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97 साल पुरानी है लाइनपार की रामलीला: लाला मुकुट विहारी ने की शुरुआत, शीतला माता मंदिर परिसर में होता था आयोजन

Wed, 21 Sep 2022 01:38 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 21 Sep 2022 01:38 PM IST
सार

पहली रामलीला का बजट 10,000 रुपये से भी कम था। अब कमेटी के मुताबिक साढ़े छह लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उस समय 50 स्थानीय लोगों की टीम तैयार की गई थी। जोकि जीविकोपार्जन से संबंधित कार्य निपटाने के बाद रामलीला में किरदार निभाते थे।

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Ramlila was first organized in Moradabad in 1925
रामलीला (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

दूर-दूर तक मशहूर मुरादाबाद की रामलीला प्रथम बार लाइनपार मैदान में 97 वर्ष पहले हुई थी। शहर के प्रसिद्ध व्यापारी लाला मुकुट विहारी उर्फ मुक्टा प्रसाद बजाज ने 1925 में इसे शुरू किया। इससे पहले रामलीला का मंचन कपूर कंपनी पुल के नीचे शीतला माता के मंदिर परिसर में होता था। धीरे-धीरे प्रसिद्धि बढ़ने के कारण भीड़ ज्यादा होने लगी। जगह कम पड़ी तो रामलीला संचालक जगन्नाथ खलीफा ने लाला मुकुट विहारी से संपर्क कर लाइनपार के मैदान में रामलीला शुरू कराई। 

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पहली रामलीला का बजट 10,000 रुपये से भी कम था। अब कमेटी के मुताबिक साढ़े छह लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उस समय 50 स्थानीय लोगों की टीम तैयार की गई थी। जोकि जीविकोपार्जन से संबंधित कार्य निपटाने के बाद रामलीला में किरदार निभाते थे। अब मथुरा-वृंदावन समेत विभिन्न शहरों से कलाकारों की मंडली आकर रामलीला का मंचन करती है। हालांकि कई स्थानीय कलाकार आज भी लाइनपार की रामलीला में मुख्य भूमिका निभाते हैं। लाइनपार रामलीला के इतिहास में साहू नंद किशोर, पंडित रामधन, साहू सूरज प्रकाश, साहू जगत प्रकाश, ओम प्रकाश गुप्ता, त्रिलोकी नाथ आदि कमेटी के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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कन्हैया लाल ने 50 साल निभाया दशानन का किरदार
श्री रामलीला कमेटी के सचिव राजीव बंसल ने बताया कि रेलकर्मचारी कन्हैया लाल ने 50 साल तक रामलीला में दशानन रावण की किरदार निभाया। इस रूप में उनकी ख्याति इतनी थी कि ज्यादातर लोग उन्हें रावण के नाम से जानते थे। जबशरीर शिथिल हो गया, तब उन्होंने यह किरदार छोड़ा। इसके बाद सीताराम बर्फ वाले ने रावण की किरदार निभाना शुरू किया। उन्होंने भी खूब अदाकारी की। इनके अलावा पंडित जगदंबा प्रसाद ने तीन दशकों तक लक्ष्मण का किरदार निभाया। उस समय राम सिंह रामलीला के पात्रों का मेकअप करते थे। उनके नाती राहुल आज भी रामलीला में कई किरदार निभाते हैं और झाकियों का मंचन करते हैं।
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52 वर्षों से मुस्लिम परिवार बना रहा रावण का पुतला
लाइनपार रामलीला के लिए एक मुस्लिम परिवार पिछले 52 वर्षों से रावण के पुतले का निर्माण कर रहा है। 1972 में बाबू यह कार्य करते थे। इसके बाद उनके भाई मोहम्मद अली ने कई साल राण का पुतला बनाया। मोहम्मद अली ने 1987 में यह कार्य अपने बहनोई शौकत को सौंपा। शौकत ने लगभद 20 वर्ष रावण का पुतला बनाया। अब 14 साल से उनका बेटा आलम रावण का पुतला बना रहा है।

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