फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   The people who put poison in the root of this tree are theirs: Azam Khan

इस दरख्त की जड़ में जहर डालने वाले लोग अपने हैं: आजम खां

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
The people who put poison in the root of this tree are theirs: Azam Khan
इस दरख्त की जड़ में जहर डालने वाले लोग अपने हैं: आजम खां
विज्ञापन

सीतापुर जेल से रिहा होकर घर पहुंचे आजम खां ने समर्थकों के बीच रखी अपनी बात, घर से
रामपुर। सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद रामपुर पहुंचे आजम खां ने जहां सुप्रीम कोर्ट और समर्थकों का शुक्रिया अदा किया वहीं कुछ अपनों पर निशाना भी साधा। कहा कि इस दरख्त की जड़ में जहर डालने वाले लोग अपने हैं। समर्थकों से बात करते हुए जेल और राजनीति के अनुभव साझा किए और अपना दर्द बयां किया।
आजम खां ने अपने घर के पास स्थित मुमताज पार्क के निकट समर्थकों से बात की। कहा कि इस दरख्त की जड़ों में जहर डालने वाले लोग अपने हैं, हम आपके सामने जिंदा खड़े हैं, ये किसी आश्चर्य से कम नहीं है। हमें जहां रखा गया था उस कोठरी में अंग्रेजों के जमाने में उन लोगों को रखा जाता था जिन्हें दो-तीन दिन बाद फांसी होनी होती थी। हमारी कोठरी के पास ही फांसीघर था। हमारे बच्चे और पत्नी के आ जाने के बाद हम अकेले रह गए थे, बस दीवार और छत थी। रात होती थी तो सुबह का तसव्वुर रहता था और सुबह को शाम का तसव्वुर होता था। इस तरह आपसे जुदा होकर समय गुजारा है। हमारे रिश्तों में तसव्वुर ही नहीं था कि हम और आप जुदा होंगे।
विज्ञापन

कहा कि बहुत कम उम्र में इमरजेंसी के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विवि की यूनियन के सचिव थे और करीब पौने दो साल के लिए जेल जाना पड़ा था। जब जिंदगी की शुरुआत थी तब भी हालातों ने कुर्बानी ली और आज भी हालात कुर्बानी ले रहे हैं। इंसाफ करने वालों का शुक्रिया, जिन्होंने साबित किया कि अभी इंसाफ पसंदगी जिंदा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा कि तारीख को तोड़ा-मरोड़ा जा सकता है लेकिन, मिटाया नहीं जा सकता। हमारे साथ जो हुआ, हमारे घर, खानदान, शहर और जिले के साथ हुआ। फिर बोले, चमन बसाए जाते हैं उजाड़े नहीं जाते, ये चमन किस प्रकार उजाड़ा गया है ये आनी वाली नस्ल पर भी असर डालेगा। ये चमन सिर्फ इसलिए उजाड़ दिया गया क्योंकि यहां तुम्हारी आबादी और गिनती ज्यादा है। नाम बदल देने से अकीदा, यकीन और इमान नहीं बदलता है। जुल्म और जालिम की मुद्दत लंबी नहीं होती और जब जुल्म खत्म होता है तो जालिम भी खत्म हो जाता है। हमारा-आपका साथ 40 साल लंबा है, हमारी-आपकी मोहब्बत कम नहीं होगी। हमारी भी तो कोई मंजिल होगी, क्या हमारी कोई मंजिल नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed