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अब तो होगी नारों की भी निगरानी
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:45 AM IST
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जेएनयू में भारत विरोधी नारेबाजी के बाद देश भर में उबाल है। मुरादाबाद में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। सड़कों पर भड़काऊ व जोशीले नारे गूंज रहे हैं। इनसे कई जगह टकराव जैसी स्थिति बनने लगी है। शासन भी चौकस हो गया है। इस प्रकार के आयोजनों की निगरानी बढ़ा दी है। नारों को रिकार्ड कराया जा रहा है।
साथ ही कार्यक्रमों की अनुमति देने से पहले आयोजकों को शर्तों में बांधने का फैसला किया गया है। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नारेबाजी का मसले ने राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया है। पक्ष और विपक्ष में संगठन खड़े हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के शहरों में भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन हो रहे हैं। जुलूस निकाले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। इस मुद्दे पर माहौल गरमाने लगा है।
मंगलवार को मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर के साथ ही प्रदेश के अधिकांश जनपदों में प्रदर्शन हुए। हिंदू संगठनों ने पुतले फूंके। जोशीले नारे गूंजते रहे। इस मामले पर शासन भी सतर्क हो गया है। सभी जनपदों में इस प्रकार के आयोजनों की निगरानी बढ़ा दी है। कालेजों में होने वाले आयोजनों पर भी निगाह रखने को कहा गया है। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है।
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इस प्रकार के सभी आयोजनों की वीडियोग्राफी कराने को कहा गया है। अफसरों से कहा गया है कि जब कार्यक्रमों की अनुमति दी जाए तब आयोजकों को पहले ही शर्तें बता दी जाएं। अगर किसी प्रकार का विवाद खड़ा होगा तो उसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। एडीएम सिटी एके श्रीवास्तव ने बताया कि निगरानी तो लगातार की जाती है अब और सख्ती होगी।
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साथ ही कार्यक्रमों की अनुमति देने से पहले आयोजकों को शर्तों में बांधने का फैसला किया गया है। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नारेबाजी का मसले ने राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया है। पक्ष और विपक्ष में संगठन खड़े हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के शहरों में भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन हो रहे हैं। जुलूस निकाले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। इस मुद्दे पर माहौल गरमाने लगा है।
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मंगलवार को मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर के साथ ही प्रदेश के अधिकांश जनपदों में प्रदर्शन हुए। हिंदू संगठनों ने पुतले फूंके। जोशीले नारे गूंजते रहे। इस मामले पर शासन भी सतर्क हो गया है। सभी जनपदों में इस प्रकार के आयोजनों की निगरानी बढ़ा दी है। कालेजों में होने वाले आयोजनों पर भी निगाह रखने को कहा गया है। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है।
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इस प्रकार के सभी आयोजनों की वीडियोग्राफी कराने को कहा गया है। अफसरों से कहा गया है कि जब कार्यक्रमों की अनुमति दी जाए तब आयोजकों को पहले ही शर्तें बता दी जाएं। अगर किसी प्रकार का विवाद खड़ा होगा तो उसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। एडीएम सिटी एके श्रीवास्तव ने बताया कि निगरानी तो लगातार की जाती है अब और सख्ती होगी।