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दो वार्ड एक साल, एक वार्ड में नौ माह से रिक्त पार्षद पद पर नहीं हो सका उपचुनाव
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मुरादाबाद। नगर निगम के तीन पार्षदों के निधन को नौ माह से अधिक हो जाने के बावजूद उनके रिक्त पदों पर उपचुनाव नहीं हो सके हैं। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। नगर आयुक्त का दावा है कि शासन को उपचुनाव कराने के संबंध में रिपोर्ट भेज दी थी। इसके बाद भी अभी तक उपचुनाव नहीं होने से व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है।
नगर निगम चुनाव में वार्ड-43 से वार्षद निर्वाचित हुईं भागवंती देवी का निधन 22 सितंबर 2020 को कैंसर से पीड़ित होने के कारण हो गया था। इसके बाद वार्ड-38 के पार्षद मोहम्मद जान पार्षद भी तेज बुखार की चपेट में आने के कारण आठ दिसंबर 2020 को तथा कोरोना की चपेट में आकर वार्ड-19 के पार्षद डिंपल सिंह अश्क भी 23 अप्रैल 2021 को इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। तीनों ही पार्षदों की गिनती नगर निगम के तेज तर्रार पार्षदों में की जाती थी। वह अक्सर अपने वार्ड के विकास को लेकर चिंतित भी रहते थे। वार्ड के लोगों के हर कार्य के लिए भी हमेशा तैयार रहते थे। उनके निधन के बाद से संबंधित वार्ड के लोगों की आवाज को सदन के माध्यम से उठाने वालों की कमी वार्ड के लोगों को खल रही है। इसके अलावा संबंधित वार्ड के लोगों को जन्म, मृत्यु समेत अन्य कई कार्यों को कराने में भी दिक्कतें आ रही हैं। वार्ड के लोगों को इसके पार्षद की रिपोर्ट लगाने के लिए पड़ोसी वार्ड के पार्षद का सहारा लेना पड़ता है।
हालांकि इन तीनों पार्षदों के निधन के बाद भी वार्ड की कमान उनके परिवार के अन्य लोग ही संभाले हुए हैं। वह नगर निगम के अधिकारियों व महापौर से तालमेल बैठा कर यह प्रयास भी करते हैं कि उनके वार्ड के लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े, लेकिन इन सबके बावजूद संबंधित वार्डों के लोगों कभी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर तो कभी नाली सफाई, फागिंग व स्ट्रीट लाइट व पानी आदि की समस्या को लेकर परेशान दिखाई देते हैं। यह हाल तब है, जब नगर निगम अधिनियम में पार्षद के निधन अथवा त्यागपत्र आदि से रिक्त हुए पद पर यथाशीघ्र उपचुनाव कराने की व्यवस्था दी गई है। यहां तीन पार्षदों में से दो पार्षदों भगवंती देवी व मोहम्मद के निधन के कारण उनसे वार्ड-43 व वार्ड-38 में पार्षद का पद एक साल से अधिक तथा डिंपल सिंह अश्क के निधन से वार्ड-19 के पार्षद का पद करीब नौ माह से रिक्त पड़ा है। इन पदों पर अभी तक उप चुनाव के न होने से संबंधित वार्ड के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मेरे नगर निगम में तीन निर्वाचित पार्षदों का निधन हुआ है। मेरा कार्य उनके निधन से रिक्त पद की सूचना भेजना है। लिहाजा मैंने इसकी सूचना समय से शासन व उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग को भेज दी है। रिक्त पदों पर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की है। उसमें किसी तरह का कोई दखल नहीं किया जा सकता है।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
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नगर निगम चुनाव में वार्ड-43 से वार्षद निर्वाचित हुईं भागवंती देवी का निधन 22 सितंबर 2020 को कैंसर से पीड़ित होने के कारण हो गया था। इसके बाद वार्ड-38 के पार्षद मोहम्मद जान पार्षद भी तेज बुखार की चपेट में आने के कारण आठ दिसंबर 2020 को तथा कोरोना की चपेट में आकर वार्ड-19 के पार्षद डिंपल सिंह अश्क भी 23 अप्रैल 2021 को इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। तीनों ही पार्षदों की गिनती नगर निगम के तेज तर्रार पार्षदों में की जाती थी। वह अक्सर अपने वार्ड के विकास को लेकर चिंतित भी रहते थे। वार्ड के लोगों के हर कार्य के लिए भी हमेशा तैयार रहते थे। उनके निधन के बाद से संबंधित वार्ड के लोगों की आवाज को सदन के माध्यम से उठाने वालों की कमी वार्ड के लोगों को खल रही है। इसके अलावा संबंधित वार्ड के लोगों को जन्म, मृत्यु समेत अन्य कई कार्यों को कराने में भी दिक्कतें आ रही हैं। वार्ड के लोगों को इसके पार्षद की रिपोर्ट लगाने के लिए पड़ोसी वार्ड के पार्षद का सहारा लेना पड़ता है।
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हालांकि इन तीनों पार्षदों के निधन के बाद भी वार्ड की कमान उनके परिवार के अन्य लोग ही संभाले हुए हैं। वह नगर निगम के अधिकारियों व महापौर से तालमेल बैठा कर यह प्रयास भी करते हैं कि उनके वार्ड के लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े, लेकिन इन सबके बावजूद संबंधित वार्डों के लोगों कभी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर तो कभी नाली सफाई, फागिंग व स्ट्रीट लाइट व पानी आदि की समस्या को लेकर परेशान दिखाई देते हैं। यह हाल तब है, जब नगर निगम अधिनियम में पार्षद के निधन अथवा त्यागपत्र आदि से रिक्त हुए पद पर यथाशीघ्र उपचुनाव कराने की व्यवस्था दी गई है। यहां तीन पार्षदों में से दो पार्षदों भगवंती देवी व मोहम्मद के निधन के कारण उनसे वार्ड-43 व वार्ड-38 में पार्षद का पद एक साल से अधिक तथा डिंपल सिंह अश्क के निधन से वार्ड-19 के पार्षद का पद करीब नौ माह से रिक्त पड़ा है। इन पदों पर अभी तक उप चुनाव के न होने से संबंधित वार्ड के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मेरे नगर निगम में तीन निर्वाचित पार्षदों का निधन हुआ है। मेरा कार्य उनके निधन से रिक्त पद की सूचना भेजना है। लिहाजा मैंने इसकी सूचना समय से शासन व उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग को भेज दी है। रिक्त पदों पर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की है। उसमें किसी तरह का कोई दखल नहीं किया जा सकता है।
संजय चौहान, नगर आयुक्त