फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   rakshabandhan 2020 NoorBano sent Rakhi to Maharaj brijraj singh of Kota from 75 years

75 वर्ष से कोटा के महाराज को राखी भेजती हैं नूरबानो, कई हिंदू परिवार के साथ बेगम का है राखी का रिश्ता

Wed, 29 Jul 2020 11:35 PM IST
शाहरुख खान कृष्णेंदु कुमार, अमर उजाला, रामपुर
कृष्णेंदु कुमार, अमर उजाला, रामपुर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 29 Jul 2020 11:35 PM IST
विज्ञापन
rakshabandhan 2020 NoorBano sent Rakhi to Maharaj  brijraj singh of Kota from 75 years
फाइल फोटो
दशकों पहले बने रिश्ते आज भी कायम हैं। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बने ऐसे मामले हमारे सामाजिक तानेबाने को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। हरियाणा के लोहारू से रामपुर ब्याह कर आईं बेगम नूरबानो पिछले 75 सालों से अपने हिंदू भाइयों को राखी बांध रही हैं। कोटा के महाराज बृजराज सिंह ही नहीं, लोहारू से रामपुर आकर बसे कई गैर मुस्लिम परिवारों से भी उनका राखी का रिश्ता है। 
विज्ञापन


रामपुर के आखिरी शासक नवाब रजा अली खां की बहू और पूर्व सांसद बेगम नूरबानो कोटा के महाराज बृजराज सिंह को पिछले 75 सालों से राखी बांधती आ रही हैं। इस साल भी उन्होंने कोटा के महाराज को राखी भेज दी है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से इस बार कोटा नहीं जा पाऊंगी, लेकिन मैंने राखी भेज दी है। बेगम का कहना है कि जब छोटी थी तभी से बृजराज सिंह को राखी बांधती आ रही हूं। 
विज्ञापन


शादी के बाद वो रामपुर जरूर आ गईं, लेकिन कोटा के महाराज को हर साल राखी भेजना नहीं भूली। अगर कभी रक्षाबंधन के मौके पर कोटा जाने का अवसर हाथ लगा तो वो बृजराज को खुद अपने हाथों से राखी बांधती हैं। बेगम बड़े गर्व के साथ कहती हैं कि मेरे भाई शगुन भी भेजते हैं। शगुन में उनके भाई क्या देते हैं इस उनका कहना ये तो भाई-बहन की बीच की बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेगम का कहना है कि लोहारू स्टेट के नवाब की बेटी हैं। लोहारू के कई लोग रामपुर के मेवला फार्म में रहते हैं, उन लोगों के यहां भी बेगम नूरबानो हर साल राखी के मौके पर जातीं हैं। अतर सिंह, चतर सिंह, चौधरी सतवीर सिंह सहित अन्य कई लोगों को राखी बांधती हैं। लोहारू के लोगों के वह कितने सालों से राखी बांध रही हैं। इस सवाल पर बेगम का कहना है कि अब ये मत पूछो साल तो याद ही नहीं है। उनका कहना है कि कोरोना की बीमारी फैली हुई है। मेरी उम्र भी अब 80 के पार है, ऐसे में मैं इस बार अपने लोहारू भाइयों के पास जाकर उनको राखी तो नहीं बांध पाऊंगी, लेकिन मेरी राखी उनके पास जाएगी जरूर। 

सबसे ज्यादा सम्मान हिंदू ननद का

एक मुस्लिम राजघराने की बहू होने के बाद हिन्दू भाइयों को राखी बांधने के सवाल पर उनका कहना है कि हमारे परिवार में तो किसी ने इसके लिए टोका ही नहीं। बहुत लोगों को पता नहीं होगा कि महाराज धौलपुर की बेटी को नवाब रजा अली खां ने गोद लिया था। 

महाराज धौलपुर की कोई संतान जीवित नहीं बचती थी, जब उनके यहां एक बेटी ने जन्म लिया था तो नवाब रजा अली खां ने उसे गोद लिया था। बेगम का कहना है कि वैसे तो हमारी छह ननदें थीं, लेकिन सबसे ज्यादा सम्मान सातवीं ननद उर्मिला देवी का था। उर्मिला देवी की शादी नाभा के महाराज के साथ हुई थी। 

उनका कहना है उर्मिला देवी अब इस दुनिया में नहीं, लेकिन उनके बच्चों के साथ भी वही ताल्लुकात है। बेगम का कहना है कि हमारे परिवार में कोई भी शादी ब्याह होता है कि उर्मिला देवी के बच्चे भी आते हैं। बेगम का कहना है कि हमारे जमाने में हिन्दू-मुसलमान की तो बात ही नहीं थी। रिश्ते निभाने के लिए होते हैं, नहीं निभा सकते हो बनाओ ही नहीं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed