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UP: 'भीड़ जुटा लेना... सर्वे नहीं होने देना', सांसद बर्क के कहने पर ही रची गई थी बवाल की साजिश; पुलिस का दावा
Sun, 06 Apr 2025 01:52 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:52 PM IST
सार
संभल हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ा दावा किया है। सपा सांसद बर्क के कहने पर ही बवाल की साजिश रची गई थी। पुलिस का दावा यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी सांसद के करीबियों को मिली।
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सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
बीते वर्ष 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के करीबियों की भी भूमिका भी सामने आई है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जांच में सामने आया है कि 23 नवंबर की रात को बवाल की पूरी साजिश रची गई थी।
एसपी का कहना है कि विवेचना चल रही है। जो भी आरोपी प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में छानबीन कर रही है। दरअसल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर आरोप है कि उन्होंने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को 23 नवंबर की रात को फोन किया था और कहा था कि भीड़ जुटा लेना और कोर्ट कमीशन का सर्वे नहीं होने देना है।
पुलिस का दावा यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी सांसद के करीबियों को मिली। करीबियों के फोन से ही रात के समय बातचीत कर साजिश रची गई। पुलिस ने इसका खुलासा जफर अली एडवोकेट की केस डायरी में भी किया है।
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अब सांसद के करीबियों पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जफर अली एडवोकेट को ही जेल भेजा गया है। एसपी का कहना है कि जामा मस्जिद बवाल की साजिश में जिसका भी नाम प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी का कहना है कि विवेचना चल रही है। जो भी आरोपी प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में छानबीन कर रही है। दरअसल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर आरोप है कि उन्होंने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को 23 नवंबर की रात को फोन किया था और कहा था कि भीड़ जुटा लेना और कोर्ट कमीशन का सर्वे नहीं होने देना है।
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पुलिस का दावा यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी सांसद के करीबियों को मिली। करीबियों के फोन से ही रात के समय बातचीत कर साजिश रची गई। पुलिस ने इसका खुलासा जफर अली एडवोकेट की केस डायरी में भी किया है।
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अब सांसद के करीबियों पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जफर अली एडवोकेट को ही जेल भेजा गया है। एसपी का कहना है कि जामा मस्जिद बवाल की साजिश में जिसका भी नाम प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बवाल में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में जांच कर रही है। निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल