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Moradabad News: बाघों का कुनबा बढ़ा...घट गया विचरण क्षेत्र

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:25 AM IST
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Tiger population grows... roaming territory shrinks.
मुरादाबाद। जंगल के राजा शेर की प्रजाति से संबंध रखने वाले बाघों का परिवार अमानगढ़ के जंगल में फल फूल रहा है। परिवार बढ़ने से हर राजा (बाघ) का साम्राज्य दो किमी घट गया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अमानगढ़ के जंगल का क्षेत्रफल 9500 हेक्टेयर यानी 95 वर्ग किमी है। इसमें भी बाघों का विचरण क्षेत्र सीमित है। चार साल पहले जब इनकी संख्या कम थी तो हर बाघ करीब 10 वर्ग किमी में विचरण करता था। अब संख्या बढ़ी तो विचरण क्षेत्र घटकर आठ वर्ग किमी रह गया है।
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विश्व बाघ दिवस पर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के लिए अच्छी खबर सामने आई है। चार साल पहले टाइगर रिजर्व घोषित होने के समय यहां बाघों की संख्या 32 दर्ज की गई थी। अब वन विभाग को उम्मीद है कि यह संख्या बढ़कर करीब 40 तक पहुंच सकती है। हाल ही में विभाग ने गणना कराई है और आधिकारिक आंकड़ा दिसंबर तक जारी होगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गणना के लिए छह टीमों को लगाया गया। कैमरा ट्रैप, पगमार्क, मल, धारियां और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से बाघों की मौजूदगी का आकलन गया तैयार रिपोर्ट शासन के माध्यम से वन मंत्रालय को भेजी जाएगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की संख्या बढ़ने में विचरण क्षेत्र का भी बड़ा महत्व है। दो नर बाघों के बीच लड़ाई विचरण क्षेत्र के लेकर ही होती है। कभी-कभी यह लड़ाई इतनी घातक होती है कि एक बाघ दूसरे को मार डालता है। यहां तक कि अपने क्षेत्र में बादशाहत को लेकर पिता ही अपने बच्चे की हत्या कर देता है। वहीं मादाओं की बात करें तो एक मादा बाघ अपने बच्चे को दो साल तक अपने पास रखती है। इसके बाद उसे छोड़ देती है। मादा बाघ का जंगल में विचरण क्षेत्र तीन किमी का होता है।
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मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि किसी भी जंगल में बाघों की संख्या बढ़ना वहां के पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने का संकेत होता है। अमानगढ़ में पर्याप्त शिकार, जल स्रोत और सुरक्षित आवास मिलने से बाघों का प्रजनन बेहतर हुआ है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में यहां बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि के संकेत मिले हैं।
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