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Moradabad News: खुर्जा में आमने-सामने आ गईं थीं ट्रेनें, तीन दिन बाद हटे डीआरएम
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मुरादाबाद। संग्रह मौर्य को डीआरएम मुरादाबाद के पद से हटा दिया गया है। शुक्रवार को तबादला आदेश के साथ ही यहां पहुंचे राजकुमार सिंह को मुरादाबाद रेल मंडल का प्रभारी डीआरएम बनाया गया है। सिंह इससे पूर्व मुरादाबाद डीआरएम की कुर्सी संभाल चुके हैं। इस आशय के आदेश में बदलाव का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन एकाएक हुआ यह परिवर्तन 29 दिसंबर को खुर्जा में एक लाइन पर दो ट्रेनें आ जाने का नतीजा माना जा रहा है। घटना के समय उत्तर रेलवे के जीएम अशोक वर्मा मुरादाबाद रेल मंडल के दौरे पर थे।
खुर्जा स्टेशन पर 29 दिसंबर को हापुड़ की ओर से आने वाली एक्सप्रेस और मेरठ की ओर से आ रही ट्रेन आमने-सामने आ गई थीं। दोनों ड्राइवरों के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से दो गाड़ियों की भिड़ंत बच गई थी। उस वक्त मुरादाबाद मंडल में मुआयने पर आए जीएम अशोक वर्मा भी अफसरों के साथ तत्काल स्थानीय कंट्रोल रूम पहुंच गए थे। उनकी मौजूदगी में मामले की रिपोर्ट उत्तर रेल मुख्यालय भेज दी गई थी।
सूत्र बताते हैं कि उस वक्त माना गया था कि खुर्जा स्टेशन पर मेरठ की ओर से आ रही एक्सप्रेस ट्रेन को निकाले जाने के बाद हापुड़ से आ रही ट्रेन को चलाने की योजना थी। स्टेशन मास्टर को मेरठ से आने वाली ट्रेन निकल जाने का भ्रम होने से हापुड़ की ओर वाली ट्रेन को क्लियर सिग्नल दे दिया गया। ड्राइवरों के चौकस रहने से भीषण हादसा बच गया था।
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अब अचानक डीआरएम के पद पर बदलाव को खुर्जा प्रकरण का परिणाम माना जा रहा है, हालांकि कोई आला अफसर इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
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...कुछ कह नहीं सकताः जीएम
रेल मंत्रालय व रेलवे बोर्ड के इस निर्णय के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। खुर्जा में घटना हुई थी लेकिन आदेश ऊपर से ही हुए हैं। डीआरएम के बदलाव का क्या कारण रहा, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी मेरे पास नहीं है। - अशोक कुमार वर्मा, जीएम, उत्तर रेलवे
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खुर्जा स्टेशन पर 29 दिसंबर को हापुड़ की ओर से आने वाली एक्सप्रेस और मेरठ की ओर से आ रही ट्रेन आमने-सामने आ गई थीं। दोनों ड्राइवरों के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से दो गाड़ियों की भिड़ंत बच गई थी। उस वक्त मुरादाबाद मंडल में मुआयने पर आए जीएम अशोक वर्मा भी अफसरों के साथ तत्काल स्थानीय कंट्रोल रूम पहुंच गए थे। उनकी मौजूदगी में मामले की रिपोर्ट उत्तर रेल मुख्यालय भेज दी गई थी।
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सूत्र बताते हैं कि उस वक्त माना गया था कि खुर्जा स्टेशन पर मेरठ की ओर से आ रही एक्सप्रेस ट्रेन को निकाले जाने के बाद हापुड़ से आ रही ट्रेन को चलाने की योजना थी। स्टेशन मास्टर को मेरठ से आने वाली ट्रेन निकल जाने का भ्रम होने से हापुड़ की ओर वाली ट्रेन को क्लियर सिग्नल दे दिया गया। ड्राइवरों के चौकस रहने से भीषण हादसा बच गया था।
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अब अचानक डीआरएम के पद पर बदलाव को खुर्जा प्रकरण का परिणाम माना जा रहा है, हालांकि कोई आला अफसर इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
...कुछ कह नहीं सकताः जीएम
रेल मंत्रालय व रेलवे बोर्ड के इस निर्णय के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। खुर्जा में घटना हुई थी लेकिन आदेश ऊपर से ही हुए हैं। डीआरएम के बदलाव का क्या कारण रहा, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी मेरे पास नहीं है। - अशोक कुमार वर्मा, जीएम, उत्तर रेलवे