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Moradabad News: आठ से दस फीसदी फीस बढ़ाने के लिए स्कूलों ने लिया फैसला
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मुरादाबाद।
नए सत्र से निजी स्कूलों में पढ़ाई महंगी हो सकती है। स्कूल एसोसिएशन ने नए सत्र में करीब दस फीसदी फीस बढ़ोतरी की की योजना बनाई है। एसोसिएशन के महासचिव के अनुसार यह बढ़ोतरी सरकार द्वारा बनाए गए नियम के अनुरूप ही की जा रही है।
निजी स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभिभावक ऑनलाइन के अलावा आफलाइन पंजीकरण करवा रहे हैं। मुरादाबाद एसोसिएशन ऑफ पब्लिक स्कूल्स की बैठक में शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी हे। पदाधिकारियों का कहना है कि स्कूल संचालक फीस बढ़ोतरी में सरकार द्वारा बनाए गए नियम का ही पालन कर रहे हैं। इस नियम के अनुसार पांच फीसदी शुल्क और सीपीआई (कंज्यूमर प्राइज इंडेक्स) जोड़कर फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। सीपीआई स्तर और उस पर स्कूल संचालक पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर रहे हैं। पदाधिकारियों के अनुसार यह नियम प्रदेशभर के लिए है।
लगभग 70 हजार विद्यार्थियों पर होगा असर
मुरादाबाद जनपद में सीबीएसई के करीब 72 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में औसतन 70 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में स्कूल एसोसिएशन की ओर से लिए गए फैसले का असर इन सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों पर पड़ेगा।
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- फीस बढ़ाने में पहले एक समानता नहीं होती थी। इसे रोकने के लिए सरकार ने अभिभावकों की परेशानियों की समझते हुए एक नियम बनाया था। जब से यह नियम बना है, तब से कोई भी स्कूल इससे ज्यादा फीस नहीं बढ़ाता है। सभी स्कूल संचालकों ने आपस में बैठक करने के बाद इस नियम के तहत भी निर्धारित कानून के बावजूद डेढ़ से दो फीसदी की कमी रखी है। इस वर्ष भी अधिकतम दस फीसदी फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। इसमें कुछ स्कूल आठ फीसदी की ही बढ़ोतरी कर रहे हैं।
नीरज कुमार गुप्ता, महासचिव, मुरादाबाद एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स
प्रतिवर्ष फीस बढ़ोतरी की जा रही है, जोकि अनुचित है। जिला प्रशासन और सरकार से मांग है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। क्योंकि पिछले दो वर्षों में स्कूलों ने लगभग 25 फीसदी फीस बढ़ोतरी की है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा इस ओर ध्यान देने की मांग की गई है।
अनुज गुप्ता, अध्यक्ष मुरादाबाद पेरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल्स
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नए सत्र से निजी स्कूलों में पढ़ाई महंगी हो सकती है। स्कूल एसोसिएशन ने नए सत्र में करीब दस फीसदी फीस बढ़ोतरी की की योजना बनाई है। एसोसिएशन के महासचिव के अनुसार यह बढ़ोतरी सरकार द्वारा बनाए गए नियम के अनुरूप ही की जा रही है।
निजी स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभिभावक ऑनलाइन के अलावा आफलाइन पंजीकरण करवा रहे हैं। मुरादाबाद एसोसिएशन ऑफ पब्लिक स्कूल्स की बैठक में शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी हे। पदाधिकारियों का कहना है कि स्कूल संचालक फीस बढ़ोतरी में सरकार द्वारा बनाए गए नियम का ही पालन कर रहे हैं। इस नियम के अनुसार पांच फीसदी शुल्क और सीपीआई (कंज्यूमर प्राइज इंडेक्स) जोड़कर फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। सीपीआई स्तर और उस पर स्कूल संचालक पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर रहे हैं। पदाधिकारियों के अनुसार यह नियम प्रदेशभर के लिए है।
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लगभग 70 हजार विद्यार्थियों पर होगा असर
मुरादाबाद जनपद में सीबीएसई के करीब 72 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में औसतन 70 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में स्कूल एसोसिएशन की ओर से लिए गए फैसले का असर इन सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों पर पड़ेगा।
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- फीस बढ़ाने में पहले एक समानता नहीं होती थी। इसे रोकने के लिए सरकार ने अभिभावकों की परेशानियों की समझते हुए एक नियम बनाया था। जब से यह नियम बना है, तब से कोई भी स्कूल इससे ज्यादा फीस नहीं बढ़ाता है। सभी स्कूल संचालकों ने आपस में बैठक करने के बाद इस नियम के तहत भी निर्धारित कानून के बावजूद डेढ़ से दो फीसदी की कमी रखी है। इस वर्ष भी अधिकतम दस फीसदी फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। इसमें कुछ स्कूल आठ फीसदी की ही बढ़ोतरी कर रहे हैं।
नीरज कुमार गुप्ता, महासचिव, मुरादाबाद एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स
प्रतिवर्ष फीस बढ़ोतरी की जा रही है, जोकि अनुचित है। जिला प्रशासन और सरकार से मांग है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। क्योंकि पिछले दो वर्षों में स्कूलों ने लगभग 25 फीसदी फीस बढ़ोतरी की है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा इस ओर ध्यान देने की मांग की गई है।
अनुज गुप्ता, अध्यक्ष मुरादाबाद पेरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल्स