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Moradabad News: चाऊमीन लेकर घर आ रही किशोरी सेप्टिक टैंक में गिरी, मौत
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कुंदरकी (मुरादाबाद)। भीकनपुर कुलबाड़ा गांव निवासी शहादत हुसैन की बेटी अलशिफा (14) घर के बाहर बने सेप्टिक टैंक में गिर गई। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना बुधवार सुबह करीब 10 बजे की है। अलशिफा सरकारी स्कूल के लिए जाने वाली सड़क से चाऊमीन लेकर आ रही थी।
क्षेत्र के गांव भीकनपुर कुलबाड़ा निवासी शहादत हुसैन मजदूरी करते हैं। शहादत हुसैन ने कुछ दिन पहले ही घर के सामने करीब पांच फीट गहरा सेप्टिक टैंक बनवाया था, जिसमें पानी भरा था। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे उनकी बेटी अलशिफा सरकारी स्कूल जाने वाले रास्ते पर खड़े ठेला वाले से चाऊमीन लेने गई थी। चाऊमीन लेकर जब अलशिफा घर के सामने पहुंची, तो घर के बाहर बने सेप्टिक टैंक में गिर गई। घर नहीं लौटने पर शहादत बाहर आया तो उसने बेटी को सेप्टिक टैंक में गिरा था। इसके बाद शहादत ने परिजनों की मदद से अलशिफा को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पिता बोले- बेटी को पड़ते थे दिमागी दौरे
शहादत हुसैन ने बताया कि अलशिफा को दिमागी दौरे पड़ते थे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि जब वह चाऊमीन लेकर घर के पास पहुंची तो दौरा पड़ने से सेप्टिक टैंक में गिर गई हो, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वहीं बुधवार को ही परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी अलशिफा
अलशिफा छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी मां की भी सात साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अलशिफा की मौत से उसके भाई बहन गम से बेहाल है। जिनको सगे संबंधी और रिश्तेदार ढाढ़स बंधाते हुए नजर आए।
लापरवाही बच्चों की जान पर पड़ रही है भारी
परिजनों की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। बुधवार को गांव भीकनपुर कुलबाड़ा में सेप्टिक टैंक में पानी भरकर खुला छोड़ दिया गया। जबकि जहां यह सेप्टिक टैंक बना है। वह गली भी छोटी है। इसी सेप्टिक टैंक में गिरकर किशोरी की जान चली गई। वहीं तीन दिन पहले गांव हरियाना निवासी 12 वर्षीय किशोर पिता की ई-रिक्शा में मोहल्ले के ही पांच बच्चों को बैठाकर गांव के पास ही घूमा रहा था। इस दौरान ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिसके नीचे दबने से ई-रिक्शा चालक के इकलौते बेटे की जान चली गई थी।
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क्षेत्र के गांव भीकनपुर कुलबाड़ा निवासी शहादत हुसैन मजदूरी करते हैं। शहादत हुसैन ने कुछ दिन पहले ही घर के सामने करीब पांच फीट गहरा सेप्टिक टैंक बनवाया था, जिसमें पानी भरा था। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे उनकी बेटी अलशिफा सरकारी स्कूल जाने वाले रास्ते पर खड़े ठेला वाले से चाऊमीन लेने गई थी। चाऊमीन लेकर जब अलशिफा घर के सामने पहुंची, तो घर के बाहर बने सेप्टिक टैंक में गिर गई। घर नहीं लौटने पर शहादत बाहर आया तो उसने बेटी को सेप्टिक टैंक में गिरा था। इसके बाद शहादत ने परिजनों की मदद से अलशिफा को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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पिता बोले- बेटी को पड़ते थे दिमागी दौरे
शहादत हुसैन ने बताया कि अलशिफा को दिमागी दौरे पड़ते थे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि जब वह चाऊमीन लेकर घर के पास पहुंची तो दौरा पड़ने से सेप्टिक टैंक में गिर गई हो, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वहीं बुधवार को ही परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी अलशिफा
अलशिफा छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी मां की भी सात साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अलशिफा की मौत से उसके भाई बहन गम से बेहाल है। जिनको सगे संबंधी और रिश्तेदार ढाढ़स बंधाते हुए नजर आए।
लापरवाही बच्चों की जान पर पड़ रही है भारी
परिजनों की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। बुधवार को गांव भीकनपुर कुलबाड़ा में सेप्टिक टैंक में पानी भरकर खुला छोड़ दिया गया। जबकि जहां यह सेप्टिक टैंक बना है। वह गली भी छोटी है। इसी सेप्टिक टैंक में गिरकर किशोरी की जान चली गई। वहीं तीन दिन पहले गांव हरियाना निवासी 12 वर्षीय किशोर पिता की ई-रिक्शा में मोहल्ले के ही पांच बच्चों को बैठाकर गांव के पास ही घूमा रहा था। इस दौरान ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिसके नीचे दबने से ई-रिक्शा चालक के इकलौते बेटे की जान चली गई थी।

जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद

जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद

जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद

जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद