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मौसमी बुखार या कोरोना का वार, जरूर कराएं जांच
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मुरादाबाद। तापमान के उतार चढ़ाव के बीच हर दिन मौसम बदल रहा है। कभी सर्दी तो कभी गर्मी का अहसास हो रहा है। इस बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। मौसमी बुखार की शिकायत बढ़ गई है। अस्थमा और सीओपीडी के मरीज मुश्किल में आ गए हैं। वहीं देश के पांच राज्यों में कोरोना का संक्रमण बढ़ गया है। ऐसे में मरीजों में मौसमी बुखार है या कोरोना का वार, ये पता लगाने को जांच जरूर कराएं।
दस फरवरी के बाद मौसम में उतार चढ़ाव बना हुआ है। दिन में तेज धूप हो रही है। गर्म कपड़ों के साथ धूप में बैठना मुश्किल है। इससे दिन में गर्मी महसूस की जा रही है, लेकिन शाम ढलते ही तापमान गिरने लगता हैै। दिन की गर्मी रात में सर्दी में बदल जाती है। इस सर्द गर्म के खेल में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। छोटेे-बड़ों को परेशानी हो रही है। बच्चों को सर्दी-खासी के साथ बुखार की शिकायत हो रही है। कुछ बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जबकि बड़े लोगों में अस्थमा का अटैक हो रहा है। सीओपीडी के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। दूसरी ओर देश के पांच राज्यों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। डाक्टरों के मुताबिक इस मौसम में वायरल फीवर और सांस के मरीजों की संख्या वृद्धि हो रही है। ऐसे में ये पता करना मुश्किल हो रहा है कि मरीज में मौसमी बुखार है या कोविड के लक्षण।
- मौसम बदल रहा है। कभी ठंड कभी गर्म से सांस और सीओपीडी के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। एलर्जी के मरीज भी मुश्किल में हैं। वायरल फीवर की भी शिकायत हो रही है। मौसमी बुखार या कोविड के लक्षण है, इसके लिए जांच जरूरी है। लेकिन मरीज कोविड टेस्ट के लिए तैयार नहीं होते हैं। पांच राज्यों में कोविड के बदले हालात को देखते हुए मरीज घबराएं नहीं जांच जरूर कराएं। - डा. अमित रस्तोगी, एमडी मेडिसिन
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- इस बदलते मौसम में बच्चों में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों की खास देखभाल करने की जरूरत हैं। सेहत की लिहाज से बेहतर होगा कि अभी पंखें का इस्तेमाल नहीं किया जाए। - डा. बीर सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
डाक्टरों की सलाह
- अभी पंखे की हवा में न सोएं
- गर्म कपड़े पहनाकर रखें
- ठंडा पानी न पीएं
- ताजा और गर्म खाना खाएं
- सुबह-शाम बच्चों को घर से बाहर न ले जाए
- दिक्कत बढ़ने पर डाक्टर के पास जाएं
ये बीमारियां भी संभव
: मौसमी बुखार होना
: सांस फूलना
: सर्दी जुकाम होना
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दस फरवरी के बाद मौसम में उतार चढ़ाव बना हुआ है। दिन में तेज धूप हो रही है। गर्म कपड़ों के साथ धूप में बैठना मुश्किल है। इससे दिन में गर्मी महसूस की जा रही है, लेकिन शाम ढलते ही तापमान गिरने लगता हैै। दिन की गर्मी रात में सर्दी में बदल जाती है। इस सर्द गर्म के खेल में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। छोटेे-बड़ों को परेशानी हो रही है। बच्चों को सर्दी-खासी के साथ बुखार की शिकायत हो रही है। कुछ बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जबकि बड़े लोगों में अस्थमा का अटैक हो रहा है। सीओपीडी के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। दूसरी ओर देश के पांच राज्यों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। डाक्टरों के मुताबिक इस मौसम में वायरल फीवर और सांस के मरीजों की संख्या वृद्धि हो रही है। ऐसे में ये पता करना मुश्किल हो रहा है कि मरीज में मौसमी बुखार है या कोविड के लक्षण।
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- मौसम बदल रहा है। कभी ठंड कभी गर्म से सांस और सीओपीडी के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। एलर्जी के मरीज भी मुश्किल में हैं। वायरल फीवर की भी शिकायत हो रही है। मौसमी बुखार या कोविड के लक्षण है, इसके लिए जांच जरूरी है। लेकिन मरीज कोविड टेस्ट के लिए तैयार नहीं होते हैं। पांच राज्यों में कोविड के बदले हालात को देखते हुए मरीज घबराएं नहीं जांच जरूर कराएं। - डा. अमित रस्तोगी, एमडी मेडिसिन
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- इस बदलते मौसम में बच्चों में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों की खास देखभाल करने की जरूरत हैं। सेहत की लिहाज से बेहतर होगा कि अभी पंखें का इस्तेमाल नहीं किया जाए। - डा. बीर सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
डाक्टरों की सलाह
- अभी पंखे की हवा में न सोएं
- गर्म कपड़े पहनाकर रखें
- ठंडा पानी न पीएं
- ताजा और गर्म खाना खाएं
- सुबह-शाम बच्चों को घर से बाहर न ले जाए
- दिक्कत बढ़ने पर डाक्टर के पास जाएं
ये बीमारियां भी संभव
: मौसमी बुखार होना
: सांस फूलना
: सर्दी जुकाम होना