UP: सात फेरे लिए, सात जन्मों के साथ का वचन दिया... फिर किया कत्ल; यहां भी हैं सनम का खात्मा कराने वाली कई सोनम
मुरादाबाद, अमरोहा और संभल... यहां भी चेहरे पर मुस्कान के साथ सनम का खात्मा कराने वाली कई सोनम हैं। सात फेरे लिए, सात जन्मों के साथ का वचन दिया और फिर कत्ल कर दिया।
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तीन माह पहले मेरठ की मुस्कान और अब मध्यप्रदेश की सोनम रघुवंशी द्वारा अपने ही पति की हत्या करवाने के मामलों ने पति-पत्नी के रिश्ते के भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दोनों मामले भले ही पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए हों, लेकिन बीते एक साल में मुरादाबाद मंडल में भी ऐसे कई केस सामने आए हैं, जहां महिलाओं ने पति को प्रेमी की मदद से रास्ते से हटवा दिया।
यह घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनाैती बन रही हैं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों में आ रही गिरावट को भी उजागर करती हैं। अधिकतर मामलों में शादी से पहले या शादी के बाद हुआ प्रेम प्रसंग ही हत्या का कारण बना। यह घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा की बातों के बीच कुछ महिलाओं द्वारा किए जा रहे ऐसे कृत्य समाज में अस्थिरता को जन्म दे रहे हैं। ऐसे मामले त्रासदी बन जाएं इससे पहले ही समाजशास्त्रियों और बुद्धिजीवियों को प्रयास करने होंगे कि इन घटनाओं के कारणों को समझकर ठोस कदम उठाए जाएं।
रामपुर जनपद के शाहबाद थाना क्षेत्र के लोधीपुर निवासी एवं पीतल कारोबारी अनिल चौधरी (32) परिवार के साथ कटघर थाना क्षेत्र के गाड़ीखाना में रहते थे। 14 जुलाई 2024 की रात अनिल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पास में सो रही उनकी पत्नी तनु चौधरी को खरोंच तक नहीं आई थी। कारोबारी की बड़ी बेटी मानसी ने पुलिस को दो आरोपियों मोहित और आमोद गुप्ता के नाम बताए, लेकिन तनु ने उन्हें पहचानने से इन्कार कर दिया था।
मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के मेदनीपुर गांव में एक साल पहले रिंकी ने अपने प्रेमी सुनेपाल के साथ मिलकर पति हरदयाल की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। रिंकी के अपने ही जेठ के बेटे सुनेपाल से प्रेम संबंध थे। हरदयाल को इसकी भनक लग गई थी और उसने विरोध शुरू कर दिया था।
अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव करनपुर माफी के पास 11 जनवरी 2025 की सुबह नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव खेतापुर निवासी मजदूर जगदीश (36) का शव पड़ा मिला था। शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो पसली की हड्डी टूटी हुई मिली थी।
प्रेमी संग पति को उतारा मौत के घाट
अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी-चकौरी मार्ग पर 14 मार्च 2025 की सुबह जनपद बिजनौर के शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव शहबाजपुर निवासी मकेंद्र सिंह (36) का शव मिट्टी में दबा मिला था। पुलिस के मुताबिक मकेंद्र सिंह 13 मार्च को दवाई लेने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस घर नहीं लाैटे। परिजनों ने तलाश शुरू की तो उसकी स्कूटी गांव के बाहर पड़ी मिली थी।
छानबीन में पता चला कि मुकेंद्र की हत्या में पत्नी पारुल व उसके प्रेमी विनीत का हाथ है। विनीत एक जागरण पार्टी में काम करता था। फोन में प्रेमी के साथ अश्लील फोटो मिलने पर मकेंद्र को पत्नी के अवैध संबंधों का पता चला था। इसके बाद मकेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए पारुल व विनीत ने साजिश रची।
योजना के तहत पारुल ने दवाई लेने के बहाने मकेंद्र को पास के गांव में भेजा था। रास्ते से ही विनीत ने अपने साथियों के साथ मकेंद्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने पारुल, उसके प्रेमी विनीत, मनी, उमेश, राजवीर, अभिषेक शर्मा, किशनपाल, भुवनेश, हितेश को गिरफ्तार कर इस घटना का खुलासा किया था।
प्रेमी संग रहने के लिए पति की ली जान
संभल में सात मई 2025 कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव नाई वाली मढ़ैया में पूजा ने अपने प्रेमी गीतेश के साथ मिलकर बिहार निवासी पति गुगली की हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में पता चला कि ढाई वर्ष के बेटे के साथ महिला गांव में आकर प्रेमी के साथ रहने लगी थी। उसका पति गुगली दिल्ली में मजदूरी करता था। गुगली को जब उसकी जानकारी हुई तो वह अपनी तीन बेटियों के साथ गांव पहुंच गया।
उसने पूजा से साथ चलने के लिए कहा तो वह प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ गई। इसके बाद पूजा ने प्रेमी गीतेश के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या में गीतेश का नाबालिग भांजा भी शामिल था। हत्या के बाद शव बालू में दबा दिया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए पूजा, उसके प्रेमी व प्रेमी के नाबालिग भांजे को जेल भेज दिया था। तीन बेटियों की परवरिश अब महिला के प्रेमी के रिश्तेदार कर रहे हैं।
देवर पर आया दिल, पति को मरवा दिया
12 अक्तूबर 2024 को चंदौसी के संभल गेट निवासी पुष्पेंद्र की हत्या उसकी पत्नी काजल ने प्रेम-प्रसंग में बाधक बनने पर अपने प्रेमी मौसेरे देवर अजय से कराई थी। पुष्पेंद्र तहसील तिराहे पर एक मिठाई की दुकान पर काम करता था। 12 अक्तूबर की शाम वह दुकान से निकला, लेकिन घर नहीं पहुंचा था। 13 अक्तूबर को पुष्पेंद्र की मां माला देवी ने चंदौसी कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 14 अक्तूबर की सुबह पुष्पेंद्र का शव थाना बनियाठेर क्षेत्र में आम के बाग में क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला था। पुलिस की जांच में काजल व अजय हत्यारोपी निकले। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
इस तरह की घटनाएं पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) या डिप्रेशन की ओर इशारा करती हैं। यह तथ्य है कि किसी की हत्या करने या कराने से पहले व्यक्ति कई बार ऐसे संकेत दे चुका होता है कि वह सामान्य नहीं है। आम तौर पर ऐसी बीमारियों के लक्षण 14 साल की उम्र तक सामने आ जाते हैं। परिजनों व करीबियों के नजरअंदाज करने की वजह से व्यक्ति की मनोस्थिति में सुधार नहीं होता और वह हिंसक बन जाता है। - डॉ. दिशांतर गोयल, मनोचिकित्सक
आजकल लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय हैं। दूसरों की लाइफस्टाइल को देखकर अपनी जिंदगी से तुलना करते हैं। मन में तरह-तरह के सवाल आते हैं और लोगों के वैवाहिक जीवन में मनमुटाव शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे मनमुटाव इस हद तक पहुंच जाता है कि लोग हिंसक कदम उठा लेते हैं। मेरठ और इंदौर की घटनाएं इसी ओर इशारा कर रही हैं। -सुनीता दहिया, पुलिस उपाधीक्षक