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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Sambhal: young man was bitten snake, superstition made him wander around for 33 hours, he died

Sambhal: युवक को सांप ने डसा, अंधविश्वास ने 33 घंटे घुमाया, अस्पताल पहुंचा शव... परिजनों में मच गया कोहराम

Tue, 23 Jul 2024 12:32 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 23 Jul 2024 12:32 PM IST
सार

संभल में सांप के काटने से युवक की हालत बिगड़ गई। परिजन उसका उपचार कराने के बजाय झाड़फूंक करवाते रहे। अस्पताल पहुंचने से पहले से उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। 

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Sambhal: young man was bitten snake, superstition made him wander around for 33 hours, he died
सांप के डसने से मौत के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल के गांव ततारपुर निवासी दीपक कुमार (23) को सांप ने डस लिया था। अंधविश्वास की वजह से परिजन उसे करीब 33 घंटे तक झाड़फूंक कराते रहे। हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।

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ततारपुर गांव निवासी दीपक को शनिवार की देर रात सोते समय सांप ने डस लिया। शोर सुनकर परिजन जाग गए और जिला अस्पताल न ले जाकर गांव में ही झाड़फूंक शुरू करा दिया। अंधविश्वास में फंसे परिजन करीब 33 घंटे तक एक गांव से दूसरे गांव में झाड़फूंक कराते रहे।
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लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में किसी के बताने पर परिजन उसे गढ़मुक्तेश्वर में एक हकीम के पास लेकर पहुंचे और उपचार कराया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद भी परिजन युवक को जिला अस्पताल लेकर नहीं गए और इधर-उधर झाड़फूंक करने वालों के पास दौड़ लगाते रहे।
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जब झाड़फूंक करने वालों ने हाथ खड़े कर दिए। सोमवार की सुबह जब युवक की मौत हो गई तो परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना पर पत्नी लक्ष्मी और दो बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है।

समय से उपचार मिलता तो बच जाती जान

जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. वीर सिंह ने बताया कि युवक को शनिवार की रात एक बजे सांप ने डसा था। परिजन जिला अस्पताल न लाकर 33 घंटे तक झाड़फूंक कराते रहे। सोमवार की सुबह परिजन युवक को मृत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।



यदि समय से युवक को उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। कहा कि ग्रामीण परिवेश के लोग अंधविश्वास में यकीन करते हैं। जबकि सर्प दंश का बेहतर उपचार एंटीवैनम है।

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