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Moradabad News: 17 करोड़ से मजबूत होगी ट्रेनों की बिजली व्यवस्था, स्काडा सिस्टम लगेगा
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मुरादाबाद। मंडल में बढ़ते रेल यातायात के साथ ट्रेनों को बिजली देने की व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी। इसके लिए मुरादाबाद मंडल में करीब 17.07 करोड़ रुपये की लागत से नया निगरानी और नियंत्रण सिस्टम लगाया जाएगा। रेलवे ने इसके लिए टेंडर जारी किया है। यह व्यवस्था 25 हजार वोल्ट की मौजूदा बिजली आपूर्ति को दोहरी क्षमता वाली प्रणाली में बदलने की योजना का हिस्सा है।
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर बिजली की मांग भी बढ़ती है। नई व्यवस्था ज्यादा विद्युत भार संभाल सकेगी। इससे एक ही रेलखंड पर अधिक ट्रेनों को चलाने में बिजली की क्षमता बाधा नहीं बनेगी। खासकर व्यस्त रेलखंडों पर ट्रेनों के संचालन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्काडा सिस्टम लगाया जाएगा। इससे रेलवे के नियंत्रण कक्ष से ट्रैक की बिजली व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। कहीं बिजली की आपूर्ति में गड़बड़ी होती है तो उसका पता जल्दी चलेगा। खराबी वाले हिस्से को अलग करने और बिजली व्यवस्था को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। अभी किसी हिस्से में बिजली की तकनीकी समस्या आने पर उसे तलाशने और ठीक करने में समय लग सकता है। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि नई निगरानी व्यवस्था से समस्या की जानकारी जल्द मिलने की उम्मीद है। इससे ट्रेनों के संचालन पर पड़ने वाला असर कम करने में मदद मिलेगी।
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इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर बिजली की मांग भी बढ़ती है। नई व्यवस्था ज्यादा विद्युत भार संभाल सकेगी। इससे एक ही रेलखंड पर अधिक ट्रेनों को चलाने में बिजली की क्षमता बाधा नहीं बनेगी। खासकर व्यस्त रेलखंडों पर ट्रेनों के संचालन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्काडा सिस्टम लगाया जाएगा। इससे रेलवे के नियंत्रण कक्ष से ट्रैक की बिजली व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। कहीं बिजली की आपूर्ति में गड़बड़ी होती है तो उसका पता जल्दी चलेगा। खराबी वाले हिस्से को अलग करने और बिजली व्यवस्था को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। अभी किसी हिस्से में बिजली की तकनीकी समस्या आने पर उसे तलाशने और ठीक करने में समय लग सकता है। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि नई निगरानी व्यवस्था से समस्या की जानकारी जल्द मिलने की उम्मीद है। इससे ट्रेनों के संचालन पर पड़ने वाला असर कम करने में मदद मिलेगी।
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