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यूपी: सुरक्षित सीटों पर सपा असुरक्षित, दो चुनाव में लगातार मिली हार; इन सीटों पर कैसी है 'साइकिल' की स्थिति?

Sat, 10 Oct 2026 03:29 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 10 Oct 2026 03:29 PM IST
सार

मुरादाबाद मंडल की सुरक्षित सीटों पर सपा असुरक्षित है। दो चुनाव में लगातार हार मिली है। मंडल में विधानसभा की पांच सीटें आरक्षित, चार पर भाजपा का कब्जा है। 2022 के चुनाव में सिर्फ नगीना सुरक्षित सीट पर ही सपा को जीत मिली थी। मंडल में धनौरा, मिलक, चंदौसी, नहटौर सीट पर लगातार पार्टी को हार मिल रही है।

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UP News SP Struggles on Reserved Seats in Moradabad Division Loses Four of Five in 2022 Assembly Polls
सपा चुनावी तैयारियों में जुटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सपा का गढ़ कहे जाने वाले मुरादाबाद मंडल की पांच सुरक्षित सीटों में चार पर पार्टी असुरक्षित है। नगीना को छोड़ बाकी चार सीटों पर पार्टी को लगातार हार मिल रही है। कहीं दो बार तो कहीं तीन बार से सपा हार रही है। 

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आने वाले विधानसभा चुनाव में ये चार आरक्षित सीटें सपा के लिए चुनौती बनेंगी। फिलहाल इन सीटों पर पार्टी पीडीए को धार देने में जुटी है। मुरादाबाद मंडल में कुल 27 विधानसभा सीटें हैं। इसमें पांच सीटें (नगीना, नहटौर, धनौरा, मिलक और चंदौसी) आरक्षित हैं। 
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2022 के विधानसभा चुनाव में इन पांच में चार पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। सपा को सिर्फ नगीना सीट पर ही जीत मिली थी। पिछले कुछ वर्षों के चुनाव परिणाम बताते हैं कि मंडल की आरक्षित सीटों पर सपा का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा है।

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रामपुर जिले की मिलक, अमरोहा की धनौरा और बिजनौर की नहटौर विधानसभा सीट 2012 में अस्तित्व में आई। इन सीटों पर तीन बार चुनाव हो चुके हैं। नहटौर पर सपा को अभी तक एक बार भी जीत नहीं मिली है। जबकि धनौरा और मिलक में लगातार दो चुनाव से पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है। वहीं चंदौसी सीट पर आखिरी बार सपा ने 2012 में जीत दर्ज की थी।

मंडल की इकलौती नगीना सुरक्षित सीट है जिसपर सपा सुरक्षित है। इस सीट पर पार्टी लगातार तीन बार से जीत दर्ज कर रही है। बाकी चार सीटें पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

2027 के चुनाव में सपा इन चार सीटों पर भाजपा की काट ढूंढने में लगी है। इसके लिए पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को धार देने में जुटी है। इन आरक्षित सीटों पर मुस्लिमों के साथ-साथ पिछड़ों को जोड़ने में लगी है।

आरक्षित सीटों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष की नजर है। पार्टी स्तर पर इन सीटों के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। एससी के साथ-साथ दूसरी बिरादरियों को भी जोड़ा जा रहा है। - जयवीर यादव, सपा जिलाध्यक्ष

मंडल की पांच आरक्षित सीटों पर सपा की स्थिति
विधानसभा सीट सपा की स्थिति
नहटौर 03 चुनाव हुए, तीनों में हार
मिलक 2012 में मिली थी जीत
चंदौसी 2012 में मिली थी जीत
धनौरा 2012 में मिली थी जीत
नगीना लगातार तीन बार मिल रही जीत

2022 में सपा ने मंडल में किस वर्ग से कितने प्रत्याशी उतारे थे
वर्ग संख्या जीत मिली
मुस्लिम 13 11
ओबीसी 08 05
एससी 04 01

नोट : बिजनौर और नहटौर से रालोद के उम्मीदवार मैदान में थे।

मंडल की चार आरक्षित समेत दस सीटों पर दो बार से हार
मुरादाबाद मंडल की 27 में से 10 सीटें ऐसी हैं जहां सपा को लगातार दो चुनावों में हार का सामना करना पड़ रहा है। इसमें चार आरक्षित सीटों के अलावा मुरादाबाद नगर, बिलासपुर, हसनपुर, बिजनौर, बढ़ापुर, धामपुर विधानसभा सीट शामिल हैं। बिजनौर सीट पर अभी तक सपा को जीत नहीं मिली है। वहीं बिलासपुर सीट पर पार्टी को आखिरी बार 2002 में जीत मिली थी।

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