{"_id":"62f40dab82dcb05cfa7583b7","slug":"the-soldier-became-a-soldier-by-changing-the-date-of-birth-report-city-news-mbd437485891","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad: जन्मतिथि में हेराफेरी कर शिक्षा प्राप्त कर बना सिपाही, गोपनीय पत्र से हुआ भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad: जन्मतिथि में हेराफेरी कर शिक्षा प्राप्त कर बना सिपाही, गोपनीय पत्र से हुआ भंडाफोड़
Thu, 11 Aug 2022 01:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2022 01:27 AM IST
सार
निशांत की वास्तविक जन्मतिथि पांच नवंबर 1992 है, लेकिन उसने अपने प्रपत्रों में जन्म तिथि पांच नवंबर 1994 कर ली थी। इस जन्म तिथि के आधार पर ही उसने शिक्षा प्राप्त की है। इसके जरिये वह 2021 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हो गया था।
विज्ञापन
गलत दस्तावेजों पर हासिल की सिपाही की नौकरी
- फोटो : demo pic
विस्तार
जन्मतिथि में हेराफेरी कर शिक्षा प्राप्त कर पुलिस विभाग में सिपाही बने मुजफ्फरनगर निवासी निशांत कुमार के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है। इस संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी के मुताबिक, पुलिस कार्यालय में सहायक लिपिक अरविंद कुमार चंदेल की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। एसएसपी कार्यालय में एक गोपनीय पत्र भेजा गया था, जिसमें बताया गया था कि मुजफ्फरनगर निवासी निशांत कुमार पुलिस विभाग में फर्जीवाड़ा करके सिपाही बना है। एसएसपी ने इस मामले की जांच एसपी देहात विद्या सागर से कराई।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि निशांत की वास्तविक जन्मतिथि पांच नवंबर 1992 है, लेकिन उसने अपने प्रपत्रों में जन्म तिथि पांच नवंबर 1994 कर ली थी। इस जन्म तिथि के आधार पर ही उसने शिक्षा प्राप्त की है। इसके जरिये वह 2021 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हो गया था। जांच में सिपाही के खिलाफ आरोप सही पाए गए। सिपाही को नोटिस जारी कर उसका पक्ष भी जानने का प्रयास किया गया। लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
विज्ञापन
सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि आरोपी सिपाही के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, फर्जी दस्तावेज के जरिये सिपाही की नौकरी पाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।