीज पर साड़ी खरीदेगी। देवेंद्र ने कहा था कि अभी फैक्टरी से रुपये नहीं मिल रहे हैं। तब प्रीति ने दबाव बनाया था कि वह फैक्टरी का काम छोड़कर कोई दूसरा काम करें। इसी बात को लेकर विेवाद चल रहा था। शनिवार दोपहर प्रीति दोनों बच्चों को अपने कमरे में ले गई और बेड पर दोनों की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया था। इसके बाद उसने खुद भी अपनी गर्दन काट ली थी। 

महिला की करतूत से ग्रामीण सन्न
महिला प्रीति की करतूत से ग्रामीण भी सन्न रह गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने ग्रामीणों से पूछताछ की। तब उन्होंने बताया कि हम तो खुद ही हैरान हैं कि शांत स्वभाव की महिला ने अचानक इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे डाला।

कई व्यापार किए, किसी में सफलता नहीं मिली
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि देवेंद्र सिंह ने कई व्यापार किए, मगर किसी भी व्यापार में उसे सफलता नहीं मिल पाई। जिस कारण उसने फैक्टरी में पैकिंग की ठेकेदारी शुरू
कर दी थी। यहां भी ठेकेदारी के रुपये नहीं मिल पा रहे थे। जिस कारण वह पत्नी और बच्चों पर ज्यादा खर्चा नहीं कर पा रहा था। 

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