UP: खूंखार कुत्तों ने मासूम को नोच-नोचकर मार डाला, स्थिति देख बदहवास हुई मां, तीन घंटे तलाश के बाद मिला शव
कुंदरकी के मिलक मोहम्मद जमापुर गांव में खेलते समय लापता हुए छह वर्षीय अब्दुल रहमान को खूंखार कुत्तों ने नोचकर मार डाला। तीन घंटे की तलाश के बाद आम के बाग में उसका खून से लथपथ शव मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
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कुंदरकी थाना क्षेत्र के मिलक मोहम्मद जमापुर गांव में बुधवार की शाम कक्षा दो के छात्र अब्दुल रहमान (6) को खूंखार कुत्तों ने नोचकर मार डाला। तीन घंटे की तलाश के बाद घर से दो सौ मीटर की दूर आम के बाग में बच्चे का खून से लथपथ शव मिला। सूचना मिलने पर फोरेंसिक टीम के साथ एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह और सीओ बिलारी राजेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए।
कुंदरकी के मोहम्मद जमापुर निवासी मो. वारिस का बेटा अब्दुल घर के पास ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ता था। बुधवार दोपहर छुट्टी के बाद वह घर आया और खाना खाने के बाद खेलने चला गया। काफी देर तक घर न लाैटने पर परिजनों ने तलाश शुरू कर दी। गांव की मस्जिदों से लाउडस्पीकर से एलान कराया।
इसके बाद अन्य ग्रामीण भी अपने घर से बाहर निकल आए और सभी बच्चे की तलाश में जुट गए। तीन घंटे बाद करीब सात बजे बच्चे का शव स्कूल के पास आम के बाग में पड़ा मिला। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
सिर, चेहरे, कमर और पेट पर नोंचने के निशान
खूंखार कुत्तों के हमले में मासूम की जान चली गई। कुत्तों ने छात्र के सिर, चेहरे, कमर और पेट को बुरी तरह नोचा था। माैके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल की वीडियोग्राफी की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। ताकि जांच में घटना की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।
बेटे का शव देख बदहवास हुई मां
बेटे अब्दुल का शव देखकर उसकी मां शमा परवीन बेसुध हो गईं। छात्र अपने छह भाई-बहनों में चौथे नंबर का था। परिजनों के अनुसार वह नियमित रूप से स्कूल जाता था। उसे पतंग उड़ाना बेहद पसंद था। परिजनों के अनुसार वह घर से पतंग लेकर ही निकला था।
आठ साल में तेरह बच्चों की जान ले चुके हैं खूंखार कुत्ते
कुंदरकी ब्लॉक क्षेत्र में खूंखार कुत्तों के जानलेवा हमलों के लिए पहले से चर्चित रहा है। गांव मिलक मोहम्मद जमापुर गांव में पांच साल पहले खूंखार कुत्तों ने जंगल में इसी तरह से एक बच्चे काे नोंचकर मारा डाला था और कई बच्चों को गंभीर से जख्मी कर चुके है।
इसके अलावा इमरतपुर सिरसी, मुरादपुर, तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा, खजरा, शेखूपुर खास, सीलपुर, भीकनपुर कुलवाड़ा, पंडिया आदि गांवोें के जंगल और आबादी के आसपास खेलते बच्चों पर खूंखार कुत्तों के झुंड हमले कर बच्चों की जानें ले चुके है। आठ साल में 13 बच्चों की जानें जा चुके है और काफी संख्या में बच्चे जख्मी हो चुके है। यहां पर खूंखार कुत्तों के काटने से हाईड्रोफोबिया से कई बच्चों की जान जा चुके है।
एसडीएम ने घटना का लिया संज्ञान
गांव मिलक मोहम्मद जमापुर में खूंखार कुत्तों के हमले में छात्र की जान चली गई। इस मामले की सूचना पर भाकियू नेता भी घटना स्थल पर पहुंच गए थे। भाकियू नेता साजिद खान बबलू और रागिब चौधरी ने एसडीएम विनय कुमार सिंह को घटना से अवगत कराया। साथ ही बताया कि छात्र का परिवार गरीब है जिसकी मदद की जाए। साथ ही घरों के करीब से निकल रही हाईटेंशन लाइन को हटवाया जाए। एमडीएम ने नियमानुसार मदद की भरोसा दिलाया है।
चार बकरियों को शिकार बना चुके है कुत्ते
ग्रामीणों ने बताया कि खूंखार कुत्तों का झुंड के जंगल में रहता है जोकि मौके मिलते ही बच्चों के अलावा जंगल में बकरियां पर हमला कर देता है। यह कुत्तों का झुंड अब तक चार बकरियों को शिकार बना चुके हैं। अब मासूम अब्दुल की जान ने ले ली है। खूंखार कुत्तों की वजह से बच्चों में दहशत जदा हैं।