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टीएमयू प्रशासन को नोटिस, चार दिन में व्यवस्था ठीक करने के निर्देश
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मुरादाबाद।टीएमयू स्थित कोविड सेंटर की पांचवीं मंजिल पर भर्ती एसएसपी कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा समेत अब तक तीन कोरोना प्रभावित लोगों द्वारा की गई आत्महत्या को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए चार दिन के भीतर व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हेड कांस्टेबल की मौत के मामले की अलग से मजिस्ट्रेटी जांच कराने के लिए डीएम को पत्र भेजा है।
एसएसपी कार्यालय के जन शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा ने शनिवार की रात को करीब नौ बजे खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि सूचना पर रात में ही पुलिस अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली थी। सीसीटीवी फुटेज व फोटो कब्जे में लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक मिले साक्ष्य से मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का लग रहा है। अस्पताल के मुताबिक हेड कांस्टेबल तनाव में भी थे। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। साथ ही अलग से मजिस्ट्रेटी जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। एसएसपी ने बताया कि कोविड सेंटर में उपचार करा रहे मरीजों द्वारा आत्महत्या का यह तीसरा मामला है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें 149 सीआरपीसी के तहत यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए उनसे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं तीन-चार दिन में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस मामले में अलग से जांच कमेटी भी गठित कर जांच कराई जा रही है।
हेड कांस्टेबल के कूदने का वीडियो वायरल
मुरादाबाद। हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा का टीएमयू कोविड सेंटर से कूदने का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह खिड़की से निकलकर लटक गए और तपाक से हाथ छूटकर नीचे जा गिरे। पुलिस के मुताबिक भीतर वार्ड की वह फुटेज भी पुलिस को मिली है जिसमें वह स्वास्थ्य कमियों से भिड़ रहे हैं और उसके बाद ही खिड़की की तरफ लपके। पुलिस इसे पूरी तरह से आत्महत्या का मामला मान रही है।
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टीएमयू में हुई पहली दो घटनाओं में भी वीडियो सामने आए थे। उसी तरह से इस मामले में भी वीडियो सामने आ गया। टीएमयू में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह फुटेज आई है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि दिवाकर शर्मा पहले कोविड सेंटर की पांचवीं मंजिल की खिड़की से बाहर छज्जे पर निकले और फिर अचानक पलटकर लटकने की कोशिश में गिर पड़े। उनका हाथ छूटा या उन्होंने छोड़ा इसकी जांच की जा रही है।
हालांकि एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक वास्तव में दिवाकर मानसिक रूप से परेशान थे और उग्र हो रहे थे। वार्ड के भीतर के वीडियो में यह साफ आ रहा है कि वह वहां के कर्मियों के साथ भिड़ गए थे। इसके बाद वह खिड़की की तरफ भागे। दरअसल एसएसपी देर रात खुद अकेले ही यहां अपनी कार ड्राइव करते हुए पहुंच गए थे और पूरे मामले की जानकारी ली थी। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुर्भाग्यूपर्ण है। चूंकि दिवाकर लंबे समय से अपने परिवार से दूर रह रहे थे तो हो सकता है कि वह इसी के चलते मानसिक रूप से परेशान हों।
कांस्टेबल की आत्महत्या के बाद टीएमयू में वार्डों की खिड़कियों में लगने लगे ग्रिल
मुरादाबाद। शनिवार की रात को टीएमयू कोविड अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कूदकर हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा की आत्महत्या की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। कोविड अस्पताल के वार्डों की खिड़कियों पर ग्रिल लगाने की काम शुरू कर दिया है।
नोडल अधिकारी डा. वीके सिंह के मुताबिक लेवल-3 अस्पताल में मंडल के पांचों जिलों के मरीज भर्ती हो रहे हैं। छह सितंबर तक 2650 से अधिक मरीज भर्ती हुए। करीब 2200 से अधिक मरीज स्वस्थ होकर घरों को जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी से मरीजों के दिल-दिमाग पर गंभीर असर हो रहा है। मानसिक रूप से कमजोर मरीजों की काउंसिलंग की जा रही है। हेड कांस्टेबल की आत्महत्या के बाद से सुरक्षा व्यवस्थाओं का रिव्यू कर सुरक्षात्मक उपाय और बढ़ाए जा रहे हैं। खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
- दिवाकर शर्मा चार सितंबर की सुबह अस्पताल में भर्ती हुए। इससे पहले वो घर पर ही होम आइसोलेट थे। अस्पताल में भर्ती हुए थे तब से बहुत परेशान और नर्वस थे। लगातार उनकी काउंसलिंग की जा रही थी। बार-बार समझाया भी गया, लेकिन उन्होंने कूदकर जान दे दी। - डा. वीके सिंह, नोडल अधिकारी टीएमयू
- होम आइसोलेशन के बाद जब मरीज का ऑक्सीजन लेवल गिरने पर गंभीर अवस्था में अस्पताल आता है तो उसके दिमाग में अजीब सा खौफ नजर आता है। अस्पताल में डाक्टर और स्टाफ पीपीपीई किट पहने होते हैं। इससे मरीज को चेहरा नजर नहीं आता है। मनोवैज्ञानिक तौर से जो मरीज कमजोर होते हैं उनके दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे मरीजों की काउंसलिंग की जाती है। - डा. नजमुल हुदा, नोडल अधिकारी
एसडीएम, सीओ ने टीएमयू पहुंच की जांच
मुरादाबाद। डीएम के आदेश पर टीएमयू स्थित कोविड सेंटर में भर्ती बैंक मैनेजर राजेश कुमार व एसएसपी कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा द्वारा क्रमश: छठी व पांचवीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या करने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम सदर हिमांशु व सीओ रामसागर ने रविवार टीएमयू पहुंच मामले की जांच की।
एसडीएम ने बताया कि जांच के दौरान उन्होंने सीसी टीवी फुटेज आदि को देखने के साथ ही जिन लोगों ने आत्महत्या की है उनके उपचार व्यवस्था व व्यवहार आदि की जानकारी भी सीसी टीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। इसके साथ ही वहां व्यवस्थाओं आदि की भी पड़ताल की गई है। स्टाफ व मरीजों आदि से भी बातचीत कर जानकारी जुटाई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि अब तक की पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि कोविड अस्पताल में अकेले रहने के कारण भी कुछ मरीज डिप्रेशन में चले जाते हैं। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उनके व्यवहार आदि में आए परिवर्तन से इसका अंदाजा लग रहा है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी।
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एसएसपी कार्यालय के जन शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा ने शनिवार की रात को करीब नौ बजे खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि सूचना पर रात में ही पुलिस अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली थी। सीसीटीवी फुटेज व फोटो कब्जे में लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक मिले साक्ष्य से मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का लग रहा है। अस्पताल के मुताबिक हेड कांस्टेबल तनाव में भी थे। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। साथ ही अलग से मजिस्ट्रेटी जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। एसएसपी ने बताया कि कोविड सेंटर में उपचार करा रहे मरीजों द्वारा आत्महत्या का यह तीसरा मामला है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें 149 सीआरपीसी के तहत यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए उनसे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं तीन-चार दिन में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस मामले में अलग से जांच कमेटी भी गठित कर जांच कराई जा रही है।
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हेड कांस्टेबल के कूदने का वीडियो वायरल
मुरादाबाद। हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा का टीएमयू कोविड सेंटर से कूदने का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह खिड़की से निकलकर लटक गए और तपाक से हाथ छूटकर नीचे जा गिरे। पुलिस के मुताबिक भीतर वार्ड की वह फुटेज भी पुलिस को मिली है जिसमें वह स्वास्थ्य कमियों से भिड़ रहे हैं और उसके बाद ही खिड़की की तरफ लपके। पुलिस इसे पूरी तरह से आत्महत्या का मामला मान रही है।
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टीएमयू में हुई पहली दो घटनाओं में भी वीडियो सामने आए थे। उसी तरह से इस मामले में भी वीडियो सामने आ गया। टीएमयू में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह फुटेज आई है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि दिवाकर शर्मा पहले कोविड सेंटर की पांचवीं मंजिल की खिड़की से बाहर छज्जे पर निकले और फिर अचानक पलटकर लटकने की कोशिश में गिर पड़े। उनका हाथ छूटा या उन्होंने छोड़ा इसकी जांच की जा रही है।
हालांकि एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक वास्तव में दिवाकर मानसिक रूप से परेशान थे और उग्र हो रहे थे। वार्ड के भीतर के वीडियो में यह साफ आ रहा है कि वह वहां के कर्मियों के साथ भिड़ गए थे। इसके बाद वह खिड़की की तरफ भागे। दरअसल एसएसपी देर रात खुद अकेले ही यहां अपनी कार ड्राइव करते हुए पहुंच गए थे और पूरे मामले की जानकारी ली थी। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुर्भाग्यूपर्ण है। चूंकि दिवाकर लंबे समय से अपने परिवार से दूर रह रहे थे तो हो सकता है कि वह इसी के चलते मानसिक रूप से परेशान हों।
कांस्टेबल की आत्महत्या के बाद टीएमयू में वार्डों की खिड़कियों में लगने लगे ग्रिल
मुरादाबाद। शनिवार की रात को टीएमयू कोविड अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कूदकर हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा की आत्महत्या की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। कोविड अस्पताल के वार्डों की खिड़कियों पर ग्रिल लगाने की काम शुरू कर दिया है।
नोडल अधिकारी डा. वीके सिंह के मुताबिक लेवल-3 अस्पताल में मंडल के पांचों जिलों के मरीज भर्ती हो रहे हैं। छह सितंबर तक 2650 से अधिक मरीज भर्ती हुए। करीब 2200 से अधिक मरीज स्वस्थ होकर घरों को जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी से मरीजों के दिल-दिमाग पर गंभीर असर हो रहा है। मानसिक रूप से कमजोर मरीजों की काउंसिलंग की जा रही है। हेड कांस्टेबल की आत्महत्या के बाद से सुरक्षा व्यवस्थाओं का रिव्यू कर सुरक्षात्मक उपाय और बढ़ाए जा रहे हैं। खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
- दिवाकर शर्मा चार सितंबर की सुबह अस्पताल में भर्ती हुए। इससे पहले वो घर पर ही होम आइसोलेट थे। अस्पताल में भर्ती हुए थे तब से बहुत परेशान और नर्वस थे। लगातार उनकी काउंसलिंग की जा रही थी। बार-बार समझाया भी गया, लेकिन उन्होंने कूदकर जान दे दी। - डा. वीके सिंह, नोडल अधिकारी टीएमयू
- होम आइसोलेशन के बाद जब मरीज का ऑक्सीजन लेवल गिरने पर गंभीर अवस्था में अस्पताल आता है तो उसके दिमाग में अजीब सा खौफ नजर आता है। अस्पताल में डाक्टर और स्टाफ पीपीपीई किट पहने होते हैं। इससे मरीज को चेहरा नजर नहीं आता है। मनोवैज्ञानिक तौर से जो मरीज कमजोर होते हैं उनके दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे मरीजों की काउंसलिंग की जाती है। - डा. नजमुल हुदा, नोडल अधिकारी
एसडीएम, सीओ ने टीएमयू पहुंच की जांच
मुरादाबाद। डीएम के आदेश पर टीएमयू स्थित कोविड सेंटर में भर्ती बैंक मैनेजर राजेश कुमार व एसएसपी कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा द्वारा क्रमश: छठी व पांचवीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या करने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम सदर हिमांशु व सीओ रामसागर ने रविवार टीएमयू पहुंच मामले की जांच की।
एसडीएम ने बताया कि जांच के दौरान उन्होंने सीसी टीवी फुटेज आदि को देखने के साथ ही जिन लोगों ने आत्महत्या की है उनके उपचार व्यवस्था व व्यवहार आदि की जानकारी भी सीसी टीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। इसके साथ ही वहां व्यवस्थाओं आदि की भी पड़ताल की गई है। स्टाफ व मरीजों आदि से भी बातचीत कर जानकारी जुटाई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि अब तक की पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि कोविड अस्पताल में अकेले रहने के कारण भी कुछ मरीज डिप्रेशन में चले जाते हैं। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उनके व्यवहार आदि में आए परिवर्तन से इसका अंदाजा लग रहा है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी।