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सोनकपुर स्टेडियम को नहीं मिल रहे कोच, पिछले डेढ़ साल से इंतजार
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मुरादाबाद। सोनकपुर स्टेडियम में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच नहीं मिल रहे हैं। पिछले डेढ़ साल से स्टेडियम के कोचों का इंतजार चल रहा है। कोरोना काल में दो महीने से ज्यादा समय की बंदी के बाद से स्टेडियम के दरवाजे तो खुल गए हैं। लेकिन अधिकांश खेलों के लिए कोचों की तैनाती नहीं हो सकी है। वर्तमान समय में मात्र यहां पर सिर्फ दो ही खेलों के कोच तैनात हैं।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण अप्रैल माह के अंत में स्टेडियम को बंद कर दिया गया था। जैसे-जैसे कोरोना महामारी का प्रकोप कम हुआ तो सरकार ने राहत देनी शुरू कर दी थी। सरकार के निर्देश अनुसार दो महीने की बंदी के बाद पांच जुलाई को स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया था। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्टेडियम में दस साल से अधिक के खिलाड़ियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। लेकिन डेढ़ साल के बाद भी स्टेडियम में अभी तक कोचों की तैनाती नहीं की गई है। जिसके कारण खिलाड़ी स्टेडियम में ठीक से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण बीते साल भी खेल निदेशालय द्वारा स्टेडियम में कोचों की तैनाती नहीं की गई थी। बीते साल भी स्टेडियम कोरोना महामारी की वजह से छह माह तक बंद रहा था।
स्टेडियम में इन खेलों का होता हैं आयोजन
क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, फुटबाल, जूडो, बास्केबॉल, एथलीट, खो-खो, वालीबॉल, हैंडबाल।
इन खेलों के कोच हैं मौंजूद
जूड़ों के कोच खुद क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सैना हैं और एथलीट के कोच ब्रजरज भूषण सिंह हैं।
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण अप्रैल माह के अंत में स्टेडियम को बंद कर दिया गया था। जैसे-जैसे कोरोना महामारी का प्रकोप कम हुआ तो सरकार ने राहत देनी शुरू कर दी थी। सरकार के निर्देश अनुसार दो महीने की बंदी के बाद पांच जुलाई को स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया था। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्टेडियम में दस साल से अधिक के खिलाड़ियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। लेकिन डेढ़ साल के बाद भी स्टेडियम में अभी तक कोचों की तैनाती नहीं की गई है। जिसके कारण खिलाड़ी स्टेडियम में ठीक से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण बीते साल भी खेल निदेशालय द्वारा स्टेडियम में कोचों की तैनाती नहीं की गई थी। बीते साल भी स्टेडियम कोरोना महामारी की वजह से छह माह तक बंद रहा था।
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स्टेडियम में इन खेलों का होता हैं आयोजन
क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, फुटबाल, जूडो, बास्केबॉल, एथलीट, खो-खो, वालीबॉल, हैंडबाल।
इन खेलों के कोच हैं मौंजूद
जूड़ों के कोच खुद क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सैना हैं और एथलीट के कोच ब्रजरज भूषण सिंह हैं।