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Moradabad News: स्वाइन फ्लूू के तीन और मरीज मिले, संख्या पहुंची 20
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मुरादाबाद। शहर में शनिवार को स्वाइन फ्लू के तीन नए मरीज मिले हैं। अब जनपद में मरीजों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। यह सभी मरीज निजी अस्पतालों में जांच करवाने के बाद पॉजिटिव आए हैं। जबकि जिला अस्पताल में सिर्फ एक संदिग्ध मरीज की जांच हुई और उसकी रिपोर्ट निगेटिव रही। अब स्वास्थ्य विभाग ने शासनादेश का हवाला देते हुए आईएमए के अध्यक्ष और सचिव को पत्र लिखकर बुखार के सभी मरीजों की जांच करने के बजाय सिर्फ सी कैटेगरी वाले मरीजों की ही स्वाइन फ्लू की जांच के निर्देश दिए हैं।
मुरादाबाद जनपद में पहला स्वाइन फ्लू का मरीज 31 जुलाई को मिला था। इसके बाद 24 अगस्त से मरीजों की स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने का सिलसिला शुरू हुआ। शनिवार को भी तीन मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसमें दो महिला मरीज हैं, जबकि एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं। प्रकाश नगर निवासी 30 वर्षीय महिला ने एक निजी पैथोलॉजी लैब में जांच करवाई थी। इसके अलावा हरथला निवासी 37 वर्षीय महिला ने निजी अस्पताल में अपनी जांच करवाई। दोनों की ही रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तीसरे व्यक्ति रेलवे हरथला कालोनी निवासी 79 वर्षीय हैं। इनकी पत्नी की शुक्रवार को स्वाइन फ्लू की जांच पॉजीटिव थी। इनको भी बुखार की समस्या हो रही थी।
यह है शासनादेश
शासनादेश के मुताबिक बुखार रोगियों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। ए श्रेणी में सामान्य रोगी, जिन्हें हल्का बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, दस्त और उल्टी होती हैं आते हैं। बी श्रेणी में ए श्रेणी के लक्षणों के साथ मरीज को तेज बुखार, गले में गंभीर खराश वाले मरीज होते हैं। सी श्रेणी में अति गंभीर रोगी आते हैं।
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करीब पांच मरीज हो चुके हैं भर्ती
सभी पॉजिटिव 20 मरीजों में से करीब पांच मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। इसमें एक मरीज को गंभीर स्थिति में रेफर किया गया था। बाद में एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। शेष मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई। शनिवार को कोई मरीज भर्ती नहीं था।
वर्जन...
जिला अस्पताल में दो दिन पहले ही जांच शुरू हुई है। शासन के निर्देशानुसार वहां सिर्फ कैटेगरी सी वालों की जांच की जा रही है। निजी अस्पताल व लैब सभी की जांच कर रहे हैं। आईएमए के अध्यक्ष व सचिव को पत्र भेजा है कि गंभीर मरीजों की ही जांच करवाएं। ए और बी श्रेणी वाले मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवा दी जाती है। हमारा उद्देश्य मरीज को ठीक करने का है, उनकी संख्या कम या ज्यादा करने का नहीं है। सभी मरीजों को समय पर उपचार दिया जा रहा है और मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं।
प्रवीण श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग
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मुरादाबाद जनपद में पहला स्वाइन फ्लू का मरीज 31 जुलाई को मिला था। इसके बाद 24 अगस्त से मरीजों की स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने का सिलसिला शुरू हुआ। शनिवार को भी तीन मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसमें दो महिला मरीज हैं, जबकि एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं। प्रकाश नगर निवासी 30 वर्षीय महिला ने एक निजी पैथोलॉजी लैब में जांच करवाई थी। इसके अलावा हरथला निवासी 37 वर्षीय महिला ने निजी अस्पताल में अपनी जांच करवाई। दोनों की ही रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तीसरे व्यक्ति रेलवे हरथला कालोनी निवासी 79 वर्षीय हैं। इनकी पत्नी की शुक्रवार को स्वाइन फ्लू की जांच पॉजीटिव थी। इनको भी बुखार की समस्या हो रही थी।
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यह है शासनादेश
शासनादेश के मुताबिक बुखार रोगियों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। ए श्रेणी में सामान्य रोगी, जिन्हें हल्का बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, दस्त और उल्टी होती हैं आते हैं। बी श्रेणी में ए श्रेणी के लक्षणों के साथ मरीज को तेज बुखार, गले में गंभीर खराश वाले मरीज होते हैं। सी श्रेणी में अति गंभीर रोगी आते हैं।
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करीब पांच मरीज हो चुके हैं भर्ती
सभी पॉजिटिव 20 मरीजों में से करीब पांच मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। इसमें एक मरीज को गंभीर स्थिति में रेफर किया गया था। बाद में एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। शेष मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई। शनिवार को कोई मरीज भर्ती नहीं था।
वर्जन...
जिला अस्पताल में दो दिन पहले ही जांच शुरू हुई है। शासन के निर्देशानुसार वहां सिर्फ कैटेगरी सी वालों की जांच की जा रही है। निजी अस्पताल व लैब सभी की जांच कर रहे हैं। आईएमए के अध्यक्ष व सचिव को पत्र भेजा है कि गंभीर मरीजों की ही जांच करवाएं। ए और बी श्रेणी वाले मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवा दी जाती है। हमारा उद्देश्य मरीज को ठीक करने का है, उनकी संख्या कम या ज्यादा करने का नहीं है। सभी मरीजों को समय पर उपचार दिया जा रहा है और मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं।
प्रवीण श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग