{"_id":"5f36f7238ebc3e41121d12f0","slug":"water-lebal-increase-on-the-kalagarh-dam-city-news-mbd3592082103","type":"story","status":"publish","title_hn":"लबालब हुआ कालागढ़ का डैम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लबालब हुआ कालागढ़ का डैम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद/ कालागढ़ (बिजनौर)।
रामगंगा बांध प्रशासन ने रामगंगा बांध से पानी की निकासी करने से पूर्व रामगंगा नदी के तटों पर सतर्कता बरतने को बाढ़ चेतावनी जारी की है। जिसमें मुरादाबाद, मेरठ, बरेली व कानपुर के आयुक्त, पुलिस उपमहानिरीक्षक के अलावा जिलाधिकारियों को बाढ़ चेतावनी जारी की है।
रामगंगा बांध के अधीक्षण अभियंता एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने बांध का दौरा कर जलाशय व वर्षा का जायजा लिया है। सुरक्षा के तौर पर अधिकारियों से वार्ता कर विभागीय आदेशों के अनुपालन में जनहित में बाढ़ चेतावनी जारी की जा रही है। हालांकि जून के महीने में ही प्रशासन को रामगंगा नदी के तटों पर बाढ़ आदि को लेकर चेतावनी जारी की जा चुकी है। शुक्रवार को बांध का जलस्तर 354 मीटर से अधिक हो गया। दो तीन दिनों में जलस्तर 355 मीटर हो जाएगा। उसके बाद पानी की निकासी की जाएगी। पिछले दस वर्षों में रामगंगा नदी का प्रवाह 30 हजार क्यूसेक रहा है। चारों कमिश्नरी के सात जिलाधिकारियों बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद व अमरोहा को बाढ़ चेतावनी जारी कर दी गई है। पानी की निकासी से पहले नदी के तटों पर जाने वाले व्यक्ति सावधानी बरतें। नदी में न जाएं। नदी में अधिक बारिश होने पर 25 हजार क्यूसेक से 75 हजार क्यूसेक, मध्यम बाढ़ के दौरान 1.25 लाख क्यूसेक तक, उच्च बाढ़ में 1.75 लाख क्यूसेक व अंकन बाढ़ में इससे भी अधिक पानी की निकासी का प्राविधान है। पानी की निकासी नदी के प्रवाह पर निर्भर करेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि नदी में पानी चलना एक सामान्य प्रक्रिया है। इससे भयभीत न होकर नदी के तटों से दूर रहने का प्रयास किया जाए।
तीन जून को भी हुआ था अलर्ट
रामगंगा बांध मंडल कालागढ़ के अधीक्षण अभियंता ने तीन जून को भी पत्र लिखकर इन सभी जिलाधिकारियों को चेताया था। इस पर यहां तैयारियां शुरू की गई थीं। प्रशासन का दावा है कि 34 बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। तीन चौकी बाढ़ खंड की ओर से बनाई हैं
विज्ञापन
रामगंगा का जलस्तर भी 65 सेमी बढ़ा
मुरादाबाद। मुरादाबाद में रामगंगा का जल स्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। शुक्रवार को रामगंगा का जल स्तर 65 सेंटीमीटर बढ़कर 189.05 मीटर पहुंच गया। जबकि गंगा का जलस्तर मात्र पांच सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ 198.55 मीटर हो गया है। रामगंगा का यह जल स्तर इस बारिश के सीजन का सबसे अधिक जल स्तर है। पिछले दो दिनों में रामगंगा का जलस्तर 95 सेंटीमीटर बढ़ा है। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि रामगंगा का यह जल स्तर इस बारिश के सीजन में अब तक का सबसे अधिक जलस्तर है। लेकिन इसके बाद भी फिलहाल जिले में अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। कटान आदि रोकने को पूर्व में बनाई गई ठोकरें आदि को भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इसके बाद भी एहतियात के तौर पर बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
रामगंगा बांध प्रशासन ने रामगंगा बांध से पानी की निकासी करने से पूर्व रामगंगा नदी के तटों पर सतर्कता बरतने को बाढ़ चेतावनी जारी की है। जिसमें मुरादाबाद, मेरठ, बरेली व कानपुर के आयुक्त, पुलिस उपमहानिरीक्षक के अलावा जिलाधिकारियों को बाढ़ चेतावनी जारी की है।
रामगंगा बांध के अधीक्षण अभियंता एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने बांध का दौरा कर जलाशय व वर्षा का जायजा लिया है। सुरक्षा के तौर पर अधिकारियों से वार्ता कर विभागीय आदेशों के अनुपालन में जनहित में बाढ़ चेतावनी जारी की जा रही है। हालांकि जून के महीने में ही प्रशासन को रामगंगा नदी के तटों पर बाढ़ आदि को लेकर चेतावनी जारी की जा चुकी है। शुक्रवार को बांध का जलस्तर 354 मीटर से अधिक हो गया। दो तीन दिनों में जलस्तर 355 मीटर हो जाएगा। उसके बाद पानी की निकासी की जाएगी। पिछले दस वर्षों में रामगंगा नदी का प्रवाह 30 हजार क्यूसेक रहा है। चारों कमिश्नरी के सात जिलाधिकारियों बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद व अमरोहा को बाढ़ चेतावनी जारी कर दी गई है। पानी की निकासी से पहले नदी के तटों पर जाने वाले व्यक्ति सावधानी बरतें। नदी में न जाएं। नदी में अधिक बारिश होने पर 25 हजार क्यूसेक से 75 हजार क्यूसेक, मध्यम बाढ़ के दौरान 1.25 लाख क्यूसेक तक, उच्च बाढ़ में 1.75 लाख क्यूसेक व अंकन बाढ़ में इससे भी अधिक पानी की निकासी का प्राविधान है। पानी की निकासी नदी के प्रवाह पर निर्भर करेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि नदी में पानी चलना एक सामान्य प्रक्रिया है। इससे भयभीत न होकर नदी के तटों से दूर रहने का प्रयास किया जाए।
विज्ञापन
तीन जून को भी हुआ था अलर्ट
रामगंगा बांध मंडल कालागढ़ के अधीक्षण अभियंता ने तीन जून को भी पत्र लिखकर इन सभी जिलाधिकारियों को चेताया था। इस पर यहां तैयारियां शुरू की गई थीं। प्रशासन का दावा है कि 34 बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। तीन चौकी बाढ़ खंड की ओर से बनाई हैं
विज्ञापन
रामगंगा का जलस्तर भी 65 सेमी बढ़ा
मुरादाबाद। मुरादाबाद में रामगंगा का जल स्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। शुक्रवार को रामगंगा का जल स्तर 65 सेंटीमीटर बढ़कर 189.05 मीटर पहुंच गया। जबकि गंगा का जलस्तर मात्र पांच सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ 198.55 मीटर हो गया है। रामगंगा का यह जल स्तर इस बारिश के सीजन का सबसे अधिक जल स्तर है। पिछले दो दिनों में रामगंगा का जलस्तर 95 सेंटीमीटर बढ़ा है। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि रामगंगा का यह जल स्तर इस बारिश के सीजन में अब तक का सबसे अधिक जलस्तर है। लेकिन इसके बाद भी फिलहाल जिले में अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। कटान आदि रोकने को पूर्व में बनाई गई ठोकरें आदि को भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इसके बाद भी एहतियात के तौर पर बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।