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फरार इनामी समिति सचिव को अंतरिम जमानत
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मुरादाबाद। अक्का डिलारी स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों से खरीदे गए करीब 39 लाख रुपये मूल्य के गेहूं बिक्री में घोटाले के मामले में फरार चल रहे समिति सचिव जितेंद्र त्यागी को भी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 हजार का इनाम भी घोषित किया था। इसके अलावा इसी मामले में कुछ दिन पहले निलंबित किए गए पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक हरिओम शर्मा के स्थान पर देवी पाटन से विनय कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है।
सहकारी क्रय विक्रय समित अक्का डिलारी पर तैनात क्रय केंद्र प्रभारी सचिन, क्रय विक्रय समिति लि. कुंदनपुर के सचिव जितेंद्र त्यागी व पीसीएफ के पटल सहायक गुड्डू कुमार पर घोटाले का आरोप लगाया गया था। पीसीएफ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक हरिओम शर्मा की ओर से दो जुलाई को मूढापांडे थाने पर तीनों के खिलाफ गबन का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। केंद्र प्रभारी सचिन गुप्ता को तो पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन समिति सचिव जितेंद्र व पीसीएफ के पटल सहायक गुड्डू कुमार फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी को लेकर 15-15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक हरिओम शर्मा को भी पर्यवेक्षणीय शिथिलता के आरोप में पीसीएफ के प्रबंध निदेशक मासूम अली सर्वर ने निलंबित कर दिया था। उनके स्थान पर देवी पाटन से विनय कुमार को मुरादाबाद का नया क्षेत्रीय प्रबंधक (पीसीएफ) नियुक्त किया गया है। इसकी पुष्टि प्रबंध निदेशक ने की।
इधर गबन मामले में फरार चल रहे पीसीएफ के गुड्डू सहायक को पहले ही हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका है। सचिव जितेंद्र त्यागी को भी उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है।
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मैं निर्दोष, मुझे फर्जी फंसाया
- आरोपी सचिव ने अपने को बताया निर्दोष
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। 39 लाख रुपये मूल्य के किसानों से खरीदे गेहूं खरीद में घोटाले के आरोपी क्रय विक्रय समिति के सचिव जितेंद्र त्यागी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद अपने को निर्दोष बताया है।
जितेंद्र त्यागी ने कहा कि वह कुंदरपुर समिति में सचिव पद पर तैनात था। उसके द्वारा कोई भी प्रस्ताव नहीं दिया गया। फर्जी प्रस्ताव के आधार पर गेहूं क्रय केंद्र जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्थापित किया गया। गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद क्रय केंद्र प्रभारी सचिन गुप्ता द्वारा व भुगतान पीसीएफ के द्वारा किया गया है। सारी खरीद व भुगतान डिजिटल है। आरोपी ने खुद को गलत ढंग से इस मामलो में फंसाए जाने की बात कही। जितेंद्र त्यागी ने बताया कि उसने जिले से लेकर प्रदेश के आला अधिकारियों व पुलिस को भी पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी है, लेकिन कहीं से उसे अभी न्याय नहीं मिल सका है।
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सहकारी क्रय विक्रय समित अक्का डिलारी पर तैनात क्रय केंद्र प्रभारी सचिन, क्रय विक्रय समिति लि. कुंदनपुर के सचिव जितेंद्र त्यागी व पीसीएफ के पटल सहायक गुड्डू कुमार पर घोटाले का आरोप लगाया गया था। पीसीएफ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक हरिओम शर्मा की ओर से दो जुलाई को मूढापांडे थाने पर तीनों के खिलाफ गबन का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। केंद्र प्रभारी सचिन गुप्ता को तो पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन समिति सचिव जितेंद्र व पीसीएफ के पटल सहायक गुड्डू कुमार फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी को लेकर 15-15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक हरिओम शर्मा को भी पर्यवेक्षणीय शिथिलता के आरोप में पीसीएफ के प्रबंध निदेशक मासूम अली सर्वर ने निलंबित कर दिया था। उनके स्थान पर देवी पाटन से विनय कुमार को मुरादाबाद का नया क्षेत्रीय प्रबंधक (पीसीएफ) नियुक्त किया गया है। इसकी पुष्टि प्रबंध निदेशक ने की।
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इधर गबन मामले में फरार चल रहे पीसीएफ के गुड्डू सहायक को पहले ही हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका है। सचिव जितेंद्र त्यागी को भी उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है।
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मैं निर्दोष, मुझे फर्जी फंसाया
- आरोपी सचिव ने अपने को बताया निर्दोष
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। 39 लाख रुपये मूल्य के किसानों से खरीदे गेहूं खरीद में घोटाले के आरोपी क्रय विक्रय समिति के सचिव जितेंद्र त्यागी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद अपने को निर्दोष बताया है।
जितेंद्र त्यागी ने कहा कि वह कुंदरपुर समिति में सचिव पद पर तैनात था। उसके द्वारा कोई भी प्रस्ताव नहीं दिया गया। फर्जी प्रस्ताव के आधार पर गेहूं क्रय केंद्र जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्थापित किया गया। गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद क्रय केंद्र प्रभारी सचिन गुप्ता द्वारा व भुगतान पीसीएफ के द्वारा किया गया है। सारी खरीद व भुगतान डिजिटल है। आरोपी ने खुद को गलत ढंग से इस मामलो में फंसाए जाने की बात कही। जितेंद्र त्यागी ने बताया कि उसने जिले से लेकर प्रदेश के आला अधिकारियों व पुलिस को भी पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी है, लेकिन कहीं से उसे अभी न्याय नहीं मिल सका है।