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Moradabad News: स्कूलों में नहीं है जगह...इसलिए नहीं बढ़ेगा नामांकन
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मुरादाबाद। जयंतीपुर मोहल्ले के बच्चों की पढ़ाई का सपना पूरा होने के अभी आसार नजर नहीं आ रहे हैं। उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि अब विद्यालयों में बैठाने लायक जगह नहीं है, इसलिए नामांकन नहीं करवाए जा सकते। जूनियर स्तर के बच्चों के दाखिला की जगह मदरसे में जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। डीएम का कहना है कि मामले की जानकारी की जाएगी।
जयंतीपुर मोहल्ले में प्राथमिक विद्यालय जयंतीपुर संचालित होता था। चूंकि यहां पर जगह नहीं होने के कारण इस विद्यालय को एक मंदिर परिसर में संचालित किया जाता था। उस वक्त छात्र संख्या करीब सौ के आस-पास थी। इसके बाद करीब तीन वर्ष पहले इस विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय धीमरी में स्थानांतरित कर दिया गया। यह विद्यालय दूर होने के कारण छात्र संख्या घटकर 49 रह गई है। इसके बाद बच्चों का एक बड़ा तबका ऐसा है, जो विद्यालय न होने की वजह से दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने यहां स्कूल तो छोड़िए, किताब भी 12 साल की उम्र में देख पाती हैं लड़कियां शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया द्वारा खबर का संज्ञान लेने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश गोयल ने स्कूलों में जगह की कमी की रिपोर्ट भेजी है।
इन स्कूलों में नहीं हो सकता नामांकन
उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक विद्यालय रहमत नगर में वर्ष 2024 में 235, 2025 में 145 और 2026 में 220 छात्र पंजीकृत किए गए हैं। विद्यालय में केवल 2 ही कक्षा हैं। प्राथमिक विद्यालय धीमरी में इस विद्यालय के अलावा प्राथमिक विद्यालय जयंतीपुर भी संचालित है। विद्यालयों की पंजीकृत छात्र संख्या 116 व 49 है। दोनों विद्यालय तीन कक्षों में ही संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय भदौरा में लगभग 40 वर्ग मीटर का एक कक्ष है और 48 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। एक ही कमरे में एक से पांच तक की कक्षाएं संचालित की जा रही है। पर्याप्त मात्रा में स्थान न होने के कारण इन विद्यालयाें में इससे अधिक छात्रों को नामांकित नहीं किया जा सकता।
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तीन से चार किलोमीटर दूर विद्यालय
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर जयंतीपुर से लगभग 3 से 4 किलोमीटर दूर है। जो बच्चे विद्यालय आते हैं उन्हें रिक्शा आदि की व्यवस्था से लाया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एकल विद्यालय होने के कारण 110 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय मानपुर नरायनपुर में एक से पांच तक कक्षाएं संचालित हैं। विद्यालय जयंतीपुर से लगभग 3 से 4 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय के आस पास जो भी ऐसे बच्चे हैं, जिनका किसी भी विद्यालय में अभी तक प्रवेश नहीं हुआ है ऐसे बच्चों का प्रवेश अपने विद्यालय में लेने के लिए तैयार हैं।
मदरसों में पढ़ रहे बच्चे
प्राथमिक विद्यालय धीमरी और प्राथमिक विद्यालय मानपुर नरायनपुर की रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि जो बच्चे विद्यालय में नहीं पढ़ रहे हैं वे ज्यादा उम्र के है। जिनका प्रवेश जूनियर विद्यालय में किया जाना चाहिए। चूंकि ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग अपने बच्चों को विद्यालय में भेजने के बजाय मदरसों में भेजना पसंद करते हैं। जबकि मुस्लिम समुदाय के लोगाें का कहना है कि विद्यालय न होने की वजह से वह अपने बच्चों को मदरसों में पढ़ने के लिए भेज रहे हैं।
वर्जन...
कुछ विद्यालयों में जगह की कमी है। इसके अलावा जयंतीपुर में विभाग की जमीन नहीं है, इसलिए वहां पर विद्यालय निर्माण नहीं हो सका है। दान में जगह मिलने पर सरकार को विद्यालय निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा शहर के विद्यालयों में शिक्षकाें की कमी है। विभाग द्वारा अटैचमेंट नहीं किए जा सकते हैं। शासन से जब शिक्षकों की नियुक्ति होगी, तो यहां पर शिक्षक संख्या बढ़ेगी।
वेगीश गोयल, खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र
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जयंतीपुर मोहल्ले में प्राथमिक विद्यालय जयंतीपुर संचालित होता था। चूंकि यहां पर जगह नहीं होने के कारण इस विद्यालय को एक मंदिर परिसर में संचालित किया जाता था। उस वक्त छात्र संख्या करीब सौ के आस-पास थी। इसके बाद करीब तीन वर्ष पहले इस विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय धीमरी में स्थानांतरित कर दिया गया। यह विद्यालय दूर होने के कारण छात्र संख्या घटकर 49 रह गई है। इसके बाद बच्चों का एक बड़ा तबका ऐसा है, जो विद्यालय न होने की वजह से दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने यहां स्कूल तो छोड़िए, किताब भी 12 साल की उम्र में देख पाती हैं लड़कियां शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया द्वारा खबर का संज्ञान लेने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश गोयल ने स्कूलों में जगह की कमी की रिपोर्ट भेजी है।
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इन स्कूलों में नहीं हो सकता नामांकन
उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक विद्यालय रहमत नगर में वर्ष 2024 में 235, 2025 में 145 और 2026 में 220 छात्र पंजीकृत किए गए हैं। विद्यालय में केवल 2 ही कक्षा हैं। प्राथमिक विद्यालय धीमरी में इस विद्यालय के अलावा प्राथमिक विद्यालय जयंतीपुर भी संचालित है। विद्यालयों की पंजीकृत छात्र संख्या 116 व 49 है। दोनों विद्यालय तीन कक्षों में ही संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय भदौरा में लगभग 40 वर्ग मीटर का एक कक्ष है और 48 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। एक ही कमरे में एक से पांच तक की कक्षाएं संचालित की जा रही है। पर्याप्त मात्रा में स्थान न होने के कारण इन विद्यालयाें में इससे अधिक छात्रों को नामांकित नहीं किया जा सकता।
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तीन से चार किलोमीटर दूर विद्यालय
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर जयंतीपुर से लगभग 3 से 4 किलोमीटर दूर है। जो बच्चे विद्यालय आते हैं उन्हें रिक्शा आदि की व्यवस्था से लाया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एकल विद्यालय होने के कारण 110 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय मानपुर नरायनपुर में एक से पांच तक कक्षाएं संचालित हैं। विद्यालय जयंतीपुर से लगभग 3 से 4 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय के आस पास जो भी ऐसे बच्चे हैं, जिनका किसी भी विद्यालय में अभी तक प्रवेश नहीं हुआ है ऐसे बच्चों का प्रवेश अपने विद्यालय में लेने के लिए तैयार हैं।
मदरसों में पढ़ रहे बच्चे
प्राथमिक विद्यालय धीमरी और प्राथमिक विद्यालय मानपुर नरायनपुर की रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि जो बच्चे विद्यालय में नहीं पढ़ रहे हैं वे ज्यादा उम्र के है। जिनका प्रवेश जूनियर विद्यालय में किया जाना चाहिए। चूंकि ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग अपने बच्चों को विद्यालय में भेजने के बजाय मदरसों में भेजना पसंद करते हैं। जबकि मुस्लिम समुदाय के लोगाें का कहना है कि विद्यालय न होने की वजह से वह अपने बच्चों को मदरसों में पढ़ने के लिए भेज रहे हैं।
वर्जन...
कुछ विद्यालयों में जगह की कमी है। इसके अलावा जयंतीपुर में विभाग की जमीन नहीं है, इसलिए वहां पर विद्यालय निर्माण नहीं हो सका है। दान में जगह मिलने पर सरकार को विद्यालय निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा शहर के विद्यालयों में शिक्षकाें की कमी है। विभाग द्वारा अटैचमेंट नहीं किए जा सकते हैं। शासन से जब शिक्षकों की नियुक्ति होगी, तो यहां पर शिक्षक संख्या बढ़ेगी।
वेगीश गोयल, खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र