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पंचायत सहायक पद के दो आवेदक डीपीआरओ कार्यालय में भिड़े
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मुरादाबाद। सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत हटहट में पंचायत सहायक पद को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में पंचायत सदस्य पद की आवेदक नेहा नाज डीपीआरओ को अपने पिता के साथ जवाब देने पहुंची। इसी बीच दूसरे पक्ष की रुबीना और उनके परिजन भी वहां पहुंच गए। डीपीआरओ के समक्ष बयान से पूर्व ही दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इससे कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी सी मच गई। इस पर एक पक्ष वहां से चला गया। बाद में डीपीआरओ जब दफ्तर पहुंचे, तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्होंने संबंधित पक्ष को कार्यालय बुलाया और दोनों पक्षोें की बात सुनी। डीपीआरओ द्वारा अभी इस संबंध में कोई निर्णय फिलहाल नहीं लिया गया है।
ग्राम पंचायत हटहट में पंचायत सहायक पद के लिए रुबीना और नेहा नाज के द्वारा आवेदन किया गया था। मेरिट के हिसाब से सर्र्वाधिक अंक नेहा नाज के हैं। हालांकि रुबीना के चयन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत द्वारा कोविड मृतक आश्रित कोटे के तहत कर लिया गया। नियुक्ति के लिए डीपीआरओ कार्यालय पत्रावली भेज दी गई थी। इसकी जानकारी होने पर नेहा नाज ने डीएम के समक्ष उपस्थित होकर आपत्ति जताई कि रुबीना कोविड मृतका नसीमा की सगी बेटी नहीं है, बल्कि वह नसीम जहां उर्फ ननिया की पुत्री है। कोविड मृतका नसीमा की कोई औलाद थी ही नहीं। डीएम द्वारा इस प्रार्थना पत्र का कोई निस्तारण नहीं करने पर नेहा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने डीएम को एक माह में नेहा नाज के प्रार्थनापत्र का निस्तारण करने का आदेश दिया।
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने नेहा नाज को 28 दिसंबर को नोटिस जारी कर कार्यालय में अपना पक्ष साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करने को बुलाया था। नेहा नाज के पिता अय्यूब आलम ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान डीपीआरओ कार्यालय में मौजूद नहीं थे। लिहाजा वह उनके आने का इंतजार करने लगे। इसी बीच रुबीना भी अपने परिजनों के साथ डीपीआरओ कार्यालय पहुंच गई। आरोप है कि रुबीना के परिजनों ने उसके चयन प्रस्ताव का विरोध करने पर आपत्ति जताई। इस बात को लेकर दोनों पक्ष के लोगों में नोकझोंक हो गई। कार्यालय के कुछ अन्य लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद नेहानाज पिता के साथ वापस चली गई।
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कार्यालय पहुंचने पर डीपीआरओ को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने फोन कर नेहानाज के पिता को बुलाया। बाद में डीपीआरओ ने नेहानाज व रुबीना के पक्ष को बारी-बारी सुना, लेकिन बुधवार को इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका।
ग्राम पंचायत हटहट में पंचायत सहायक पद पर चयन को लेकर दो आवेदकों में विवाद है। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में दोनों पक्षों को बुलाकर उनका पक्ष जाना गया है। दोनों पक्षों से साक्ष्य भी लिए गए हैं। दोनों पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रार्थनापत्रों व साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
आलोक प्रियदर्शी, डीपीआरओ मुरादाबाद
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ग्राम पंचायत हटहट में पंचायत सहायक पद के लिए रुबीना और नेहा नाज के द्वारा आवेदन किया गया था। मेरिट के हिसाब से सर्र्वाधिक अंक नेहा नाज के हैं। हालांकि रुबीना के चयन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत द्वारा कोविड मृतक आश्रित कोटे के तहत कर लिया गया। नियुक्ति के लिए डीपीआरओ कार्यालय पत्रावली भेज दी गई थी। इसकी जानकारी होने पर नेहा नाज ने डीएम के समक्ष उपस्थित होकर आपत्ति जताई कि रुबीना कोविड मृतका नसीमा की सगी बेटी नहीं है, बल्कि वह नसीम जहां उर्फ ननिया की पुत्री है। कोविड मृतका नसीमा की कोई औलाद थी ही नहीं। डीएम द्वारा इस प्रार्थना पत्र का कोई निस्तारण नहीं करने पर नेहा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने डीएम को एक माह में नेहा नाज के प्रार्थनापत्र का निस्तारण करने का आदेश दिया।
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डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने नेहा नाज को 28 दिसंबर को नोटिस जारी कर कार्यालय में अपना पक्ष साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करने को बुलाया था। नेहा नाज के पिता अय्यूब आलम ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान डीपीआरओ कार्यालय में मौजूद नहीं थे। लिहाजा वह उनके आने का इंतजार करने लगे। इसी बीच रुबीना भी अपने परिजनों के साथ डीपीआरओ कार्यालय पहुंच गई। आरोप है कि रुबीना के परिजनों ने उसके चयन प्रस्ताव का विरोध करने पर आपत्ति जताई। इस बात को लेकर दोनों पक्ष के लोगों में नोकझोंक हो गई। कार्यालय के कुछ अन्य लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद नेहानाज पिता के साथ वापस चली गई।
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कार्यालय पहुंचने पर डीपीआरओ को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने फोन कर नेहानाज के पिता को बुलाया। बाद में डीपीआरओ ने नेहानाज व रुबीना के पक्ष को बारी-बारी सुना, लेकिन बुधवार को इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका।
ग्राम पंचायत हटहट में पंचायत सहायक पद पर चयन को लेकर दो आवेदकों में विवाद है। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में दोनों पक्षों को बुलाकर उनका पक्ष जाना गया है। दोनों पक्षों से साक्ष्य भी लिए गए हैं। दोनों पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रार्थनापत्रों व साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
आलोक प्रियदर्शी, डीपीआरओ मुरादाबाद