ठाकुरद्वारा बवाल: गांव में तनाव के बीच भारी पुलिस तैनात, दूसरे पक्ष ने 13 को किया नामजद, भाजपा में घमासान
नारायणपुर छंगा गांव में हुए बवाल में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें 13 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों पर गाड़ियों में तोड़फोड़, घर में घुसकर हमला, फायरिंग और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले भी इसी मामले में भाजपा नेता समेत 12 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।
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नारायणपुर छंगा में बृहस्पतिवार को भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह के जन्मदिन की पार्टी में आए लोगों और ग्रामीणों के बीच बवाल के मामले में एक और एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर भाजपा नेता अजय प्रताप के समर्थक की ओर से दर्ज कराई गई है।
इसमें अनुसूचित जाति के 13 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। वाहनों में तोड़फोड़, घर में घुसकर हमला और खुद डॉ. आंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर माहौल खराब करने का आरोप लगाया गया है।
भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह के कार्यक्रम के बाद बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे नारायणपुर छंगा गांव में जमकर बवाल हुआ था। शुक्रवार को गांव और कोतवाली में राजनीतिक दलों के हंगामा और प्रदर्शन के बाद भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह, उनके भाई अभय प्रताप सिंह समेत 12 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इसकी विवेचना सीओ आशीष प्रताप सिंह को सौंपी गई है। शनिवार को पुलिस ने ठाकुरद्वारा के रमनावाला निवासी मिशरचंद की तहरीर पर एक और रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें बताया गया है कि 16 अप्रैल को नारायणपुर छंगा में भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह का जन्मदिन था।
जिसमें सुबह रक्तदान का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में उसका बेटा मंगेश कुमार भी गया था। रात को भोजन की व्यवस्था की गई थी। रात 10:00 बजे भोजन चल रहा था। इसी दौरान बाहर से आए एक व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोग बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे हैं।
इसकी जानकारी मिलने पर उसका बेटा मंगेश कुमार, सहारनपुर निवासी परवेश कुमार और कनकपुर पीपली निवासी शैलेंद्र कुमार समेत अन्य लोग बाहर आए तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग गाड़ियों के शीशे तोड़ रहे थे। पांच गाड़ियां तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दी थीं।
उन्होंने गाड़ी तोड़ने का विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान तमंचे से फायरिंग भी की गई। आरोप है कि इसके बाद भाजपा नेता के तहेरे भाई निपेंद्र सिंह के घर में आरोपी घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि समाज में उन्माद फैलाने के लिए हमलावर ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी। आरोपियों ने एससी-एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि नारायणपुर निवासी मलखान सिंह, प्रशांत सिंह, रणवीर सिंह, कोमल सिंह, राम प्रसाद, रूपेश कुमार, ऋषिपाल सिंह, राम सिंह, मोहन राज, प्रकाश वीर पबनेश, उदयवीर सिंह, रविंद्र सिंह और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इस मामले में अब तक दो प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। दोनों प्राथमिकी की विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बवाल के बाद गांव में शांति, पुलिस मुस्तैद
शनिवार को गांव में पूरी तरह से शांति रही। अधिकांश लोग अपने घरों में ही रहे। गांव में हर तरफ पुलिस दिखाई दी। ठाकुरद्वारा के अलावा दूसरे थानों की फोर्स भी गांव में तैनात की गई है। शनिवार को गांव में पुलिस फोर्स और बढ़ा दी गई। अब पीएसी भी तैनात है।
डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा की सुरक्षा के लिए उसके चारों तरफ पुलिसकर्मी तैनात हैं। शनिवार को आशीष प्रताप सिंह और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार के नेतृत्व में फोर्स ने गांव में पैदल मार्च भी किया। ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
सीसीटीवी की चिप में नहीं मिला कोई सबूत
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी की चिप में कोई सबूत नहीं मिल सका है। चिप खाली मिली है। घटना से पहले से ही गांव में बिजली आपूर्ति बंद थी। कोतवाली प्रभारी मनोज परमार ने कहा कि आंबेडकर पार्क के पास सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। जांच में पता चला कि कैमरा बंद था। हालांकि अब वहां लगे सीसीटीवी कैमरे शुरू करा दिए गए हैं।
बसपा और आजाद समाज पार्टी ने की गिरफ्तारी की मांग
बसपा और आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने शनिवार को गांव नारायणपुर छंगा में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ करवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव राजकुमार यादव का कहना है कि संगठन घटना की जानकारी के बाद से सक्रिय है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर ने ठाकुरद्वारा आने की बात कही थी लेकिन पुलिस द्वारा इस मामले को दर्ज कर लेने की जानकारी मिलने के बाद नहीं आए। अब उनकी मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। कड़ी कार्रवाई की जाए।
बसपा के जिला सचिव डॉ. रामपाल सिंह गौतम का कहना है कि पार्टी गांव के अनुसूचित जाति के लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि पार्टी के मंडल कोऑर्डिनेटर और पूर्व सांसद गिरीश चंद्र के निर्देश पर पार्टी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अगली रणनीति पर काम करेगी। उन्होंने रिपोर्ट में नामजद और अज्ञात लोगों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग पुलिस प्रशासन से की है।
प्रतिमा को खंडित करना अपराध : अमित
भाजपा नेता और लक्ष्य ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अमित चौहान ने गांव नारायणपुर छंगा में 16 अप्रैल की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करना एक जघन्य अपराध है। इसमें शामिल लोगों को कानून सजा दे। पुलिस जांच कर इसमें शामिल लोगों को शीघ्र गिरफ्तार करे। कानूनी कार्रवाई करे।
दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई : सांसद चंद्रशेखर
ठाकुरद्वारा के नारायणपुर छंगा गांव में हुए बवाल को लेकर नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए लिखा है कि भाजपा नेता द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया। बहुजन समाज की तरफ से साफ-साफ कहना चाहते हैं कि हमें दिखावे की नहीं, सम्मान और सुरक्षा की जरूरत है।
पूर्व मंडल अध्यक्ष बोले, घटना से भाजपा की गुटबाजी उजागर
इस घटना से भाजपा की गुटबाजी उजागर हुई है। यह बात भाजपा के ठाकुरद्वारा नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष शिवेंद्र गुप्ता ने कही है। शिवेंद्र गुप्ता ने कहा कि 16 अप्रैल को जब घटना हुई थी तो वहां कार्यक्रम के आयोजक को अपने समर्थकों को समझाना चाहिए था।
घटना होने से रोकना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं, उनका कहना है कि इस घटना से क्षेत्र में भाजपा की गुटबाजी उजागर हुई है। पुलिस में एक पक्ष की दर्ज रिपोर्ट में स्पष्ट है कि गुटबाजी के कारण ही यह घटना हुई है। उन्होंने गुटबाजी के बजाय एकजुटता पर जोर दिया है।