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Moradabad News: चार साल में भी पूरा नहीं हो सकेगा नसबंदी का काम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 24 Aug 2025 01:49 AM IST
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Sterilization work will not be completed even in four years
मुरादाबाद। नगर निगम भले ही अगले दस दिनों में सेंटर का संचालन शुरू करने जा रहा है लेकिन सीमित संसाधनों की वजह से शहर में आवारा कुत्तों की समस्या निकट भविष्य में समाप्त नहीं होने वाली है। अगर निगम अपने दावे के मुताबिक प्रतिदिन 20 कुत्तों की भी नसबंदी करता है तो मौजूदा संख्या को देखते हुए सभी आवारा कुत्तों का बंध्याकरण पूरा करने में चार साल से अधिक का समय लगेगा। इस बीच हर साल कुत्तों की आबादी भी बढ़नी तय है।
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निगम के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले पांच साल में कुल 18,600 आवारा कुत्तों की ही नसबंदी हो सकी है। जबकि वर्तमान में शहर की गलियों और मोहल्लों में करीब 50 हजार से अधिक कुत्ते मौजूद हैं। इसका मतलब है कि पांच साल में निगम आधे कुत्तों की भी नसबंदी नहीं करा सका। नतीजतन सड़कों पर कुत्तों का झुंड खुलेआम घूम रहा है। 70 वार्डों में हर गली, मोहल्ले और पार्क में सुबह टहलना, बच्चों का खेलना और बाइक से गुजरना तक खतरे से खाली नहीं है।
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निगम के पास कुत्ते पकड़ने के लिए सिर्फ दो वाहन और 20 डॉग कैचर हैं। प्रक्रिया यह है कि शिकायत मिलने पर टीम मौके पर जाकर कुत्ते को पकड़ती है सेंटर में उसका बंध्याकरण कराती है और फिर उसे उसी स्थान पर छोड़ देती है। मगर संसाधनों की कमी के कारण यह प्रक्रिया बेहद धीमी है। वित्तीय वर्ष 2025–26 की शुरुआत से अब तक महज 1550 कुत्तों की ही नसबंदी हो पाई है। इसका औसत निकालें तो प्रतिदिन केवल चार कुत्तों का ही बंध्याकरण हुआ है।
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निगम ने बंगला गांव स्थित एबीसी सेंटर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। यहां प्रतिदिन 20 कुत्तों की नसबंदी कराने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के मुताबिक अगर रोजाना 20 कुत्तों की भी नसबंदी की जाती है तो 31,400 बचे हुए कुत्तों को बंध्याकरण कराने में 1570 दिन यानी चार साल तीन महीने से अधिक का समय लगेगा। इस दौरान कुत्तों की भी संख्या बढ़ेगी।
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- नए सेंटर से मिल सकती है रफ्तार
निगम का दावा है कि जल्द ही मैनाठेर स्थित नए एबीसी सेंटर में भी यह कार्य शुरू हो जाएगा। यहां प्रतिदिन सौ कुत्तों की नसबंदी का कार्य हो सकेगा। इससे इस अभियान को गति मिलेगी और आवारा कुत्तों पर लगाम लगेगा। यहां कुत्तों का इलाज भी कराया जा सकेगा।

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- हर दिन सौ लोग पहुंचते हैं अस्पताल
आवारा कुत्तों की वजह से शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक हर दिन सौ से अधिक लोग कुत्तों के काटने के मामलों में इलाज के लिए पहुंचते हैं। यह आंकड़ा बताता है कि समस्या कितनी विकराल है। इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं।


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- नया सेंटर जल्द ही हैंडओवर हो जाएगा जहां रोजाना सौ कुत्तों की नसबंदी कराई जा सकेगी। ऐसे में प्रतिदिन 120 कुत्तों की नसबंदी का कार्य हो सकेगा। इसके लिए अलग-अलग मोहल्लों में विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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