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रुहेलखंड विवि परीक्षा : सैनिटाइजेशन के बगैर विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के बीच मंगलवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो गईं। केंद्रों को सैनिटाइज करने के दावे पहले ही दिन धड़ाम हो गए। केजीके कालेज में बिना सैनिटाइजेशन के परीक्षा हुई। हिंदू कालेज में भी सैनिटाइजेशन को लेकर एबीवीपी के पदाधिकारियों की कालेज प्रशासन से तीखी नोकझोंक हुई। वहीं, दूर-दराज के क्षेत्रों से आए विद्यार्थी भी कोरोना संक्रमण की वजह से डरे हुए दिखे। उनका कहना है कि साल बचाने के लिए परीक्षा देना उनकी मजबूरी है। हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा प्रश्नों की संख्या और समय में की गई कटौती के बावजूद उनकी परीक्षा अच्छे से हुई है।
हिंदू कालेज में सुबह की पाली में 124 में से 99 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे और 25 अनुपस्थित थे, जबकि शाम को 505 में से 496 उपस्थित थे और नौ गैरहाजिर रहे। केजीके कालेज में सुबह की पाली नौ में से सात विद्यार्थी उपस्थित थे और शाम को 114 में से 111 विद्यार्थी परीक्षा देने आए। दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा मेहरोत्रा ने बताया कि 36 छात्राओं की परीक्षा में सभी उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने सैनिटाइजर के लिए फंड नहीं दिया। सैनिटाइजर, मास्क और थर्मल स्कैनिंग के लिए अपने स्तर से ही व्यवस्था की है। एमएच कालेज की प्राचार्य डॉ. मीना कौल ने बताया कि सुबह एक और शाम दस विद्यार्थी थे और सभी उपस्थित थे। विद्यार्थियों, शिक्षकों की सुरक्षा की खातिर सैनिटाइजर की अपने स्तर से व्यवस्था की है।
सैनिटाइजर की नहीं है व्यवस्था
केजीके कालेज में परीक्षा प्रभारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से सैनिटाइजर का फंड नहीं मिला है और कालेज के प्राचार्य के पास एक हजार रुपये से अधिक खर्च करने का अधिकार नहीं है। फंड के संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था, लेकिन वहां से अनुमति नहीं मिलने की वजह से सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं हो सकी और बिना सैनिटाइजेशन के ही छात्रों ने परीक्षा दी है। सिर्फ तापमान की जांच की गई है।
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थर्मल स्कैनर और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं कराने का आरोप
हिंदू कालेज में शाम की पाली में 505 विद्यार्थियों की परीक्षा होने के कारण कालेज के बाहर सड़क पर विद्यार्थियों की लाइनें लग गईं। शाम की पाली के एसएस डॉ. एनयू खान ने कहा कि शाम को 25 कमरों की परीक्षा थी। पांच थर्मल स्कैनर और पांच बोतल सैनिटाइजर की मांग की थी। दोपहर में ही स्थिति से कालेज प्रशासन को अवगत करा दिया था, इसके बावजूद विद्यार्थियों की लाइनें लगने के बाद इंतजार करना पड़ा। बाद में सिर्फ दो स्कैनर ही आ सके।
सैनिटाइजर में पानी मिलाने का आरोप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी अपने स्तर से हिंदू कालेज में विद्यार्थियों को मास्क और सैनिटाइज करवा रहे थे, लेकिन कालेज की ओर से कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सैनिटाइजर नहीं दिया गया तो उनकी प्राचार्य से नोंकझोंक हो गई। शाम को परीक्षा के बाद भी सैनिटाइजर कर रहे कर्मचारियों की व्यवस्था देखी। पदाधिकारियों का आरोप है कि सैनिटाइजर में पानी की मात्रा अधिक थी। ऐसे में संक्रमण बने रहने की आशंका है।
वर्जन...
लगातार पांच महीने तक तैयारी की है, इसलिए पेपर अच्छा हुआ है। संक्रमण की वजह से मम्मी डरी हुई थीं, लेकिन हमारे भविष्य का सवाल है। इसलिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था करके आई थी।
वंदना शर्मा, छात्रा।
काशीपुर से बस से परीक्षा देने आई हूं। वहां पर संक्रमण का डर लग रहा है। मम्मी-पापा ने परीक्षा छोड़ने को कहा था, लेकिन अंकतालिका और डिग्री नहीं मिल पाती। इसलिए परीक्षा देने आई हूं।
उवर्शी, छात्रा।
संक्रमण की वजह से संभल से मैं अपनी बाइक से परीक्षा देने आया हूं। पापा कह रहे थे कि इस वर्ष परीक्षा छोड़कर आगामी वर्ष दे दूं, लेकिन इससे मेरा भविष्य प्रभावित हो जाता। मैंने तैयारी अच्छी की है तो सभी प्रश्न कर दिए।
रविंद्र शर्मा, छात्र।
नए निर्देशों के हिसाब से पेपर अच्छा हो गया है। कोरोना संक्रमण न हो, इसलिए लालबाग से हिंदू कालेज तक पैदल आया हूं। परिजनों को तो डर सता रहा है, लेकिन परीक्षा देनी पड़ेगी।
ताजीम खान, छात्र।
परीक्षा अच्छे से निपट गई। विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। हम समझते हैं कि किसी एक को संक्रमण हो गया तो सभी के लिए समस्या हो जाएगी। इसलिए सैनिटाइजेशन सही तरीके से कराया है। दोपहर में दो थर्मल स्कैनर भिजवा दिए थे। बुधवार को एक हजार विद्यार्थियों की परीक्षा है, इसलिए चार थर्मल स्कैनर मंगवाए हैं। पहला दिन था, कोई कमी रह गई हो तो बुधवार को सुधार देंगे।
डॉ. बीबी सिंह, प्राचार्य, हिंदू कालेज।
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हिंदू कालेज में सुबह की पाली में 124 में से 99 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे और 25 अनुपस्थित थे, जबकि शाम को 505 में से 496 उपस्थित थे और नौ गैरहाजिर रहे। केजीके कालेज में सुबह की पाली नौ में से सात विद्यार्थी उपस्थित थे और शाम को 114 में से 111 विद्यार्थी परीक्षा देने आए। दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा मेहरोत्रा ने बताया कि 36 छात्राओं की परीक्षा में सभी उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने सैनिटाइजर के लिए फंड नहीं दिया। सैनिटाइजर, मास्क और थर्मल स्कैनिंग के लिए अपने स्तर से ही व्यवस्था की है। एमएच कालेज की प्राचार्य डॉ. मीना कौल ने बताया कि सुबह एक और शाम दस विद्यार्थी थे और सभी उपस्थित थे। विद्यार्थियों, शिक्षकों की सुरक्षा की खातिर सैनिटाइजर की अपने स्तर से व्यवस्था की है।
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सैनिटाइजर की नहीं है व्यवस्था
केजीके कालेज में परीक्षा प्रभारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से सैनिटाइजर का फंड नहीं मिला है और कालेज के प्राचार्य के पास एक हजार रुपये से अधिक खर्च करने का अधिकार नहीं है। फंड के संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था, लेकिन वहां से अनुमति नहीं मिलने की वजह से सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं हो सकी और बिना सैनिटाइजेशन के ही छात्रों ने परीक्षा दी है। सिर्फ तापमान की जांच की गई है।
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थर्मल स्कैनर और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं कराने का आरोप
हिंदू कालेज में शाम की पाली में 505 विद्यार्थियों की परीक्षा होने के कारण कालेज के बाहर सड़क पर विद्यार्थियों की लाइनें लग गईं। शाम की पाली के एसएस डॉ. एनयू खान ने कहा कि शाम को 25 कमरों की परीक्षा थी। पांच थर्मल स्कैनर और पांच बोतल सैनिटाइजर की मांग की थी। दोपहर में ही स्थिति से कालेज प्रशासन को अवगत करा दिया था, इसके बावजूद विद्यार्थियों की लाइनें लगने के बाद इंतजार करना पड़ा। बाद में सिर्फ दो स्कैनर ही आ सके।
सैनिटाइजर में पानी मिलाने का आरोप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी अपने स्तर से हिंदू कालेज में विद्यार्थियों को मास्क और सैनिटाइज करवा रहे थे, लेकिन कालेज की ओर से कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सैनिटाइजर नहीं दिया गया तो उनकी प्राचार्य से नोंकझोंक हो गई। शाम को परीक्षा के बाद भी सैनिटाइजर कर रहे कर्मचारियों की व्यवस्था देखी। पदाधिकारियों का आरोप है कि सैनिटाइजर में पानी की मात्रा अधिक थी। ऐसे में संक्रमण बने रहने की आशंका है।
वर्जन...
लगातार पांच महीने तक तैयारी की है, इसलिए पेपर अच्छा हुआ है। संक्रमण की वजह से मम्मी डरी हुई थीं, लेकिन हमारे भविष्य का सवाल है। इसलिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था करके आई थी।
वंदना शर्मा, छात्रा।
काशीपुर से बस से परीक्षा देने आई हूं। वहां पर संक्रमण का डर लग रहा है। मम्मी-पापा ने परीक्षा छोड़ने को कहा था, लेकिन अंकतालिका और डिग्री नहीं मिल पाती। इसलिए परीक्षा देने आई हूं।
उवर्शी, छात्रा।
संक्रमण की वजह से संभल से मैं अपनी बाइक से परीक्षा देने आया हूं। पापा कह रहे थे कि इस वर्ष परीक्षा छोड़कर आगामी वर्ष दे दूं, लेकिन इससे मेरा भविष्य प्रभावित हो जाता। मैंने तैयारी अच्छी की है तो सभी प्रश्न कर दिए।
रविंद्र शर्मा, छात्र।
नए निर्देशों के हिसाब से पेपर अच्छा हो गया है। कोरोना संक्रमण न हो, इसलिए लालबाग से हिंदू कालेज तक पैदल आया हूं। परिजनों को तो डर सता रहा है, लेकिन परीक्षा देनी पड़ेगी।
ताजीम खान, छात्र।
परीक्षा अच्छे से निपट गई। विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। हम समझते हैं कि किसी एक को संक्रमण हो गया तो सभी के लिए समस्या हो जाएगी। इसलिए सैनिटाइजेशन सही तरीके से कराया है। दोपहर में दो थर्मल स्कैनर भिजवा दिए थे। बुधवार को एक हजार विद्यार्थियों की परीक्षा है, इसलिए चार थर्मल स्कैनर मंगवाए हैं। पहला दिन था, कोई कमी रह गई हो तो बुधवार को सुधार देंगे।
डॉ. बीबी सिंह, प्राचार्य, हिंदू कालेज।