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सोलह साल से फरार हत्या का आरोपी बिहार से गिरफ्तार
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मुरादाबाद। मैनाठेर थानाक्षेत्र में सोलह साल पहले एक ग्रामीण की हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपी दूल्हा जान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बारह हजार का इनामी आरोपी बिहार के कटिहार में रोहिंग्या बस्ती में नाम बदल कर रह रहा था। कटिहार न्यायालय से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे मुरादाबाद लेकर आई है।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विद्या सागर मिश्र ने बताया कि 11 जुलाई 2005 की रात मैनाठेर थानाक्षेत्र के महमूदपुर माफी निवासी ख्याली राम अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान रंजिश के चलते गांव के ही दानशाह ने अपने साथियों के साथ ख्यालीराम के घर पर धावा बोल लिया था। परिवार के सदस्यों ने दो बदमाशों को मौके पर ही दबोच लिया था। इस दौरान बदमाशों ने ख्यालीराम और उनके बेटों पर फायरिंग कर दी थी। जिसमें ख्यालीराम, दयाराम और ताराचंद्र गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसमें उपचार के दौरान ताराचंद्र की मौत हो गई थी। विवेचना के दौरान दूल्हा जान निवासी ललवारा थाना मैनाठेर, अजमेरी निवासी भोट जिला रामपुर, कल्लू उर्फ कलुआ निवासी अल्लाहपुर भीकन थाना मैनाठेर के नाम प्रकाश में आए थे।
आरोपी दानशाह के खिलाफ पुलिस ने 18 अक्तूबर 2005 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसके अलावा अजमेरी काशीपुर में मुठभेड़ में मारा दिया गया और कल्लू उर्फ कलुआ ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। घटना के बाद से आरोपी दूल्हा जान फरार हो गया था। एसएसपी ने आरोपी पर बारह हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी बिहार के कटिहार जनपद के कोडा थानाक्षेत्र के हरीशपुर में रोहिंग्या बस्ती में नाम बदलकर रह रहा है।
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मैनाठेर पुलिस ने वहां पहुंचकर सात अगस्त की रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने कटिहार न्यायालय में पेश किया। वहां से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने पर पुलिस आरोपी को मुरादाबाद लेकर आई है। यहां आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
कटिहार में दो महिलाओं से किया निकाह
आरोपी ने बताया कि 2005 में आरोपी दूल्हा जान को पुलिस ने चोरी के मामले में जेल भेजा था। जिसमें करीब 19 माह तक जेल में बंद रहा था। इसके बाद महमूदपुर माफी गांव में हत्या करने के बाद आरोपी बिहार भाग गया था। वहां आरोपी ने दो महिलाओं से निकाह किया। जिससे आठ बच्चे हैं। आरोपी ने अपना नाम बदल लिया था। आरोपी ने मुरादाबाद से अपना वास्ता खत्म कर लिया था।
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पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विद्या सागर मिश्र ने बताया कि 11 जुलाई 2005 की रात मैनाठेर थानाक्षेत्र के महमूदपुर माफी निवासी ख्याली राम अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान रंजिश के चलते गांव के ही दानशाह ने अपने साथियों के साथ ख्यालीराम के घर पर धावा बोल लिया था। परिवार के सदस्यों ने दो बदमाशों को मौके पर ही दबोच लिया था। इस दौरान बदमाशों ने ख्यालीराम और उनके बेटों पर फायरिंग कर दी थी। जिसमें ख्यालीराम, दयाराम और ताराचंद्र गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसमें उपचार के दौरान ताराचंद्र की मौत हो गई थी। विवेचना के दौरान दूल्हा जान निवासी ललवारा थाना मैनाठेर, अजमेरी निवासी भोट जिला रामपुर, कल्लू उर्फ कलुआ निवासी अल्लाहपुर भीकन थाना मैनाठेर के नाम प्रकाश में आए थे।
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आरोपी दानशाह के खिलाफ पुलिस ने 18 अक्तूबर 2005 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसके अलावा अजमेरी काशीपुर में मुठभेड़ में मारा दिया गया और कल्लू उर्फ कलुआ ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। घटना के बाद से आरोपी दूल्हा जान फरार हो गया था। एसएसपी ने आरोपी पर बारह हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी बिहार के कटिहार जनपद के कोडा थानाक्षेत्र के हरीशपुर में रोहिंग्या बस्ती में नाम बदलकर रह रहा है।
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मैनाठेर पुलिस ने वहां पहुंचकर सात अगस्त की रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने कटिहार न्यायालय में पेश किया। वहां से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने पर पुलिस आरोपी को मुरादाबाद लेकर आई है। यहां आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
कटिहार में दो महिलाओं से किया निकाह
आरोपी ने बताया कि 2005 में आरोपी दूल्हा जान को पुलिस ने चोरी के मामले में जेल भेजा था। जिसमें करीब 19 माह तक जेल में बंद रहा था। इसके बाद महमूदपुर माफी गांव में हत्या करने के बाद आरोपी बिहार भाग गया था। वहां आरोपी ने दो महिलाओं से निकाह किया। जिससे आठ बच्चे हैं। आरोपी ने अपना नाम बदल लिया था। आरोपी ने मुरादाबाद से अपना वास्ता खत्म कर लिया था।