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Moradabad News: गंदगी से चोक नाले खोल रहे नगर निगम के सफाई के दावों की पोल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jun 2025 02:29 AM IST
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The drains choked with filth are exposing the claims of cleanliness of the Municipal Corporation
मुरादाबाद। निगम के दावों के अनुसार शहर में नाले-नालियों की सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, स्थिति इसके उलट है। अभी भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां नाले चोक पड़े हुए हैं। कई स्थानों पर नाले पर अतिक्रमण की वजह से सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। नाले की सफाई न होने के कारण मानसून में एक बार फिर दर्जन भर मोहल्ले जलभराव की समस्या से जूझेंगे।
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सबसे बदतर स्थिति जेल रोड की है। यहां अतिक्रमण की वजह से नाले की सफाई का कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। वहीं, भोलानाथ कॉलोनी, नेताजी कॉलोनी और करूला नाले की स्थिति और भी बुरी है। यह नाले अभी से चोक हैं। गंदगी से अटे इन नालों की सफाई का कार्य कागजों पर ही कर दिया गया है। इन सभी नालों से करीब पांच लाख की आबादी को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। इन क्षेत्रों में लोग बरसात का नाम सुनकर ही परेशान हो जाते हैं।
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मानसून आने में एक सप्ताह का भी दिन का ही समय रह गया है। अगर इन नालों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं कराई गई तो यह इलाके इस बार भी डूबे नजर आएंगे। इसकी जिम्मेदारी निगम के अधिकारियों के अलावा अतिक्रमण करने वालों की भी होगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि नालों की सफाई का कार्य अंतिम पड़ाव पर है। सफाई की निगरानी भी ड्रोन कैमरों की मदद से कराई जा रही है। सभी नालों को साफ बरसात से पहले साफ करा दिया जाएगा।
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नालों में उगे पाैधे : नेताजी कॉलोनी, भोलानाथ कॉलोनी व शिवनगर में नाले पर पौधे तक उगे हुए हैं। यह नगर निगम के तलीझाड़ नाला सफाई के दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। इसी तरह आदर्शनगर और जयंतीपुर में भी नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। लगता ही नहीं कि यहां पर नालों की साफ-सफाई की गई होगी। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नाम मात्र सफाई कर दी गई है। न तो गंदगी उठाई गई है और न ही कोई मशीन यहां तक पहुंची है।

एक करोड़ रुपये हो रहे खर्च : शहर में कुल 269 नाले हैं। इनमें से 64 बड़े, 77 मझोले और 128 छोटे नाले हैं। इनकी सफाई के लिए निगम हर वर्ष करीब एक करोड़ रुपये खर्च करता है। निगम का दावा है कि शहर में 90 प्रतिशत से अधिक नालों की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है।
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