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सर्द रात में महिला थाने के सामने बिटिया के लिए धरने पर बैठा परिवार
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मुरादाबाद। जंग लगी व्यवस्था के कारण सर्द रात में एक परिवार के लोग ठिठुरते हुए महिला थाने के सामने बेटी की बरामदगी के लिए धरने पर बैठने के लिए विवश हो गए। एक सप्ताह से परिजन थाने और अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काटते हुए निराश हो गए थे। कहीं सुनवाई नहीं होने पर उन्हें खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। किशोरी की मां आरोप है कि उसकी बेटी को महिला थाने से ही गायब किया गया है।
सोमवार को पीड़ित परिवार महिला थाने के सामने किशोरी की बरामदगी को लेकर धरने पर बैठ गया। महिला ने बताया कि 12 दिसंबर की शाम करीब 5.30 बजे उसकी 14 वर्षीय बेटी गायब हो गई थी। महिला और उसके परिवार ने किशोरी की काफी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कटघर थाने में किशोरी की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। 13 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे महिला थाने से एक महिला सिपाही ने कॉल की। उसने बताया था कि तुम्हारी बेटी महिला थाने में बैठी है। तुम आकर बेटी को ले जाओ।
महिला ने बताया कि वह अपने भाई और बहन के साथ महिला थाने पहुंची थी। उस वक्त उसकी बेटी थाने में बैठी हुई थी। महिला का आरोप है कि यहां सिपाही उसकी बेटी से कागज पर कुछ लिखवा रही थी। बेटी से बात करने की कोशिश की, तो उसे डांट फटकार कर थाने से भगा दिया था। फिर थोड़ी देर बाद थाने में गई, तो मेरी बेटी नहीं थी। एक सप्ताह से वह महिला थाने और कटघर थाने का चक्कर लगा रही है, लेकिन पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर पाई है।
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सोमवार दोपहर दो बजे महिला अपनी बहन और अन्य परिजनों के साथ महिला थाने के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गई। महिला सिपाही ने पीड़िता के परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया और एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिवार से बातचीत कर प्रकरण की जानकारी ली। महिला को आश्वासन दिया कि किशोरी की बरामदगी के लिए टीम लगी है। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से कहा कि किशोरी के मिलने पर ही धरना समाप्त करेंगे। वहीं, देररात अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया।
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सोमवार को पीड़ित परिवार महिला थाने के सामने किशोरी की बरामदगी को लेकर धरने पर बैठ गया। महिला ने बताया कि 12 दिसंबर की शाम करीब 5.30 बजे उसकी 14 वर्षीय बेटी गायब हो गई थी। महिला और उसके परिवार ने किशोरी की काफी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कटघर थाने में किशोरी की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। 13 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे महिला थाने से एक महिला सिपाही ने कॉल की। उसने बताया था कि तुम्हारी बेटी महिला थाने में बैठी है। तुम आकर बेटी को ले जाओ।
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महिला ने बताया कि वह अपने भाई और बहन के साथ महिला थाने पहुंची थी। उस वक्त उसकी बेटी थाने में बैठी हुई थी। महिला का आरोप है कि यहां सिपाही उसकी बेटी से कागज पर कुछ लिखवा रही थी। बेटी से बात करने की कोशिश की, तो उसे डांट फटकार कर थाने से भगा दिया था। फिर थोड़ी देर बाद थाने में गई, तो मेरी बेटी नहीं थी। एक सप्ताह से वह महिला थाने और कटघर थाने का चक्कर लगा रही है, लेकिन पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर पाई है।
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सोमवार दोपहर दो बजे महिला अपनी बहन और अन्य परिजनों के साथ महिला थाने के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गई। महिला सिपाही ने पीड़िता के परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया और एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिवार से बातचीत कर प्रकरण की जानकारी ली। महिला को आश्वासन दिया कि किशोरी की बरामदगी के लिए टीम लगी है। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से कहा कि किशोरी के मिलने पर ही धरना समाप्त करेंगे। वहीं, देररात अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया।