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Moradabad News: प्रीतम नगर में जलभराव, सड़कें चलने लायक नहीं
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मुरादाबाद। लाइनपार क्षेत्र में फल एवं सब्जी मंडी समिति परिसर के किनारे ही प्रीतम नगर का क्षेत्र जलभराव से प्रभावित हो रहा है। मुख्य सड़क ऊंची बना दिए जाने के कारण यहां की जल निकासी बंद हो गई है। हर रोज यहां की घोड़े वाली गली में पानी भर जाता है। यदि बारिश हो जाए तो लोगों के घरों में पानी घुसने लगता है। सड़कों की हालत भी खस्ता हो चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पहले बनी थी। उसके किनारे जो नालियां थी, उन्हीं के सहारे इस कॉलोनी का घरेलू पानी मुख्य नाले में जाता था। कुछ समय पहले निगम ने यहां सड़क बनाई तो उसे ऊंचा कर दिया। समस्या तब खड़ी हो गई, जब सड़क के साथ साथ दोनों ओर बनी नालियों को भी ऊंचा कर दिया गया। अब कॉलोनी के घर नीचे हो गए और सड़क ऊंची हो गई।
नालियों के जरिये घरों का पानी मुख्य नाले में जाना बंद हो गया है। इससे पूरी गली में जलभराव रहता है। यहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों को भी सुबह इसी जलभराव को पार करके स्कूल जाना पड़ता है। कभी कभी वह गिर जाते हैं तो ड्रेस व किताबें खराब हो जाती है। कई बार नगर निगम को इस समस्या से अवगत कराया लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
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- प्रीतम नगर में जलभराव की समस्या तो स्वयं नगर निगम ने ही पैदा की है। पहले यहां जलभराव नहीं होता था, लेकिन मुख्य नाली ऊंची करने के बाद समस्या हो गई।
लक्ष्मी
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- मुख्य सड़क या नाली को ऊंची करने से पहले कम से कम कॉलोनी के जल निकासी के बारे में तो विचार किया जाना चाहिए था, वैकल्पिक व्यवस्था करते।
रीना
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- हर रोज तो जलभराव होता है, तो ऐसे में सफाई की क्या उम्मीद की जा सकती है। सफाई वाली इस गली में घुसते ही नहीं है, पूरी गली टूट चुकी है।
सोनम
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- प्रीतम नगर की घोड़े वाली तो कभी साफ होती ही नहीं है। यह गली काफी गंदी रहती है। सुबह को पानी भरता है, दोपहर तक निकलता है। शाम को फिर भर जाता है।
रविता
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- समस्या का समाधान दो ही तरीके से हो सकता है। पहला तो यह कि मुख्य सड़क के किनारे वाली नाली की गहराई बढ़ाएं, या गलियों की नालियां ऊंची करें।
सुनीता
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- प्रीतम नगर की अन्य गलियां तो बन चुकी है लेकिन घोड़े वाली गली तो लंबे समय से बनी ही नहीं है, जिसके कारण पूरी सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है।
कलावती
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- कॉलोनी के अंदर की नालियों की सफाई कभी नहीं होती है, जिसके कारण घरेलू पानी भी आसानी से पास नहीं होता है और सड़को पर भरने लगता है।
रामकली
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नगर निगम को इस समस्या को गंभीरता से लेकर नालियों को फिर से मैपिंग करके उनकी सतह को मुख्य नाले के बराबर करनी चाहिए, तभी जल निकासी होगी।
राजवीर
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- प्रीतम नगर की जल निकासी की व्यवस्था उचित नहीं है, जब भी बारिश होती है तो पूरी कॉलोनी में ही पानी ही पानी नजर आने लगता है।
नीरज पाल
-
- इसी गली में कई दुकानें हैं, सुबह शाम जलभराव होने के कारण ग्राहक तो दुकानों पर आते ही नहीं, दुकानदार खुद बी अपनी दुकानों तक मुश्किल से पहुंचते हैं।
शैलेंद्र सिंह
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- यह इलाका मंडी समिति से सटा हुआ है। दूसरी ओर गत्ता फैक्टरी भी है। एकता कॉलोनी, एमडीए की कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों का रास्ता यहीं से है।
कमल कुमार
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- यहां पीने का पानी भी अक्सर गंदा ही आता है। पानी इतना पीला होता है कि कपड़े धोने पर कपड़े भी खराब होने लगते हैं। यह समस्या लंबे समय से है।
अनिल सागर
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वर्जन
लाइनपार क्षेत्र में तो लगातार प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, सफाई भी नियमित कराई जा रही है, कहीं कोई दिक्कत है तो निगम कार्यालय में शिकायत करें, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त
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स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पहले बनी थी। उसके किनारे जो नालियां थी, उन्हीं के सहारे इस कॉलोनी का घरेलू पानी मुख्य नाले में जाता था। कुछ समय पहले निगम ने यहां सड़क बनाई तो उसे ऊंचा कर दिया। समस्या तब खड़ी हो गई, जब सड़क के साथ साथ दोनों ओर बनी नालियों को भी ऊंचा कर दिया गया। अब कॉलोनी के घर नीचे हो गए और सड़क ऊंची हो गई।
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नालियों के जरिये घरों का पानी मुख्य नाले में जाना बंद हो गया है। इससे पूरी गली में जलभराव रहता है। यहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों को भी सुबह इसी जलभराव को पार करके स्कूल जाना पड़ता है। कभी कभी वह गिर जाते हैं तो ड्रेस व किताबें खराब हो जाती है। कई बार नगर निगम को इस समस्या से अवगत कराया लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
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- प्रीतम नगर में जलभराव की समस्या तो स्वयं नगर निगम ने ही पैदा की है। पहले यहां जलभराव नहीं होता था, लेकिन मुख्य नाली ऊंची करने के बाद समस्या हो गई।
लक्ष्मी
- मुख्य सड़क या नाली को ऊंची करने से पहले कम से कम कॉलोनी के जल निकासी के बारे में तो विचार किया जाना चाहिए था, वैकल्पिक व्यवस्था करते।
रीना
- हर रोज तो जलभराव होता है, तो ऐसे में सफाई की क्या उम्मीद की जा सकती है। सफाई वाली इस गली में घुसते ही नहीं है, पूरी गली टूट चुकी है।
सोनम
- प्रीतम नगर की घोड़े वाली तो कभी साफ होती ही नहीं है। यह गली काफी गंदी रहती है। सुबह को पानी भरता है, दोपहर तक निकलता है। शाम को फिर भर जाता है।
रविता
- समस्या का समाधान दो ही तरीके से हो सकता है। पहला तो यह कि मुख्य सड़क के किनारे वाली नाली की गहराई बढ़ाएं, या गलियों की नालियां ऊंची करें।
सुनीता
- प्रीतम नगर की अन्य गलियां तो बन चुकी है लेकिन घोड़े वाली गली तो लंबे समय से बनी ही नहीं है, जिसके कारण पूरी सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है।
कलावती
- कॉलोनी के अंदर की नालियों की सफाई कभी नहीं होती है, जिसके कारण घरेलू पानी भी आसानी से पास नहीं होता है और सड़को पर भरने लगता है।
रामकली
नगर निगम को इस समस्या को गंभीरता से लेकर नालियों को फिर से मैपिंग करके उनकी सतह को मुख्य नाले के बराबर करनी चाहिए, तभी जल निकासी होगी।
राजवीर
- प्रीतम नगर की जल निकासी की व्यवस्था उचित नहीं है, जब भी बारिश होती है तो पूरी कॉलोनी में ही पानी ही पानी नजर आने लगता है।
नीरज पाल
-
- इसी गली में कई दुकानें हैं, सुबह शाम जलभराव होने के कारण ग्राहक तो दुकानों पर आते ही नहीं, दुकानदार खुद बी अपनी दुकानों तक मुश्किल से पहुंचते हैं।
शैलेंद्र सिंह
- यह इलाका मंडी समिति से सटा हुआ है। दूसरी ओर गत्ता फैक्टरी भी है। एकता कॉलोनी, एमडीए की कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों का रास्ता यहीं से है।
कमल कुमार
- यहां पीने का पानी भी अक्सर गंदा ही आता है। पानी इतना पीला होता है कि कपड़े धोने पर कपड़े भी खराब होने लगते हैं। यह समस्या लंबे समय से है।
अनिल सागर
वर्जन
लाइनपार क्षेत्र में तो लगातार प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, सफाई भी नियमित कराई जा रही है, कहीं कोई दिक्कत है तो निगम कार्यालय में शिकायत करें, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त