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Moradabad News: आत्महत्या का खयाल समाधान नहीं, सजग रहें विद्यार्थी व अभिभावक
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मुरादाबाद। दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कुछ विद्यार्थियों को बोझ लगने लगा है। परीक्षा से पहले ही उन्हें परिणाम की चिंता सता रही है। इसकी वजह से लगातार तनाव हो रहा है। स्थिति इस कदर बिगड़ रही है कि गुमशुम रहते हैं और आत्महत्या जैसे खयाल आते हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आत्महत्या समाधान नहीं, बल्कि सबसे बड़ी कायरता है। जब भी ऐसे विचार आएं तो किसी ऐसे व्यक्ति के सामने बैठ जाएं, जिससे आप भावनात्मक रूप से सबसे ज्यादा जुड़े हैं।
केस एक
जिगर कॉलोनी के छात्र ने बताया कि 12वीं की परीक्षा के साथ ही नीट की तैयारी कर रहा हूं। पापा-मम्मी मुझको डॉक्टर बनना चाहते हैं। उन्होंने मेरी कोचिंग में भी बहुत पैसे खर्च किए हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं कभी नीट उत्तीर्ण कर पाऊंगा। मैं बहुत निराश हो चुका हूं कि मैं मम्मी-पापा का सपना पूरा नहीं कर पाऊंगा तो ऐसी जिंदगी का क्या फायदा।
सुझाव
- पहले आप 12वीं की परीक्षा पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करें
- आपको डॉक्टर बनाना आपके माता-पिता का सपना है। लेकिन वह सिर्फ एक सपना है और आप अपने माता-पिता की जिंदगी हैं। याद रखिए कि जिंदगी की कीमत हमेशा सपने से ज्यादा होती है
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- आपके डॉक्टर न बनने पर आपके माता-पिता को एक ही बार दुख होगा। लेकिन आपके किसी आत्मघाती कदम उठाने पर वह पूरी जिंदगी दुखी रहेंगे
- करियर का मतलब सिर्फ डॉक्टर बनना ही नहीं है, बल्कि मेडिकल क्षेत्र में भी बहुत से ऐसे प्रोफेशन हैं, जिनको अपनी क्षमता के अनुसार चुनकर आप अपने माता-पिता का सपना पूरा कर सकते हैं
- किसी भी परिस्थिति से मुकाबला बहादुरी से करना सीखिए। कोई भी गलत कदम उठाना कायरता होगी
- अपने अभिभावकों से बात करिए और उनको अपनी क्षमता के बारे में बताइए। अगर खुद हिचकिचाहट हो रही हो तब घर में किसी बड़े या शिक्षक की सहायता भी आप ले सकते हैं
केस दो
प्रकाश नगर निवासी एक व्यक्ति का कहना है कि मेरा बेटा क्लास दसवीं का छात्र है। उसके बोर्ड की तैयारी बहुत अच्छी नहीं है। मैं आजकल अपने बेटे के बदले व्यवहार से बहुत चिंतित हूं। परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद से उसने खाना पीना बहुत कम कर दिया और गुमसुम सा हो गया है। मुझको डर है कि कहीं परीक्षा के दबाव में वह डिप्रेशन में न चला जाए या कोई गलत कदम न उठा ले। ऐसे में मैं क्या करूं।
सुझाव
- बच्चे से प्यार से संवाद स्थापित करें और उसकी मनोदशा को जानने का प्रयास करें
- घर का माहौल खुशनुमा रखें और बच्चे से रूखा व्यवहार और गुस्सा करने से बचे हैं
- बच्चे पर अपनी उम्मीदों के हिसाब से परिणाम लाने का दबाव न बनाएं
- बच्चे का तनाव कम करने का प्रयास करें और उसको समझाएं कि आपके लिए परिणाम नहीं बल्कि वह और उसका खुश रहना महत्वपूर्ण है
- अन्य विद्यार्थियों, रिश्तेदारों को प्राप्त अंकों का वर्णन करके उस पर दबाव न बनाएं
- बच्चे के व्यवहार में होने वाले किसी भी परिवर्तन पर लगातार नजर रखें। स्थिति गंभीर लगने पर मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की सलाह लें
केस तीन
पाकबड़ा निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि उसे पढ़ाई से संबंधित तनाव होता है। उसके मित्रों ने उसे बताया है कि यदि नशा करेेगा तो उसे तनाव से मुक्ति मिलेगी। उसने धूम्रपान करना शुरू कर दिया है। उसकी पढ़ाई अच्छी होने के बजाय और खराब हो गई है। एक दिन उसकी मम्मी ने धूम्रपान करते हुए देख लिया। उसे बहुत शर्मिंदगी हो रही है पर अब वह धूम्रपान की लत छोड़ नहीं पा रहा है। जब भी वह इस आदत से बचने की कोशिश करता है तो उसे घबराहट, छटपटाहट और बेचैनी होने लगती है।
सुझाव
सबसे पहले उन दोस्तों की संगत छोड़ें, जिन्होंने यह बुरी लत लगवाई है
- अच्छे विद्यार्थियों के साथ रहें और आत्मविश्वास विकसित करें
- जब भी धूम्रपान की तलब हो, तब अपने मम्मी और पापा का चेहरा याद कर लें
- गहरी सांस लें और पानी पीएं, ध्यान दें कि छोटे भाई और बहन को आप क्या प्रेरणा दे रहे हैं
- धूम्रपान के दुष्प्रभाव संबंधी डॉक्यूमेंट्री देखना नशे से दूर रखने में मदद करेगा
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केस एक
जिगर कॉलोनी के छात्र ने बताया कि 12वीं की परीक्षा के साथ ही नीट की तैयारी कर रहा हूं। पापा-मम्मी मुझको डॉक्टर बनना चाहते हैं। उन्होंने मेरी कोचिंग में भी बहुत पैसे खर्च किए हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं कभी नीट उत्तीर्ण कर पाऊंगा। मैं बहुत निराश हो चुका हूं कि मैं मम्मी-पापा का सपना पूरा नहीं कर पाऊंगा तो ऐसी जिंदगी का क्या फायदा।
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सुझाव
- पहले आप 12वीं की परीक्षा पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करें
- आपको डॉक्टर बनाना आपके माता-पिता का सपना है। लेकिन वह सिर्फ एक सपना है और आप अपने माता-पिता की जिंदगी हैं। याद रखिए कि जिंदगी की कीमत हमेशा सपने से ज्यादा होती है
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- आपके डॉक्टर न बनने पर आपके माता-पिता को एक ही बार दुख होगा। लेकिन आपके किसी आत्मघाती कदम उठाने पर वह पूरी जिंदगी दुखी रहेंगे
- करियर का मतलब सिर्फ डॉक्टर बनना ही नहीं है, बल्कि मेडिकल क्षेत्र में भी बहुत से ऐसे प्रोफेशन हैं, जिनको अपनी क्षमता के अनुसार चुनकर आप अपने माता-पिता का सपना पूरा कर सकते हैं
- किसी भी परिस्थिति से मुकाबला बहादुरी से करना सीखिए। कोई भी गलत कदम उठाना कायरता होगी
- अपने अभिभावकों से बात करिए और उनको अपनी क्षमता के बारे में बताइए। अगर खुद हिचकिचाहट हो रही हो तब घर में किसी बड़े या शिक्षक की सहायता भी आप ले सकते हैं
केस दो
प्रकाश नगर निवासी एक व्यक्ति का कहना है कि मेरा बेटा क्लास दसवीं का छात्र है। उसके बोर्ड की तैयारी बहुत अच्छी नहीं है। मैं आजकल अपने बेटे के बदले व्यवहार से बहुत चिंतित हूं। परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद से उसने खाना पीना बहुत कम कर दिया और गुमसुम सा हो गया है। मुझको डर है कि कहीं परीक्षा के दबाव में वह डिप्रेशन में न चला जाए या कोई गलत कदम न उठा ले। ऐसे में मैं क्या करूं।
सुझाव
- बच्चे से प्यार से संवाद स्थापित करें और उसकी मनोदशा को जानने का प्रयास करें
- घर का माहौल खुशनुमा रखें और बच्चे से रूखा व्यवहार और गुस्सा करने से बचे हैं
- बच्चे पर अपनी उम्मीदों के हिसाब से परिणाम लाने का दबाव न बनाएं
- बच्चे का तनाव कम करने का प्रयास करें और उसको समझाएं कि आपके लिए परिणाम नहीं बल्कि वह और उसका खुश रहना महत्वपूर्ण है
- अन्य विद्यार्थियों, रिश्तेदारों को प्राप्त अंकों का वर्णन करके उस पर दबाव न बनाएं
- बच्चे के व्यवहार में होने वाले किसी भी परिवर्तन पर लगातार नजर रखें। स्थिति गंभीर लगने पर मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की सलाह लें
केस तीन
पाकबड़ा निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि उसे पढ़ाई से संबंधित तनाव होता है। उसके मित्रों ने उसे बताया है कि यदि नशा करेेगा तो उसे तनाव से मुक्ति मिलेगी। उसने धूम्रपान करना शुरू कर दिया है। उसकी पढ़ाई अच्छी होने के बजाय और खराब हो गई है। एक दिन उसकी मम्मी ने धूम्रपान करते हुए देख लिया। उसे बहुत शर्मिंदगी हो रही है पर अब वह धूम्रपान की लत छोड़ नहीं पा रहा है। जब भी वह इस आदत से बचने की कोशिश करता है तो उसे घबराहट, छटपटाहट और बेचैनी होने लगती है।
सुझाव
सबसे पहले उन दोस्तों की संगत छोड़ें, जिन्होंने यह बुरी लत लगवाई है
- अच्छे विद्यार्थियों के साथ रहें और आत्मविश्वास विकसित करें
- जब भी धूम्रपान की तलब हो, तब अपने मम्मी और पापा का चेहरा याद कर लें
- गहरी सांस लें और पानी पीएं, ध्यान दें कि छोटे भाई और बहन को आप क्या प्रेरणा दे रहे हैं
- धूम्रपान के दुष्प्रभाव संबंधी डॉक्यूमेंट्री देखना नशे से दूर रखने में मदद करेगा