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खेतों में भरा पानी, हवा से गिरी सरसों की फसल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:33 AM IST
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Water filled in the fields, the mustard crop fell by the wind
मुरादाबाद। दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने सरसों, और आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। बारिश के साथ चली तेज हवा ने सरसों का फूल गिरा दिया है। जबकि देरी से बोए गए गेहूं के खेत में पानी भरने से फसल गिर गई है। आलू के खेत में पानी भरने से आलू में गलन हो गई है। इस महीने लगातार बारिश से आलू में बडे़ पैमाने पर नुकसान की संभावना किसानों ने जताई है।
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आलू किसानों का कहना है कि आलू, गाजर सहित जमीन में उगने वाली फसलों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। एक महीने से लगातार रुक-रुक कर कुछ दिनों के अंतराल पर बारिश हो रही है, जिस कारण जमीन में काफी नमी पहले से बनी है। दो दिन से लगातार बारिश से फिर से खेतों में पानी भर गया है। जमीन के अंदर आलू में गलन पैदा होने लगी है।
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इससे झुलसा रोग भी लगने की आशंका है। उधर जिन किसानों से गेहूं देरी से बोया है। उनकी फसल भी पानी भरने से खेत में गिर गई है। सरसों को बारिश से अधिक नुकसान तेज हवाओं ने पहुंचाया है। तेज हवा से सरसों का फूल नीचे गिर गया है। जिससे उत्पादन पर असर होगा।
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इन किसानों को हुआ नुकसान
गांव संदलपुर में भी काफी किसानों की आलू और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। गांव के नन्हें की छह बीघा महेेद्र सिंह की तीन बीघा, प्रदीप कुमार की आठ बीघा और कृपाल सिंह की पांच बीघा आलू की फसल में पानी भर गया है। गांव में किसान प्रभु की पांच बीघा गाजर की फसल में पानी भरने से गलने का डर है। मिलक में मुन्ना सिंह की चार बीघा सरसों, गांव संदलपुर में किसान प्रवीण की 10 बीघा, राजेंद्र की आठ बीघा और नवनीत की आठ बीधा सरसों में पानी भर गया है । कई गांवों में यही हाल है।
जिले में मुख्य रबी फसल का क्षेत्रफल
गेहूं 1,22,000 हेक्टेयर
सरसों 2000 हेक्टेयर
तोरिया 11,000 हेक्टेयर
आलू 5500 हेक्टेयर
गांव सैजना निवासी नन्हें ने बताया कि उसने 10 बीघा में गेहूं की बुवाई की थी। फसल अभी छोटी थी लेकिन लगातार बारिश से खेत में पानी भर गया और फसल गिर गई है। नुकसान हुआ है। बारिश रुकने पर पानी निकालेंगे।
मूंढापांडे निवासी उमेश ने बताया कि उसकी पांच बीघा गेहूं की फसल में पानी भर गया है। जिससे फसल को नुकसाकन हुआ हे। बारिश रुकने के बाद पानी निकलने पर नुकसान का सही आंकलन होगा।
नियामतपुर इकटोरिया के शाकिब ने बताया उसने आठ बीघा में सरसों की फसल बोई थी । पिछले सप्ताह बारिश में भी नुकसान हुआ था। अब फिर दो दिन से लगातार बारिश और तेज हवा चलने से सरसों का फूल गिर गया है। इस बार मौसम की वजह से फसल को काफी नुकसान हो रहा है।
लगातार बारिश से आलू की फसल में पहले से ही अधिक नमी बनी है। अब फिर से लगातार बारिश की वजह से पानी भरने से आलू के गलने की संभावना रहती है हालांकि अभी तक जिले में कहीं से नुकसान या झुलसा रोग लगने की सूचना नहीं मिली है। फिर भी किसान खेत में पानी न भरने दें। बारिश रुकते ही उसे निकाल दें।

गया प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी
लगातार बारिश से खेतों में पानी भरा होगा। हालांकि अभी तक जिले में कहीं से फसलों के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन बारिश से साथ हवा चलने से यदि फूल गिरता है तो सरसों की फसल को नुकसान होता है। किसान खेत में पानी निकालते रहें।
जेपी चौधरी, संयुक्त कृषि निदेशक
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