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तीन गैंगस्टर को दस साल का कठोर कारावास
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मुरादाबाद। अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि प्रत्येक पर पचास- पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मैनाठेर थाने में 27 नवंबर 2009 को थाना प्रभारी महेश चंद ने डींगरपुर निवासी मुशर्रफ हुसैन, उसके भाई मुजफ्फर और मुजाहिद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि तीनों आरोपी अपना गैंग बनाकर समाज में आतंक फैलाते हैं। इनके आतंक के कारण कोई भी इनके खिलाफ आवाज नहीं उठाता। जिसका फायदा उठाकर ये लोग अनैतिक लाभ लेने के लिए लोगों से रुपये ऐंठते हैं। इन आरोपियों के ऊपर वर्ष 2007 में अधिवक्ता छिद्दा हुसैन की हत्या का मामला भी दर्ज हुआ था, जिसमें मुरादाबाद की एक अदालत ने इन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज पंचम शैलेंद्र सचान की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद गवाहों की गवाही के आधार पर तीनों आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट के दोषी करार देते हुए दस- दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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मैनाठेर थाने में 27 नवंबर 2009 को थाना प्रभारी महेश चंद ने डींगरपुर निवासी मुशर्रफ हुसैन, उसके भाई मुजफ्फर और मुजाहिद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि तीनों आरोपी अपना गैंग बनाकर समाज में आतंक फैलाते हैं। इनके आतंक के कारण कोई भी इनके खिलाफ आवाज नहीं उठाता। जिसका फायदा उठाकर ये लोग अनैतिक लाभ लेने के लिए लोगों से रुपये ऐंठते हैं। इन आरोपियों के ऊपर वर्ष 2007 में अधिवक्ता छिद्दा हुसैन की हत्या का मामला भी दर्ज हुआ था, जिसमें मुरादाबाद की एक अदालत ने इन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी।
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गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज पंचम शैलेंद्र सचान की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद गवाहों की गवाही के आधार पर तीनों आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट के दोषी करार देते हुए दस- दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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