UP: मुरादाबाद डीएम ने दो जेई को भिजवाया थाने, सड़क का काम नहीं कर रहे थे शुरू, दो दिन का समय देने पर छोड़ा
मुरादाबाद डीएम मानवेंद्र सिंह ने सड़क का काम शुरू नहीं करवाने वाले दो अभियंताओं को थाने भिजवा दिया। इससे एनएचएआई अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दो दिन के भीतर काम शुरू होने की बात पर दोनों कर्मचारियों को छोड़ा गया। डीएम ने बताया कि सभी कार्रवाई पूरी होने के बाद भी काम शुरू नहीं करवाया गया।
विस्तार
उत्तराखंड और यूपी को जोड़ने वाली मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग को फोर लेन बनाने में अभी कई बाधाएं आ रही हैं। डीएम का कहना था कि रोड के लिए 90 प्रतिशत कब्जा दिलाने के बावजूद एनएचएआई से काम नहीं किया। निर्माण नहीं होने से नाराज डीएम ने अवर अभियंताओं को थाने में बैठा दिया।
इसके बाद उन्होंने दो दिन में काम शुरू करने का भरोसा दिया तो पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। जिला प्रशासन ने ठाकुरद्वारा मार्ग की जमीनों का अधिग्रहण कर लिया है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में एनएचएआई के अभियंताओं से उनकी चार बैठकें हुई।
तय हुआ कि 90 प्रतिशत जमीन पर कब्जा होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। एनएचएआई ने मार्ग को बनाने के लिए 625 करोड़ का टेंडर निकाला था। मैनपुरी जिले की फर्म राज कारपोरेशन को इस मार्ग का ठेका लिया। इस मार्ग के मामले में सीएलओ ने पूछताछ के लिए एनएचएआई के अवर अभियंताओं को बुलाया था।
काम नहीं शुरू करने पर डीएम ने अभियंताओं से पूछताछ की। स्पष्ट जवाब नहीं देने पर डीएम ने दोनों अभियंताओं को थाने में लेकर जाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए। सिविल लाइंस पुलिस ने दोनों अभियंताओं को थाने में बैठा लिया।
इस मामले में दिल्ली के अधिकारियों ने डीएम से सिफारिश की। तय हुआ कि एनएचएआई दो दिन में सड़क का काम शुरू कर देगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों अवर अभियंताओं को छोड़ दिया। इस मामले में एनएचएआई ने जिला पुलिस से फोर्स की मांग की है।
उत्तराखंड को जोड़ने वाले 39 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोर लेन में तब्दील करना है। एनएचएआई ने रोड के गड्ढों को पाटकर सड़क को ठीक किया है।
39 गांवों का करना है अधिग्रहण
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने काफी तेजी के साथ एक माह में 35 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया। जांच के दौरान चार गांवों की जमीन सरकारी पाई गई। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट से संतुष्ट होने के बाद एनएचएआई जमीनों के मुआवजे की धनराशि दिया है। अनुमान है कि जमीनों के लिए एनएचएआई 700 करोड़ रुपये मुआवजा देगा। अभी 300 करोड़ तक का मुआवजा बांटा जा चुका है।
45 हजार काटने पड़ेंगे पेड़
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर 11 हजार 500 बड़े और 33 हजार 500 छोटे पेड़ हैं। वन विभाग ने सर्वे कर लिया है। परमिशन मिलने के बाद पेड़ों की कटाई कराई जाएगी। इसके लिए विभाग को करोड़ों रुपये देने पड़ेंगे।
एनएचएआई के अभियंताओं का कहना है कि सिविल कार्य करने में 625 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। तमाम कार्यों को देखते हुए इस साल निर्माण का कार्य संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। कुल मिलाकर सड़क को फोर लेन बनाने में एक हजार करोड़ से अधिक धनराशि खर्च होगी।