फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   SDM got himself a clean chit from Tehsildar

एसडीएम ने खुद की जांच तहसीलदार से करा ले ली क्लीनचिट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
SDM got himself a clean chit from Tehsildar
मुरादाबाद। हाईकोर्ट से यथास्थिति के आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर बनी चहारदीवारी गिरवाने की शिकायत होने पर एसडीएम ने मातहत से जांच करा खुद को क्लीनचिट दिलवा दी। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी। प्रशासनिक अमले में एसडीएम के खुद को क्लीनचिट दिलाने के मामले की चर्चा हो रही है।
विज्ञापन

मामला नई बनी ग्राम पंचायत हट हट का है। जिसमें सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण कार्य किया जाना है। गांव में कोई उपयुक्त भूमि ना मिलने के कारण गांव के ही रहने वाले मुंशी राजा ने अपनी भूमि दान की। जिस पर राजनीतिक प्रतिद्वंदता के कारण गांव के ही कल्लूू आदि ने पहले तो सिविल न्यायालय में वाद दायर किया, लेकिन वहां से स्टे नहीं मिलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों पक्षों के लिए यथास्थिति का आदेश पारित कर दिया। आरोप है कि हाईकोर्ट से यथास्थिति का आदेश होने के बावजूद एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने पांच मई 2022 को गांव में जाकर पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय की सरकारी धन से कराई गई चहारदीवारी को जेसीबी से गिरवा दिया। इस पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना को लेकर ग्राम प्रधान अफसाना तैयब ने कमिश्नर और डीएम से शिकायत की। उसकी जांच आई तो एसडीएम सदर ने तहसीलदार सदर से ही मामले की जांच करा ली। मातहत ने अधिकारी को निर्दोष बताते हुए जांच रिपोर्ट पेश कर दी। इसके बाद एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने तहसीलदार की जांच आख्या के आधार पर ग्राम प्रधान की शिकायत को निराधार बता दिया। साथ ही यह भी कहा कि वहां किसी भी प्रकार की चहारदीवारी का निर्माण ही नहीं किया गया। यही रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को भेज दी है। जिसके बाद से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन

000
एसडीएम के खिलाफ पूर्व में लेखपाल भी कर चुका जांच
मुरादाबाद। एसडीएम सदर द्वारा अपने कार्यालय से एक अधिवक्ता को बाहर निकाले जाने के मामले की आईजीआरएस पर जून 2021 में की गई थी। इस मामले की जांच एक लेखपाल ने करके अपनी आख्या लगाकर भेजने के साथ शिकायत को निस्तारित दिखा दिया था। यह मामला भी चर्चा में रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed