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Moradabad News: चयन में धांधली, महिला खिलाड़ियों का हंगामा
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मुरादाबाद। सीनियर नेशनल वुमेन फुटबाल चैंपियनशिप के लिए सोनकपुर स्टेडियम में चल रहा प्रशिक्षण व चयन शिविर सोमवार को समाप्त हो गया, लेकिन चयन सूची विवादों के घेरे में आ गई। 10 से ज्यादा महिला खिलाड़ियों ने चयन सूची में धांधली होने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि ऐसी खिलाड़ियों को टीम में चुना गया है जो कि 15 दिन के कैंप में शामिल ही नहीं हुईं। उन्होंने चयनकर्ताओं के सामने अपनी बात रखी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। नवरात्रि पर हुई नाइंसाफी से महिला खिलाड़ी फूट-फूट कर रोईं।
आंचल (कानपुर), प्रीति वर्मा (आगरा), संजना (गोरखपुर), सुरभि (मिर्जापुर), ज्योति (आगरा), शालिनी (आगरा), पूजा (आजमगढ़) आदि खिलाड़ियों का कहना था कि हमनें आठ-आठ बार नेशनल खेला है और इस कैंप में ऐसे खिलाड़ी चुने गए हैं, जिनसे फुटबाल पर पैर मारना भी नहीं आता। रोती-बिलखती खिलाड़ियों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत करने की चेतावनी दी। इनका आरोप है कि दो महिला खिलाड़ियों को अचानक चयनकर्ता दो दिन पहले लाए और कैंप में शामिल कर दिया, जबकि 13 दिन से उनका कोई अता-पता नहीं था। कैंप से पहले हुए ट्रायल में भी इन खिलाड़ियों ने प्रतिभाग नहीं किया था। जब चयनकर्ताओं व कोच ने खिलाड़ियों की नहीं सुनी तो वह मजबूर होकर रोने लगीं। इससे स्टेडियम में भीड़ लग गई। आरएसओ नरेश चंद यादव व अन्य प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को समझाया, लेकिन वह नहीं मानीं। चयनकर्ता व एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि कोई धांधली नहीं हुई है, जिन खिलाड़ियों के अंक ज्यादा थे, उन्हें ही चुना गया है।
हरियाणा की खिलाड़ियों के फर्जी आधार बनवाने का आरोप
खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि हरियाणा की खिलाड़ियों के फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उन्हें यूपी की टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार तक कैंप में कुल 35 खिलाड़ी थीं। इसमें उनके साथ ही 15 को नेशनल गेम के लिए चयन से बाहर कर दिया गया है। अब 22 खिलाड़ियों की टीम नाेएडा में होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में खेलेगी। नाराज खिलाड़ियों ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सोमवार देर शाम को निर्णायक मंडल ने परिणाम घोषित किया है, जो पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। आजमगढ़ की श्रुति, बलरामपुर की आकांक्षा, मिर्जापुर की पिंकी दुबे का कहना है कि जिन्हें खेलना नहीं आता, उनका भी चयन हो गया।
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रात 10 बजे नोएडा के लिए रवाना हुई टीम
नोएडा में सीनियर नेशनल वुमेन फुटबाल चैंपियनशिप का आयोजन 14 अक्तूबर तक होगा। महिला खिलाड़ियों के हंगामे के कारण टीम रात 10 बजे सोनकपुर स्टेडियम से रवाना हुई। जिला फुटबाल एसोसिएशन की महिला विंग की सचिव माधुरी देवी ने खिलाड़ियों को टीम मैनेजर के साथ रवाना किया। हंगामा करने वाली खिलाड़ियों ने चयनित खिलाड़ियों के आधार कार्ड मांगे। प्रशिक्षकों ने कहा कि आधार कार्ड चाहिए तो नोएडा जाकर लेना।
टीम में 15 मुख्य खिलाड़ी व अन्य स्टैंडबाय हैं। इससे ज्यादा खिलाड़ी नहीं चुनी जा सकतीं। कैंप में 18 मंडलों की 35 खिलाड़ी थीं, जिनका चयन नहीं हो पाया, उन्होंने बिना वजह के आरोप लगाकर माहौल खराब किया है। चयन में कोई धांधली नहीं हुई है।
- एमएस बेग, मुख्य चयनकर्ता
खिलाड़ियों के आधार कार्ड जिस स्थान के होते हैं व जिस जिले में खेल के लिए पंजीकृत होते हैं, उन्हें वहीं का माना जाता है। चयन एसोसिएशन के चयनकर्ताओं की ओर से किया गया है। हमारी भूमिका सिर्फ इतनी है कि चयनित खिलाड़ियों को हमने किट बाटी। - नरेश चंद यादव, आरएसओ
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आंचल (कानपुर), प्रीति वर्मा (आगरा), संजना (गोरखपुर), सुरभि (मिर्जापुर), ज्योति (आगरा), शालिनी (आगरा), पूजा (आजमगढ़) आदि खिलाड़ियों का कहना था कि हमनें आठ-आठ बार नेशनल खेला है और इस कैंप में ऐसे खिलाड़ी चुने गए हैं, जिनसे फुटबाल पर पैर मारना भी नहीं आता। रोती-बिलखती खिलाड़ियों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत करने की चेतावनी दी। इनका आरोप है कि दो महिला खिलाड़ियों को अचानक चयनकर्ता दो दिन पहले लाए और कैंप में शामिल कर दिया, जबकि 13 दिन से उनका कोई अता-पता नहीं था। कैंप से पहले हुए ट्रायल में भी इन खिलाड़ियों ने प्रतिभाग नहीं किया था। जब चयनकर्ताओं व कोच ने खिलाड़ियों की नहीं सुनी तो वह मजबूर होकर रोने लगीं। इससे स्टेडियम में भीड़ लग गई। आरएसओ नरेश चंद यादव व अन्य प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को समझाया, लेकिन वह नहीं मानीं। चयनकर्ता व एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि कोई धांधली नहीं हुई है, जिन खिलाड़ियों के अंक ज्यादा थे, उन्हें ही चुना गया है।
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हरियाणा की खिलाड़ियों के फर्जी आधार बनवाने का आरोप
खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि हरियाणा की खिलाड़ियों के फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उन्हें यूपी की टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार तक कैंप में कुल 35 खिलाड़ी थीं। इसमें उनके साथ ही 15 को नेशनल गेम के लिए चयन से बाहर कर दिया गया है। अब 22 खिलाड़ियों की टीम नाेएडा में होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में खेलेगी। नाराज खिलाड़ियों ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सोमवार देर शाम को निर्णायक मंडल ने परिणाम घोषित किया है, जो पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। आजमगढ़ की श्रुति, बलरामपुर की आकांक्षा, मिर्जापुर की पिंकी दुबे का कहना है कि जिन्हें खेलना नहीं आता, उनका भी चयन हो गया।
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रात 10 बजे नोएडा के लिए रवाना हुई टीम
नोएडा में सीनियर नेशनल वुमेन फुटबाल चैंपियनशिप का आयोजन 14 अक्तूबर तक होगा। महिला खिलाड़ियों के हंगामे के कारण टीम रात 10 बजे सोनकपुर स्टेडियम से रवाना हुई। जिला फुटबाल एसोसिएशन की महिला विंग की सचिव माधुरी देवी ने खिलाड़ियों को टीम मैनेजर के साथ रवाना किया। हंगामा करने वाली खिलाड़ियों ने चयनित खिलाड़ियों के आधार कार्ड मांगे। प्रशिक्षकों ने कहा कि आधार कार्ड चाहिए तो नोएडा जाकर लेना।
टीम में 15 मुख्य खिलाड़ी व अन्य स्टैंडबाय हैं। इससे ज्यादा खिलाड़ी नहीं चुनी जा सकतीं। कैंप में 18 मंडलों की 35 खिलाड़ी थीं, जिनका चयन नहीं हो पाया, उन्होंने बिना वजह के आरोप लगाकर माहौल खराब किया है। चयन में कोई धांधली नहीं हुई है।
- एमएस बेग, मुख्य चयनकर्ता
खिलाड़ियों के आधार कार्ड जिस स्थान के होते हैं व जिस जिले में खेल के लिए पंजीकृत होते हैं, उन्हें वहीं का माना जाता है। चयन एसोसिएशन के चयनकर्ताओं की ओर से किया गया है। हमारी भूमिका सिर्फ इतनी है कि चयनित खिलाड़ियों को हमने किट बाटी। - नरेश चंद यादव, आरएसओ