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तालाब की जलकुंभी व दलदल में फंसकर छह पशु मरे
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Six animals died after getting trapped in the hyacinth and swamp of the pond
- फोटो : CHANDAUSI
चारे की तलाश में भटकते गोवंशीय पशु गांव अकरौली के तालाब में नजर आ रही हरियाली तक पहुंचकर जान गंवा बैठे। तलाब में घुसे छुट्टा पशु दलदल और जलकुंभी की जड़ों में उलझ कर बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में पशु चिकित्सा विभाग की टीम से छह गोवंशीय पशुओं के शवों को तालाब से निकलवाया।
रविवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों ने तालाब में गोवंशीय पशुओं के शव देखकर पुलिस को सूचना दी। बनियाठेर थाने की पुलिस ने तालाब में आधा दर्जन गोवंशीय पशुओं के शव होने का अनुमान जताते हुए अफसरों को जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम राजपाल सिंह, सीओ गोपाल सिंह, पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस बीच हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता भी आ गए। दिन में 12 बजे तालाब से पशुओं के शव को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया गया। शाम पांच बजे तक छह गोवंशीय पशुओं के शव बाहर निकाले गए।
पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए सभी को गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबवा दिया। एक साथ छह गोवंशीय पशुओं की जान जाने से लोगों में रोष है।
गांव अकरौली में तालाब में छुट्टा गोवंशीय पशुओं की मौत की सूचना पर भाजयुमो के जिला मंत्री पवन मुखिया व अन्य कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने बिना पोस्टमार्टम कराए पशुओं को मिट्टी में दबवाने पर पुलिस से नोकझोंक की। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम होने से ही पशुओं के मरने का सही कारण स्पष्ट होता।
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गायों और गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए हर जिले में गो संरक्षण केंद्रों की व्यापक व्यवस्था के दावे अक्सर सरकारी स्तर से किए जाते हैं लेकिन बनियाठेर क्षेत्र में रविवार को सामने आई छह गोवंशीय पशुओं के मरने की घटना ने सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है। मौके पर जुटे लोगों में से कई ने कहा कि संरक्षण की सही व्यवस्था न होने के कारण भूखे पशुओं की चारे की तलाश जानलेवा बन गई।
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रविवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों ने तालाब में गोवंशीय पशुओं के शव देखकर पुलिस को सूचना दी। बनियाठेर थाने की पुलिस ने तालाब में आधा दर्जन गोवंशीय पशुओं के शव होने का अनुमान जताते हुए अफसरों को जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम राजपाल सिंह, सीओ गोपाल सिंह, पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस बीच हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता भी आ गए। दिन में 12 बजे तालाब से पशुओं के शव को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया गया। शाम पांच बजे तक छह गोवंशीय पशुओं के शव बाहर निकाले गए।
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पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए सभी को गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबवा दिया। एक साथ छह गोवंशीय पशुओं की जान जाने से लोगों में रोष है।
गांव अकरौली में तालाब में छुट्टा गोवंशीय पशुओं की मौत की सूचना पर भाजयुमो के जिला मंत्री पवन मुखिया व अन्य कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने बिना पोस्टमार्टम कराए पशुओं को मिट्टी में दबवाने पर पुलिस से नोकझोंक की। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम होने से ही पशुओं के मरने का सही कारण स्पष्ट होता।
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गायों और गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए हर जिले में गो संरक्षण केंद्रों की व्यापक व्यवस्था के दावे अक्सर सरकारी स्तर से किए जाते हैं लेकिन बनियाठेर क्षेत्र में रविवार को सामने आई छह गोवंशीय पशुओं के मरने की घटना ने सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है। मौके पर जुटे लोगों में से कई ने कहा कि संरक्षण की सही व्यवस्था न होने के कारण भूखे पशुओं की चारे की तलाश जानलेवा बन गई।