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Moradabad News: पीएम आवास की पहली किश्त निकालकर हिमाचल प्रदेश चली गई लाभार्थी
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बिलारी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी ने पहली किस्त लेकर आवास नहीं बनाया। पैसे लेकर वह हिमाचल प्रदेश चली गई। दूसरी किस्त उपलब्ध कराने के लिए जब पंचायत सचिव महिला के घर पहुंचा तो इसकी जानकारी हुई। पंचायत सचिव ने पूरा घटनाक्रम बीडीओ को बताया। बीडीओ चैतन्य कुमार पाठक ने बताया कि संबंधित लाभार्थी को नोटिस जारी किया जा रहा है। उसके द्वारा शीघ्र पहली किश्त की धनराशि का उपभोग आवास निर्माण में न करने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
उमरा गोपालपुर गांव में वर्ष 2022-23 की प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में पूनिया का चयन हुआ था। एक साल बाद लाभार्थी महिला के खाते में आवास बनाने के लिए पहली किश्त के तौर पर 40 हजार रुपये आ गए। पता चलते ही लाभार्थी ने बैंक खाते से यह धनराशि निकाल ली और आवास बनाने के बजाए अपने पति के साथ मजदूरी करने हिमाचल प्रदेश चली गई। विभागीय अधिकारियों की मॉनीटरिंग में पता चला कि लाभार्थी को पहली किश्त जारी होने के बाद दूसरी किश्त जारी होने के लिए मौके के फोटो के साथ जियोटैग करने में देरी हो रही है। इसके लिए पंचायत सचिव की लापरवाही मानते हुए बीडीओ ने चेतावनी जारी कर दी। उमरा गोपालपुर की पंचायत सचिव पूनम रानी को जब पता चला कि लाभार्थी पूनिया गांव में आई हुई है तब वह तत्काल पहुंच गई। इस बात की भनक लगते ही लाभार्थी आबादी से तीन किमी दूर जंगल में अपने एक रिश्तेदार के खेत पर पहुंच गई। महिला पंचायत सचिव को तलाशते हुए वहीं पहुंच गई। इस दौरान लाभार्थी और सचिव के बीच नोकझोंक और हंगामा होने पर ग्रामीणाें की भीड़ लग गई। पंचायत सचिव लाभार्थी का फाेटो खींचकर ब्लॉक कार्यालय लौट आई।
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उमरा गोपालपुर गांव में वर्ष 2022-23 की प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में पूनिया का चयन हुआ था। एक साल बाद लाभार्थी महिला के खाते में आवास बनाने के लिए पहली किश्त के तौर पर 40 हजार रुपये आ गए। पता चलते ही लाभार्थी ने बैंक खाते से यह धनराशि निकाल ली और आवास बनाने के बजाए अपने पति के साथ मजदूरी करने हिमाचल प्रदेश चली गई। विभागीय अधिकारियों की मॉनीटरिंग में पता चला कि लाभार्थी को पहली किश्त जारी होने के बाद दूसरी किश्त जारी होने के लिए मौके के फोटो के साथ जियोटैग करने में देरी हो रही है। इसके लिए पंचायत सचिव की लापरवाही मानते हुए बीडीओ ने चेतावनी जारी कर दी। उमरा गोपालपुर की पंचायत सचिव पूनम रानी को जब पता चला कि लाभार्थी पूनिया गांव में आई हुई है तब वह तत्काल पहुंच गई। इस बात की भनक लगते ही लाभार्थी आबादी से तीन किमी दूर जंगल में अपने एक रिश्तेदार के खेत पर पहुंच गई। महिला पंचायत सचिव को तलाशते हुए वहीं पहुंच गई। इस दौरान लाभार्थी और सचिव के बीच नोकझोंक और हंगामा होने पर ग्रामीणाें की भीड़ लग गई। पंचायत सचिव लाभार्थी का फाेटो खींचकर ब्लॉक कार्यालय लौट आई।
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