{"_id":"6a8b5df7daadaf369f04eb3f","slug":"thakurdwaras-famous-chitragupta-shiva-temple-is-170-years-old-thakurdwara-news-c-279-1-mo11005-116986-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: 170 वर्ष पुराना है ठाकुरद्वारा का प्रसिद्ध चित्रगुप्त शिव मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: 170 वर्ष पुराना है ठाकुरद्वारा का प्रसिद्ध चित्रगुप्त शिव मंदिर
Mon, 24 Aug 2026 02:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:24 AM IST
विज्ञापन
ठाकुरद्वारा। नगर के मोहल्ला कायस्थान स्थित प्रसिद्ध चित्रगुप्त शिव मंदिर का इतिहास लगभग 170 वर्ष पुराना है। सैकड़ों लोग यहां पर नियमित पूजा अर्चना करते रहते हैं। सभी धार्मिक त्योहारों पर यहां पर कार्यक्रम होते हैं। मंदिर में भगवान शनि देव, भगवान खाटू श्याम, मां दुर्गा, हनुमान जी और राधा-कृष्ण सहित अनेक देवी देवताओं की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं।
क्षेत्र के बुजुर्ग कृष्ण कुमार सक्सेना मंदिर के बारे में बताते हैं कि यह मंदिर करीब 170 वर्ष पुराना है। उनका कहना है कि इस मंदिर का निर्माण भी करीब 170 वर्ष पूर्व मुरादाबाद हाईवे पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर मढ़ी के साथ ही हुआ था। कायस्थ समाज के लोगों ने मंदिर का निर्माण कराया था जो चित्रगुप्त समाज के वंशज थे। उनका कहना है कि उनकी जानकारी में इस मंदिर का निर्माण समाज के दौलत राय सक्सेना ने कराया था। उन्होंने मंदिर के पास एक बड़ा कुआं भी बनवाया था जिस पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया था। कृष्ण कुमार के अनुसार मंदिर का निर्माण कराने वाले कुएं की खुदाई करवा रहे थे लेकिन उसमें पानी नहीं आया तो वह परेशान होने लगे तभी एक साधु उधर से गुजरे। उन्होंने अपना चिमटा कुएं में फेंका और कुआं पानी से लबालब भर गया था। इसके बाद साधु अंतर्ध्यान हो गए। इस मंदिर में कायस्थ समाज के अलावा अन्य हिंदू जातियों के लोगों को भी गहरी आस्था है। यहां पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर झांकियां सजाई जाती हैं। मंदिर में स्थापित भगवान शनिदेव की मूर्ति का स्थापना दिवस हर वर्ष मनाया जाता है। भंडारे का आयोजन होता है। मंदिर के पीछे पड़े मैदान में लोग शादी-विवाह के समारोह भी आयोजित करते हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के बुजुर्ग कृष्ण कुमार सक्सेना मंदिर के बारे में बताते हैं कि यह मंदिर करीब 170 वर्ष पुराना है। उनका कहना है कि इस मंदिर का निर्माण भी करीब 170 वर्ष पूर्व मुरादाबाद हाईवे पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर मढ़ी के साथ ही हुआ था। कायस्थ समाज के लोगों ने मंदिर का निर्माण कराया था जो चित्रगुप्त समाज के वंशज थे। उनका कहना है कि उनकी जानकारी में इस मंदिर का निर्माण समाज के दौलत राय सक्सेना ने कराया था। उन्होंने मंदिर के पास एक बड़ा कुआं भी बनवाया था जिस पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया था। कृष्ण कुमार के अनुसार मंदिर का निर्माण कराने वाले कुएं की खुदाई करवा रहे थे लेकिन उसमें पानी नहीं आया तो वह परेशान होने लगे तभी एक साधु उधर से गुजरे। उन्होंने अपना चिमटा कुएं में फेंका और कुआं पानी से लबालब भर गया था। इसके बाद साधु अंतर्ध्यान हो गए। इस मंदिर में कायस्थ समाज के अलावा अन्य हिंदू जातियों के लोगों को भी गहरी आस्था है। यहां पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर झांकियां सजाई जाती हैं। मंदिर में स्थापित भगवान शनिदेव की मूर्ति का स्थापना दिवस हर वर्ष मनाया जाता है। भंडारे का आयोजन होता है। मंदिर के पीछे पड़े मैदान में लोग शादी-विवाह के समारोह भी आयोजित करते हैं।
विज्ञापन