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डीपीआर बनाने में ही निकल गए स्मार्ट सिटी के तीन साल
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मुरादाबाद। जनवरी 2018 में महानगर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला तो शहरवासियों को विकास की उम्मीद जगी। अधिकारियों ने भी लंबे चौड़े दावे किए। परियोजनाएं बनाई गईं। लोगों लगा कि शहर जल्द ही स्मार्ट हो जाएगा, लेकिन शुरूआती ढाई साल प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने और मंजूरी में ही निकल गए। कोरोना काल भी इसमें बाधक बना।
इस साल नए मंडलायुक्त ने सख्ती दिखाई, लगातार समीक्षा हुई तो परियोजनाओं ने कुछ रफ्तार पकड़ी और इन छह महीनों में तीन प्रोजेक्ट पूरे हुए। वर्तमान में स्मार्ट सिटी की 40 परियोजनाए हैं। यदि शुरूआती ढाई सालों में काम की रफ्तार देखी जाए तो इन परियोजनाओं के पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।
दरअसल वर्तमान में स्मार्ट सिटी योजना में 807.17 करोड़ के कुल 40 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इनमें से अभी तक केवल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, करियर मित्र और शहर में 20 स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने का काम पूरा हुुआ है। बाकी परियोजनाएं अभी चल रही हैं। 202 करोड़ की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के लिए टेंडर का काम ही बड़ी जद्दोजहद के बाद हुआ। महीनों से यह काम चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ।
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दो साल से शहर में इलैक्ट्रिक बसें चलने के दावे अभी तक अधूरे हैं। शहर की सड़कों की कायाकल्प, बाजारों का सुंदरीकरण सहित कई परियोजनाओं के शुरू होने का इंतजार शहरवासियों को है। नोडल अधिकारी टीएन मिश्रा ने एडवाइजरी कमेटी की बैठक में बताया था कि स्मार्ट सिटी योजना के 40 में से तीन प्रजेेक्ट पूरे हए हैं। 527 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। टेंडर भी हो चुके हैं और इसमें तेजी से काम हो रहा है।
शहर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का हाल
संख्या अनुमानित लागत
कुल प्रोजेक्ट 40 807.17 करोड़
पूरे हुए प्रोजेक्ट 03 12.92 करोड़
टेंडर स्वीकृत 16 527.19 करोड़
जैम पोर्टल कार्रवाई 09 72.73 करोड़
टेंडर प्रकाशन 02 7.04 करोड़
डीपीआर वर्किंग 04 92.04 करोड़
विभिन्न वजहों से रुके 06
कुछ मुख्य प्रोजेक्ट जिनका शहरवासियों को है इंतजार
प्राजेक्ट धनराशि
शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 8.26 करोड़
20 स्थानों पर सोलर बेस वाटर एटीएम 2.91 करोड़
20 स्थानों पर सोलर बेस्ट स्मार्ट टायलेट 4.40 करोड़
शहर के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प 48 करोड़
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर 202.98 करोड़
शहर के पार्कों का सुंदरीकरण 8.26 करोड़
रिचार्जिंग सिस्टम 2.62 करोड़
17 सरकारी भवनों पर सोलर रूफ टॉप 6.51 करोड़
पुराने बाजारों में रेट्रोफिटिंग 75 करोड़
स्किल डवलपमेंट सेंटर 30.53 करोड़
स्मार्ट सड़कें 87.57 करोड़
प्रदूषण नियंत्रण मापक यंत्र स्थापना 8.54 करोड़
करीब छह माह पूर्व जब मैंने मंडलायुक्त का चार्ज लिया था तो उस वक्त काम बेहद सुस्त था। एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं था। लगातार समीक्षा कर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। छह महीने में काम में तेजी आई। आईसीसीसी का काम तेजी से चला। कई परियोजनाओं की डीपीआर मंजूर कराकर टेंडर कराए गए। सोलह प्रोजेक्ट में तेजी से काम चल रहा है। इसी तेजी का नतीजा रहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में चल रहे कार्यों में देश भर की मेरिट में मुरादाबाद 67 वें नंबर पर आ गया है जो पहले 98 वें नंबर पर था। दिसबंर तक स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट धरातल पर नजर आएंगे। बहुत तेजी से काम होगा। -आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त
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इस साल नए मंडलायुक्त ने सख्ती दिखाई, लगातार समीक्षा हुई तो परियोजनाओं ने कुछ रफ्तार पकड़ी और इन छह महीनों में तीन प्रोजेक्ट पूरे हुए। वर्तमान में स्मार्ट सिटी की 40 परियोजनाए हैं। यदि शुरूआती ढाई सालों में काम की रफ्तार देखी जाए तो इन परियोजनाओं के पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।
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दरअसल वर्तमान में स्मार्ट सिटी योजना में 807.17 करोड़ के कुल 40 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इनमें से अभी तक केवल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, करियर मित्र और शहर में 20 स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने का काम पूरा हुुआ है। बाकी परियोजनाएं अभी चल रही हैं। 202 करोड़ की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के लिए टेंडर का काम ही बड़ी जद्दोजहद के बाद हुआ। महीनों से यह काम चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ।
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दो साल से शहर में इलैक्ट्रिक बसें चलने के दावे अभी तक अधूरे हैं। शहर की सड़कों की कायाकल्प, बाजारों का सुंदरीकरण सहित कई परियोजनाओं के शुरू होने का इंतजार शहरवासियों को है। नोडल अधिकारी टीएन मिश्रा ने एडवाइजरी कमेटी की बैठक में बताया था कि स्मार्ट सिटी योजना के 40 में से तीन प्रजेेक्ट पूरे हए हैं। 527 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। टेंडर भी हो चुके हैं और इसमें तेजी से काम हो रहा है।
शहर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का हाल
संख्या अनुमानित लागत
कुल प्रोजेक्ट 40 807.17 करोड़
पूरे हुए प्रोजेक्ट 03 12.92 करोड़
टेंडर स्वीकृत 16 527.19 करोड़
जैम पोर्टल कार्रवाई 09 72.73 करोड़
टेंडर प्रकाशन 02 7.04 करोड़
डीपीआर वर्किंग 04 92.04 करोड़
विभिन्न वजहों से रुके 06
कुछ मुख्य प्रोजेक्ट जिनका शहरवासियों को है इंतजार
प्राजेक्ट धनराशि
शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 8.26 करोड़
20 स्थानों पर सोलर बेस वाटर एटीएम 2.91 करोड़
20 स्थानों पर सोलर बेस्ट स्मार्ट टायलेट 4.40 करोड़
शहर के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प 48 करोड़
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर 202.98 करोड़
शहर के पार्कों का सुंदरीकरण 8.26 करोड़
रिचार्जिंग सिस्टम 2.62 करोड़
17 सरकारी भवनों पर सोलर रूफ टॉप 6.51 करोड़
पुराने बाजारों में रेट्रोफिटिंग 75 करोड़
स्किल डवलपमेंट सेंटर 30.53 करोड़
स्मार्ट सड़कें 87.57 करोड़
प्रदूषण नियंत्रण मापक यंत्र स्थापना 8.54 करोड़
करीब छह माह पूर्व जब मैंने मंडलायुक्त का चार्ज लिया था तो उस वक्त काम बेहद सुस्त था। एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं था। लगातार समीक्षा कर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। छह महीने में काम में तेजी आई। आईसीसीसी का काम तेजी से चला। कई परियोजनाओं की डीपीआर मंजूर कराकर टेंडर कराए गए। सोलह प्रोजेक्ट में तेजी से काम चल रहा है। इसी तेजी का नतीजा रहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में चल रहे कार्यों में देश भर की मेरिट में मुरादाबाद 67 वें नंबर पर आ गया है जो पहले 98 वें नंबर पर था। दिसबंर तक स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट धरातल पर नजर आएंगे। बहुत तेजी से काम होगा। -आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त