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‘वायु’ के प्रकोप से मानसून एक्सप्रेस में होगी और देरी
Fri, 14 Jun 2019 12:03 AM IST
राजेश सैनी
कुमार अतुल, मुरादाबाद
कुमार अतुल, मुरादाबाद
Published by: राजेश सैनी
Updated Fri, 14 Jun 2019 12:03 AM IST
सार
-उत्तर भारत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 दिन देरी से आ सकता है मानसून
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13 जून को भारतीय उपमहाद्वीप की सैटेलाइट से ली गई तस्वीर
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विस्तार
वायु तूफान का असर मानसून पर भी पड़ेगा। पहले से ही लगभग एक हफ्ते की देरी से चल रही मानसून एक्सप्रेस के और देरी से चलने की संभावना प्रबल हो गई है। पश्चिमी उत्तर, दिल्ली और उत्तर भारत के कई इलाकों में मानसून के आने की सामान्य तिथि 1 जुलाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वायु के असर से अब इसमें 10 से 15 दिन तक की देरी हो सकती है। इससे भीषण गर्मी झेल रहे इन इलाकों में स्थिति और बिगड़ने के आसार बन गए हैं।
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तूफान वायु ने गुजरात के तटीय इलाकों की दिशा बदलकर समुद्र के अंदरूनी रास्ते पाकिस्तान का रुख अख्तियार कर लिया है। इससे बेशक, गुजराती लोगों ने राहत की सांस ले ली हो लेकिन वायु मानसून की रफ्तार पर खासा असर डालेगा। आईएमडी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा एके श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून सीजन में वायु जैसे तूफान बहुत ज्यादा कुदरती ताकत खींच लेते हैं।
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इसका सीधा असर मानसून की गति पर पड़ता है। समुद्री इलाकों से मैदानी इलाकों तक आगे बढ़ने के लिए कुदरती ताकत की जरूरत होती है। वायु की वजह से मानसून की ताकत कम हो जाएगी और उसे आगे बढ़ने में दुश्वारी आएगी। एक तरह से उसे आगे बढ़ने के लिए कुदरती तौर पर खुद को ‘रिचार्ज’ करना होगा।
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जून में 50 फीसदी तक कम हो सकती है मानसूनी बारिश
वैज्ञानिकों के अनुसार पहले से ही देरी से आ रहे मानसून की गति वायु के चलते प्रभावित होने से जून माह की कुल मानसूनी बारिश में 40 से 50 फीसदी तक बारिश में कमी आ सकती है। हालांकि उत्तर भारत में मानसून की अधिकांश बारिश जुलाई से शुरू होती है। लेकिन देरी के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी भारत के इलाके गंभीर जलसंकट से गुजर सकते हैं।