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Moradabad News: अयोध्या में भगवान राम का चित्र बनाने वाले सुनील विश्वकर्मा का बबराला में स्वागत
Mon, 01 Apr 2024 04:14 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 01 Apr 2024 04:14 PM IST
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बबराला (संभल)। अयोध्या श्रीराम मंदिर में स्थापित प्रभु श्रीराम की प्रतिमा बनाने चित्रकार सुनील विश्वकर्मा के बबराला पहुंचने पर डॉ. कैलाश वार्ष्णेय आवास पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया और उन्हें राम नाम की पट्टिका पहनाई।
शनिवार को अलीगढ़ से बबराला पहुंचे चित्रकार सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि यह ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्य था। जिसका श्रेय भगवान राम ने और मेरे प्रारब्ध ने मुझे दिलाया। कई लोगों ने भगवान राम का चित्र बनाया था। पर चित्र मेरा ही चयनित हुआ। उन्होंने कहा कि एक बात और थी कि मुख्य रूप से पत्थर की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया। देखा गया कि कौन सा पत्थर एक हजार साल चलेगा। पत्थर का वैज्ञानिक टेस्ट भी किया गया। भगवान की मूर्ति के स्नान को भी ध्यान में रखा गया। जिससे मूर्ति को नुकसान नहीं पंहुचे। दक्षिण भारत के चित्रकार मूर्ति को ट्रेडिशनल टच देना चाहते थे। पर मेरी बनाई गई मूर्ति के चित्र को चयनित किया गया। भगवान राम ने मुझे अपना सेवक समझा। इस दौरान चेयरमैन हर्षवर्धन वार्ष्णेय, मां गंगा जनकल्याण समिति अध्यक्ष अतुल गोयल, डॉ. कैलाश वार्ष्णेय, मणिकांत वार्ष्णेय, अरुण कान्त वार्ष्णेय, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र यादव, विजय वार्ष्णेय, उमेशचंद्र, नारायण शर्मा मुनीष वार्ष्णेय आदि उपस्थित थे।
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शनिवार को अलीगढ़ से बबराला पहुंचे चित्रकार सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि यह ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्य था। जिसका श्रेय भगवान राम ने और मेरे प्रारब्ध ने मुझे दिलाया। कई लोगों ने भगवान राम का चित्र बनाया था। पर चित्र मेरा ही चयनित हुआ। उन्होंने कहा कि एक बात और थी कि मुख्य रूप से पत्थर की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया। देखा गया कि कौन सा पत्थर एक हजार साल चलेगा। पत्थर का वैज्ञानिक टेस्ट भी किया गया। भगवान की मूर्ति के स्नान को भी ध्यान में रखा गया। जिससे मूर्ति को नुकसान नहीं पंहुचे। दक्षिण भारत के चित्रकार मूर्ति को ट्रेडिशनल टच देना चाहते थे। पर मेरी बनाई गई मूर्ति के चित्र को चयनित किया गया। भगवान राम ने मुझे अपना सेवक समझा। इस दौरान चेयरमैन हर्षवर्धन वार्ष्णेय, मां गंगा जनकल्याण समिति अध्यक्ष अतुल गोयल, डॉ. कैलाश वार्ष्णेय, मणिकांत वार्ष्णेय, अरुण कान्त वार्ष्णेय, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र यादव, विजय वार्ष्णेय, उमेशचंद्र, नारायण शर्मा मुनीष वार्ष्णेय आदि उपस्थित थे।
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