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एसपी की जांच रिपोर्ट में एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा, तीन सिपाही दोषी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 02:12 AM IST
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six police men culpit in inquiry
मुरादाबाद। मझोला के चर्चित दोहरे हत्याकांड में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में छह पुलिस कर्मी दोषी पाए गए हैं। पीड़ित परिवार की शिकायतों को दरकिनार करने से लेकर डबल मर्डर की सनसनीखेज घटना को गैर इरादतन हत्या में दर्ज करने तक पुलिस ने हर स्तर पर आला दर्जे की लापरवाही बरती। जांच अधिकारी एसपी ट्रैफिक ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक को सौंप दी है जिसमें इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही दोषी बताए गए हैं।
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मझोला थानाक्षेत्र के हनुमान नगर में पांच जून की रात किशन लाल वाल्मीकि और उसके बेटे राजेंद्र वाल्मीकि की ईंटें बरसाकर हत्या कर दी गई थी। किशन लाल की लाश घर के अंदर कमरे में मिली थी। जबकि बेटे की लाश घर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर मैदान में पड़ी मिली थी। किशल लाल की बेटी गुड़िया ने पड़ोस में रहने वाले बाबूराम गंगवार और उसके बेटों पर मकान पर कब्जा करने के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने इस मामले को गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया था। अगले दिन आईजी रमित शर्मा ने घटनास्थल का मुआयना किया था और पीड़ित युवती के बयान दर्ज किए थे। फजीहत के बाद पुलिस ने इस मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम किया था। जबकि एसपी यातायात सतीश चंद्र को पूरे प्रकरण की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद जांच अधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। गुड़िया के बयान दर्ज किए गए।
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घटना वाली रात भी पुलिस चौकी में गुड़िया ने लगाई थी गुहार
पीड़ित गुड़िया ने अपने बयानों में बताया कि उसने कई बार पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। जांच में यह बात भी सामने आई कि गुड़िया घटना वाली रात भी पुलिस चौकी गई थी। उसने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। साढे़ सात और आठ बजे के बीच घटना हुई, जबकि पुलिस अगले दिन तड़के तीन बजे घटनास्थल पर पहुंची थी। तब तक पिता पुत्र की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा पुलिस ने केस को हत्या में दर्ज नहीं किया। पूरे प्रकरण में छह पुलिस कर्मी दोषी पाए गए हैं। जिसमें एक निरीक्षक, दो दरोगा और तीन सिपाही शामिल हैं। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया कि जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
मुरादाबाद। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड की घटना को गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पुलिस की लापरवाही को उजागर किया था। इसके बाद ही अफसर हरकत में आए थे और केस को हत्या में तरमीम कराने के साथ ही पुलिस लापरवाही की जांच कराने के आदेश दिए थे।

एक नाबालिग समेत आठ आरोपी जा चुके हैं जेल
मुरादाबाद। दोहरे हत्याकांड में मझोला पुलिस अब तक एक नाबलिग समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने मोतीराम, संजय, राजेंद्र, बबलू, विनीत अमन, गुड्डू उर्फ रविंद्र को जेल भेजा है। जबकि नाबालिग आरोपी को राजकीय संप्रेक्षण गृह में भेजा है।
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