ख्वाजा आसिफ की बेहूदा हरकत: महिला पत्रकार ने तालिबान पर किया सवाल, पाकिस्तानी मंत्री का गला काटने जैसा इशारा
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। एक अफगान महिला पत्रकार ने उनसे तालिबान की नीतियों और अफगान महिलाओं की स्थिति को लेकर सवाल किया। वीडियो में आसिफ पत्रकार के पहनावे और फिर गले पर हाथ फेरने जैसा इशारा किया।
विस्तार
इस दौरान ख्वाजा आसिफ ने पहले महिला पत्रकार के कपड़ों की ओर इशारा किया और फिर गले पर हाथ फेरने जैसा इशारा करते हुए कहा, ''उस तरह के कपड़े पहनकर वहां मत जाना।'' इसके साथ उन्होंने अपने गले पर हाथ फेरने जैसा इशारा किया। इस इशारे से यह संकेत माना गया कि अगर महिला अफगानिस्तान वापस गई तो उसकी हत्या की जा सकती है।
वीडियो में क्या इशारा कर रहे थे ख्वाजा आसिफ?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि तालिबान से दोस्ती करना पाकिस्तान की बहुत बड़ी गलती थी और अब देश इसकी कीमत चुका रहा है। ख्वाजा आसिफ का गले पर हाथ फेरने के इशारे और तालिबान से दोस्ती को गलती बताने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गंभीर सवालों का मजाकिया अंदाज में जवाब देने को लेकर भी पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की आलोचना हो रही है।
An Afghan woman asked #KhawajaAsif a legitimate question about Pakistan’s friendship with Taliban, and Taliban’s treatment of #AfghanWomen, and why #Pakistan did not challenge these policies from the beginning when the #Taliban were considered friends.
His response? Don’t go… pic.twitter.com/cJFVGCbhKB— Aina Durkhanai آئینه درخانۍ (@khybereena) September 26, 2026
एक्स पर एक यूजर ने इसे इशारे को लेकर ख्वाजा आसिफ पर निशाना साधा। यूजर ने कहा, ''एक गंभीर सवाल पूछने वाली महिला को किसी वरिष्ठ सरकारी मंत्री की ओर से इस तरह जवाब देना बेहद शर्मनाक है। किसी महिला को मौत का इशारा करके धमकाना न तो मजाक है, न ताकत और न ही राजकीय समझदारी।''
सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना
यूजर ने कहा, ''इस पूरे व्यवहार को उनके और आसपास मौजूद लोगों की हंसी ने और भी परेशान करने वाला बना दिया। अफगान महिलाओं की तकलीफ को लेकर सवाल पूछने वाली महिला को डराने, उसका मजाक उड़ाने और हंसने के बजाय एक गंभीर जवाब मिलना चाहिए था।''
यूजर ने लिखा, ''तालिबान के लिए भी सवाल उठता है कि ऐसी स्थिति क्यों बनी है, जिसमें अफगान महिलाओं को कहीं भी धमकाया और अपमानित किया जा सकता है। अफगान महिलाएं सम्मान, सुरक्षा और बिना किसी डर के अपनी बात रखने की आजादी की हकदार हैं।''